- बिजली कटौती पर एमडी की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से सांसत में जान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जानलेवा गर्मी, बिजली की डिमांड में जबरदस्त उछाल और ट्रांसफार्मर ओवरलोड, ऐसे में बिजलीघर बचाने के लिए शटडाउन न लें तो पूरे बिजलीघर के फ्यूज उड़ने का खतरा और यदि अचानक शटडाउन लिया तो फिर कार्रवाई का खतरा। विभागीय सूत्रों की मानें तो पहली बार इतने बड़े स्तर पर एमडी स्तर से स्टाफ खासतौर से पीवीवीएनएल के अफसरों पर कार्रवाई हुई हैं। ऐसा नहीं कि पहले कार्रवाई नहीं होती थीं, पहले केवल कारण बताओ नोटिस देकर काम चला लिया जाता था, लेकिन अब तो सीधे सस्पेंशन और बर्खास्तगी सरीखी कार्रवाई की जा रही हैं।
हालांकि गनीमत ये है कि बर्खास्तगी की कार्रवाई संविदा स्टाफ की हुई है और अब तक केवल एक ही ऐसा मामला सामने आया है। दो दिन से बिजली कटौती के स्थिति में सुधार हुआ है। इसके लिए अफसरों को काफी पसीना बहाना पड़ा है। उनकी जान सांसत में है। मेरठ ही नहीं प्रदेश भर में बिजली कटौती से हंगामा मचा हुआ है। बिजली की मांग में बेतहाशा वृद्धि होने से ट्रांसफॉर्मर लोड नहीं संभाल पा रहे हैं। इससे फाल्ट हो रहे हैं। जिसका खामियाजा गांव से लेकर शहर तक के लोगों को भुगतना लड़ रहा है।
बिजली कटौती से हालात बेहद खराब हो गये हैं। जगह-जगह पर हंगामे और प्रदर्शन हो रहे हैं। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल नें प्रदेश के सभी प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया कि गर्मी से परेशान जनता को उनकी मांग के अनुसार बिजली उपलब्ध कराएं। इस संबंध में उन्होंने मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, पूर्वांचल एवं केस्को के अधिकारियों से क्षेत्रवार जानकारी ली। निर्देश दिया कि ओवरलोडिग, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को लेकर अलर्ट रहे।
पुलिस के सघन तलाशी अभियान में हुए 10 चालान
मेरठ: बुधवार देर रात एसएसपी के आदेश पर पूरे शहर में पुलिस ने सघन तालाशी अभियान चलाया। इस दौरान दुपहिया व चौपहिया वाहन चालकों की भी तालाशी ली गई। शहर के सभी प्रमुख चौराहों व मुख्य सड़कों पर देर रात शहर की पुलिस ने तालाशी अभियान चलाया। पुलिस ने चौपहिया वाहन चालको को रोककर वाहन के कागजों की चेकिंग की। साथ ही वाहन के भीतर भी सीटों के नीचे और डिग्गी खुलवाकर कारों की तालाशी ली गई। दुपहिया वाहन चालकों के लाइसेंस व वाहन के कागजातों को चेक किया गया। बिना हैलमेट वाहन चलाने वालों के साथ ऐसे वाहन चालकों जिनके कागजातों में कुछ भी कमी पाई उनके खिलाफ वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 10 वाहन चालकों का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान भी किया।

