Tuesday, March 24, 2026
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एनजीटी ने कहा कोरोना से ज्यादा वायु प्रदूषण मृत्युदर बढ़ने का प्रमुख कारक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और बुरी तरह बिगड़ी वायु गुणवत्ता के बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी कर ली। इसका फैसला 9 नवंबर को एनजीटी की वेबसाइट पर अपलोड होगा।

पीठ को न्यायमित्रों ने बताया, दुनिया में कोरोना से हुई कुल मौतों में 15 फीसदी वायु प्रदूषण के कारण हुई हैं। एनजीटी ने 7 से 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के लिए 18 राज्यों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा था।

एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की पीठ को न्यायमित्र राज पंजवानी और शिबानी घोष ने स्टेट ऑफ ग्लोबल 2020 रिपोर्ट का हवाला देते हुए दुनियाभर में कोरोना से हुई मौतों में 15 फीसदी वायु प्रदूषण के कारण होने की जानकरी दी।

वायु प्रदूषण कोरोना की मृत्युदर बढ़ने का प्रमुख कारक है। न्यायमित्रों ने पीठ से सभी प्रकार के पटाखा निर्माण और विक्रय लाइसेंस रद्द करने की मांग की, फिर चाहें वे किसी भी प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए हों।

पटाखा निर्माताओं के संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने इसका विरोध करते हुए कहा, ऐसे निश्चित सबूत नहीं हैं। वहीं पर्यावरण मंत्रालय के वकील बालेंदु शेखर ने पीठ को बताया, वायु प्रदूषण का कोरोना मृत्युदर से संबंध सिद्ध करने वाला निर्णायक शोध नहीं है।

हमने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से पक्ष मांगा है। इसके बाद पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा, सरकार व अन्य शुक्रवार शाम तक अपना पक्ष रख सकते हैं। पीठ ने बताया, 9 नवंबर तक उसका आदेश वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।

न्यायमित्रों ने कहा, ग्रीन पटाखों से भी वायु प्रदूषण होता है। इसलिए सभी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाए। अगर कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करे और पटाखा बेचता मिले तो उस पर पर्यावरण को नुकसान पहुुंचाने के लिए एक लाख रुपये जुर्माना लगाया जाए। वहीं, पटाखों का इस्तेमाल करने या इसकी इजाजत देने वाले व्यक्ति पर 10 हजार का जुर्माना लगाने का सुझाव दिया गया।

दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को पटाखों पर प्रतिबंध का एलान कर दिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली में वायु प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर है साथ ही कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेटों के साथ समीक्षा के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण कोराना मामले बढ़े हैं।

ऐसे में हम दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाते हैं। इसके अलावा त्योहारों के चिकित्सा का बुनियादी ढांचा और मजबूत किया जाएगा, अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।

उधर, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को काली पूजा के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर फैसला सुनाया।

काली पूजा 15 नवंबर को है। कोर्ट की रोक जगतधात्री पूजा, छठ और कार्तिक पूजा में भी लागू रहेगी। इसके अलावा दुर्गा पूजा पंडालों में प्रवेश को लेकर जारी दिशा-निर्देश काली पूजा में भी लागू रहेंगे।

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