- मेरठ परिक्षेत्र परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ की बैठक, कार्यशाला में पौधारोपण
- मेरठ डिपो की बदहाली देखकर जताई हैरानी, व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लखनऊ से आए परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक और मेरठ परिक्षेत्र के नोडल अधिकारी रविन्द्र सिंह गुरुवार को मेरठ पहुंचे। अपने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के पहले दिन उन्होंने मोदीपुरम स्थित नई कार्यशाला कार्यशाला का निरीक्षण करते हुए यहां पौधारोपण किया। बसों का संचालन सुचारू करने और आय बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए उन्होंने रक्षाबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
दोपहर बाद मेरठ पहुंचे नोडल अधिकारी रविन्द्र सिंह सबसे पहले मोदीपुरम स्थित नई कार्यशाला का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। वहां की व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने सही प्रकार से बसों के मेंटीनेंस करते रहने पर बल दिया। उन्होंने कार्यशाला प्रबंधक से इसके बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके उपरांत वे मेरठ डिपो और यहां स्थित वर्कशॉप का निरीक्षण्ण करने के लिए आए।
डिपो में कच्ची मिट्टी, जगह-जगह जलभराव, डिपो में बने कक्षों की बदहाली को देखकर हैरानी जताई। उन्होंने एआरएम को फटकार लगाते हुए व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने नोडलअधिकारी को डिपो और वर्कशॉप में जारी अव्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। यह भी बताया कि मुख्यालय से पार्ट्स न मिल पाने के कारण बसों की मरम्मत आदि का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है।

नोडल अधिकारी ने शीघ्र जरूरत के अनुसार पार्ट्स उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने आरएम कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा और परिक्षेत्र के समस्त सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ बैठक की। जिसमें निगम को होने वाली आय की समीक्षा करते हुए इसको बढ़ाने की कार्ययोजना पर बल दिया। उन्होंने आगामी 11 अगस्त को आने वाले रक्षाबंधन के पर्व पर बसों का संचालन सुचारू रखने के निर्देश दिए।
उनका कहना था कि इस अवसर पर यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। वहीं गढ़ मुक्तेश्वर डिपो के स्टेशन प्रभारी अनिल कुमार की ओर से एक पत्र नोडल अधिकारी को दिया गया। जिसमें बताया गया कौशांबी और आनन्द विहार बस स्टैंड में एक सड़क का फासला है। लखनऊ से संचालित बसें कौशांबी तक चलती हैं। जबकि अन्य डिपो की बसों को आनन्द विहार भेजा जाता है।
दिल्ली में पड़ने वाले आनन्द विहार जाने वाली बसों का किराया 27 रुपये तक अधिक हो जाता है। मांग की गई सभी बसों का संचालन आनन्द विहार के बजाय सड़क के दूसरी ओर स्थित कौशांबी से कराया जाए। जिससे यात्री निगम की बसों में बैठकर कम किराये में यात्रा कर सकें। वर्तमान में यात्री डग्गामार बसों को वरीयता देते हैं। नोडल अधिकारी का निरीक्षण शुक्रवार को भी जारी रहेगा।

