Wednesday, February 21, 2024
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अब सम्पूर्ण विश्व सुनेगा “श्री रामचरितमानस”

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  • “श्री रामचरितमानस” आधिकारिक तौर पर प्रसारित विश्व का सबसे लंबा गाना गिनीज़ बुक में दर्ज।

जनवाणी ब्यूरो |

वाराणसी: 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड का गाना “श्री रामचरितमानस” दुनिया भर के सौ से ज्यादा आधिकारिक ऑडियो चैनल में प्रसारित करके 5 साल बाद, पाँचवीं बार फिर डॉ जगदीश पिल्लई का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ और वे उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा गिनीज़ रिकॉर्ड धारी बने हुये हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डा. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ आज डॉ० जगदीश पिल्लई के आवास पर जाकर गिनीज़ सर्टिफिकेट का विमोचन करके उन्हें आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान किया|

इस अवसर पर माननीय मंत्री जी ने कहा है कि हिन्दी भाषी ना होने के बावजूद अवधि भाषा में इतने सुंदर एवं भावनात्मक तरीके से भजन एवं कीर्तन के साथ इतने लंबे गाने को खुद धुन देकर गाना एवं गिनीज़ रिकार्ड के नियमों के अनुसार आधिकारिक तौर पर दुनिया भर के औडियो चैनल पर प्रसारित करके “गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड” में अपना नाम दर्ज कराकर भारत देश को विश्व पटल पर रोशन करने वाले इस अद्भुत कार्य के लिए डॉ० पिल्लई की जितनी भी सराहना की जाए वह कम है|

इस बृहद कार्य को पूर्ण करने में कुल चार साल का समय लगा। पहले यह रिकॉर्ड अमेरिका एवं यूo केo यूनाइटेड किंगडम के नाम था, अब भारत के नाम हो गया है।

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा कृत श्री रामचरितमानस के पूरे पुस्तक को अपने अलग तरीके से स्वयं एक नया धुन में भजन एवं कीर्तन के साथ 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड का गायन करके दुनिया भर के आधिकारिक म्यूजिक चैनल्स जैसे एप्पल म्यूजिक, स्पॉटीफाई, अमेज़ॉन म्यूजिक आदि सौ से ज्यादा प्लेटफार्म में प्रसारित कर चुके हैं। इसलिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने श्री रामचरितमानस को “लांगेस्ट ऑफिशियली रेलीसेड सॉंग” यानी “आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त दुनिया के सबसे लंबे गाने” के रूप में दर्ज किया है।

अब तक आधिकारिक तौर पर जारी किया गया सबसे लंबा गाना 115 घंटे 45 मिनट का था जो 1 दिसंबर 2021 को सेंट एल्बंस, हर्टफोर्डशायर, यू o केo में रहने वाले मार्क क्रिस्टोफर ली और द पॉकेट गॉड्स के नाम था। उन लोगों ने एक ही तरह के इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक बजाकर इस रिकॉर्ड को हासिल किया था, मगर डॉ जगदीश पिल्लई ने अपने से बनाये गए धुन में कई साल की कड़ी मेहनत एवं लगन से खुद गायन करके 138 घंटे मिनट 02 सेकंड का लंबा गाना बनाकर, आधिकारिक तरीके से दुनिया भर प्रसारित करके उस रिकॉर्ड को अब भारत के नाम कर लिया है।

डॉ पिल्लई बताते हैं कि 2016 में ही यह देखा गया था कि आधिकारिक तौर पर प्रसारित दुनिया के सबसे लंबे गाने का रिकॉर्ड किसी अमेरिकन के पास है, मगर वो इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक में था। तब से इच्छा थी कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना है क्योंकि जब भारत में रामायण, महाभारत जैसे बृहद ग्रंथ हैं तो ये रिकॉर्ड भी भारत के ही नाम होना चाहिए और खुद गायन के द्वारा इस रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश में लग गए।

अवधि भाषा होने के कारण पहले इस भाषा के बोलचाल एवं उच्चारण को समझने के लिए अपने एक मित्र प्रदीप मिश्रा से मदद लिया था। फिर इतने लंबे समय तक इसकी रिकॉर्डिंग करने के लिए अपने मित्र उन्नति स्टूडियो के मालिक दीपक जायसवाल से संपर्क किया। उन्होंने इसकी पूरी रिकॉर्डिंग कम से कम खर्च लेकर साथ देने का वादा किया। दीपक जायसवाल को भी “गिनीज़ पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट” से सम्मानित किया जाएगा।

मई 20, 2019 को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के नियमों के आधार पर वीडियोग्राफी के साथ इसकी रिकॉर्डिंग शुरू हुई। कोविड महामारी की वजह से एक साल से ज्यादा रिकॉर्डिंग बंद रहा। उसके बाद फिर शुरू हुआ और नवंबर 10, 2022 को रिकॉर्डिंग पूरा किया गया। 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड का गाना तैयार करने में रिकॉर्डिंग, एडिटिंग, मिक्सिंग सहित चार साल में 63 दिन और 295 घंटे का समय लगा।

इस कार्य को पूर्ण करने में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, प्रदर्शन कला विभाग के डीन प्रोफेसर डॉ० शशि कुमार, सहायक प्रोफेसर (मृदंगम) डॉ० सत्यवरा प्रसाद आदि संगीत विद्वानों का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ था।

साथ में जयपुरिया स्कूल, तरना के संगीत अध्यापक श्री अमित कुमार रॉय एवं शहर के प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ सोम दत्त रघु जी का भी विशेष सहयोग रहा। काशी का नाम पहली बार गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 2012 में डॉ जगदीश पिल्लई के द्वारा ही दर्ज हुआ था।

पहले भी बना चुका है ये चार गिनीज़ रिकॉर्ड

1. सबसे कम समय में एनीमेशन मूवी बनाकर 2012 में एक कैनेडियन का रिकॉर्ड तोड़ा था। कैनेडियन ने जो काम छः घंटे में किया था डॉ पिल्लई ने उसको साढ़े तीन घंटे में करके अपना नाम किया था।

2. भारत का झंडा एवं पोस्टकार्ड को लेकर 16300 पोस्टकार्ड से “लांगेस्ट लाइन ऑफ पोस्टकार्ड” चीन का रिकॉर्ड तोड़कर अपना नाम किया था।

3. “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” जनजागरूकता अभियान के तहत “लार्जेस्ट पोस्टर अवेयरनेस कैंपेन” करके तीसरी बार गिनीज़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ था।

4. “योगा जनजागरूकता” अभियान के तहर सबसे लंबा लिफाफा बनाकर चौथी बार अपना नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था।

5. अब 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड के गाने को दुनियाभर के आधिकारिक ऑडियो चैनल में प्रसारित करके पाँचवीं बार गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में काशी एवं देश का नाम रोशन करने में सफल हुए हैं।

इस कार्य को मूर्त रूप देने के लिए डॉo पिल्लई के दोनों पुत्र कार्तिक एवं प्रणव ने भी तकनीकी सहयोग दिया है।

बहुमुखी प्रतिभा एवं सरल व्यक्तित्व के धनी डॉ जगदीश पिल्लई वैदिक साइंस में पी० एच० डी० हैं और 500 से ज्यादा पुस्तकों के लेखक भी है। वह निरंतर भारत के संस्कृति को बढ़ावा देने वाले अनेकों निस्वार्थ सेवा के साथ नई पीढ़ी को प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन देते रहते हैं। छोटा हो या बड़ा मगर कोई भी रचनात्मक कार्य करके कैसे विश्व रिकॉर्ड बना सकते हैं ये डॉ जगदीश पिल्लई ने बनारस के कई बच्चों को सिखाया भी है, कई लोगों को विश्व रिकॉर्ड बनाने में सहयोग भी किये हैं।

सम्मान के रूप में गिनीज़ रिकार्ड वालों ने अपने वेबसाईट पे ये भी लिख दिया है “डॉ. पिल्लई ने काव्य कृति “श्री राम चरित मानस” की पूरी पुस्तक पर आधारित एक एकल ट्रैक की गायन किया और अपना रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसमें 15,000 से अधिक छंद शामिल हैं। यह महाकाव्य अवधी भाषा (हिंदी का एक लोक रूप) में है, और 16 वीं शताब्दी के भारतीय भक्ति कवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है।  काशी में कहीं भी कोई भी विश्व रिकॉर्ड हो, और डॉ जगदीश पिल्लई का नाम या योगदान ना हो ये हो नहीं सकता।

ऐसे ही और भी कुछ अलग एवं अद्भुत कार्य करने में लगे हुए हैं जिसका परिणाम आने वाले महीनों में देखा जा सकता है| फिलहाल काशी में सिर्फ इन दोनों ने ही गिनीज़ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर के गिनीज़ का प्रमाण पत्र प्राप्त किये हैं।

1. डॉ जगदिश पिल्लई (अलग अलग विधा में) – पांच बार
2. मास्टर अर्जुन सिंह – तीरंदाज में – दो बार

(दोनों लोगों को सारे प्रमाण पत्र प्राप्त है)

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