
उपवास करना हमारी प्राचीन परंपरा का एक अभिन्न अंग है। लगभग सभी धर्मों में उपवास रखने की परंपरा है। देवी देवताओं में श्रद्धा रखने वाले माता के नवरात्र, शिवजी की शिवरात्रि और सोमवार के व्रत, कृष्ण की जन्माष्टमी के व्रत बहुत सी महिलाएं रखती हैं।
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बाकी व्रत तो सप्ताह में एक बार या पंद्रह दिन में एक बार आते हैं पर नवरात्र साल में दो बार 7 से 8 दिन तक के लिए आते हैं। बहुत से स्त्री पुरूष, बच्चे सभी नवरात्र रखते हैं। शरद काल में आने वाले नवरात्र अपने साथ अन्य त्यौहारों की शुरुआत का शुभ संदेश भी लाते हैं।
नवरात्रों के व्रत मां की आराधना के लिए किए जाते हैं ताकि मां दुर्गा अपने सब बच्चों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें। उपवास के नौ दिनों में अपने स्वास्थ्य का ध्यान हमें रखना होता है ताकि हम स्वस्थ रहकर मां की अर्चना पूजा अपने स्वस्थ तन मन से कर सकें और मां को प्रसन्न कर सकें।
साल में आने वाले दोनों नवरात्र व्रतों में हम अपना पाचन तंत्र सुधार सकते हैं और रक्त में शर्करा की मात्रा और वजन काबू में रख सकते हैं। व्रत हमारे शरीर के लिए अच्छे होते हैं, हमारे शरीर को डिटाक्सफाइ करते हैं लेकिन ध्यान रहे कि इस दौरान आपका भोजन सुपाच्य और पौष्टिक होना चाहिए तथा प्रयास कर भोजन का सेवन सूर्यास्त पर हो जाना चाहिए।
उपवास के दिनों में रखें ध्यान
व्रत वाले दिन थोड़ा थोड़ा कर खाते रहें, ताकि शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बना रहे और कमजोरी महसूस न हो।
नारियल पानी, नींबू पानी, साधारण पानी और ग्रीन टी का सेवन करें ताकि शरीर से विषैले तत्व यूरिन के द्वारा बाहर निकलें।
व्रत वाले दिन लौकी, सीताफल, टमाटर, पालक, आलू का सेवन साबूदाने की खिचड़ी और समा के चावल के साथ करें। आलू, साबूदाना उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ हैं। सब्जियों का सेवन तल कर न करें बल्कि भूनकर, उबाल कर हल्का तड़का देकर करें।
दूध, दही, लस्सी का सेवन करें।
कुट्टू के आटे की पूरी, परांठे, चीले, पकौड़े के स्थान पर इसकी रोटी बनाकर दही या सब्जी के साथ खाएं। चाहें तो आटे में उबला आलू या पालक डाल सकते हैं। कुट्टू प्रोटीन और कार्बोहाइडेÑट का अच्छा स्रोत है।
-समाक के चावल में लौकी, सीताफल, आलू, टमाटर को कद्दूकस कर बनाएं। ये चावल पचने में आसान होते हैं। समाक के चावल की खीर भी बना सकते हैं।
फ्रूरूट रायता के साथ खजूर, किशमिश भी ले सकते हैं।
बाजार के तले स्नैक्स का सेवन न करें। घर पर मखाने, बादाम, अखरोट, कच्ची मूंगफली नमक में भूनकर रखें और भूख लगने पर चाय के साथ थोड़ी ले लें। पेट काफी देर तक भरा रहेगा और यह हैल्दी स्नैक भी होगा।
फुल क्रीम दूध का सेवन न करें। टोंड दूध से दही बनाएं, पीने के लिए भी टोंड दूध का सेवन करें।
प्रात: की शुरुआत आप ग्रीन टी के साथ कर सकते हैं। साथ में दो तीन खजूर या थोड़ा ड्राई फ्रूट ले सकते हैं। रात्रि में खाना 7 बजे से 7.30 बजे तक अवश्य खा लें ताकि सोते समय पेट हल्का महसूस हो। रात्रि में कुछ भी तला न खाएं।
नीतू गुप्ता


