- परिवहन निगम मुख्यालय ने दिए थे रोडवेज अधिकारियों को आदेश
- एक माह बीतने के बाद भी नहीं हो सकी पहल
- क्षेत्रिय प्रबंधक ने सभी डिपो के अधिकारियों को किया पुन: निर्देशित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ क्षेत्र की सभी रोडवेज बस डिपो में परिचालकों की भारी कमी है, जिसको देखते हुए परिवहन निगम मुख्यालय से लगभग एक माह पूर्व क्षेत्रिय प्रबंधक के कार्यालय में ई-मेल भेजा गया था। जिसमें परिचालकों के रिक्त पदों को परिवहन निगम के सेवानिवृत परिचालकों द्वारा भरने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं इस बाबत यथाशीघ्र ठोस कदम उठाने के सख्त दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी मेरठ क्षेत्र की किसी भी रोडवेज बस डिपो के अधिकारी ने इस बाबत कोई भी कदम नहीं उठाए।
मुख्यालय के आदेश की बेमानी करने वाले रोडवेज अधिकारियों को क्षेत्रिय प्रबंधक ने गहरी नाराजगी जताते हुए एक बार फिर से निर्देशित किया है। ताकि रोडवेज में चली आ रही परिचालकों की कमी को जल्द पूरा किया जा सके। बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मेरठ क्षेत्र के अर्न्तगत पांच बस डिपो आते हैं। जिनमें मेरठ बस डिपो, सोहराबगेट बस डिपो, भैंसाली बस डिपो, गढ़मुक्तेश्वर बस डिपो एवं बड़ौत बस डिपो शामिल हैं। इस पांचों बस डिपो में बसों की अपेक्षा परिचालकों की भारी कमी लगातार बनी आ रही है।
जिसके चलते बसें सड़कों पर कम दौड़ती हैं। जबकि डिपो में ज्यादा खड़ी रहती हैं। इस बात के कारण यात्रियों क ो भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिचालकों की भारी कमी को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लखनऊ स्थित मुख्यालय से मेरठ के क्षेत्रिय प्रबंधक को लगभग एक माह पूर्व ई-मेल द्वारा सूचना भेजकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए थे कि परिचालकों की रिक्तियों को परिवहन निगम के सेवानिवृत परिचालकों द्वारा संविदा पर रखकर के भरा जाए।
मुख्यालय से निर्देश आते ही मेरठ के क्षेत्रिय प्रबंधक के के शर्मा द्वारा सभी पांचों डिपो के एआरएम को इस बारे में पत्र के माध्यम से सूचित किया गया। साथ ही साथ मुख्यालय के निर्देर्शों का प्रमुखता से पालन करने के लिए के लिए भी सख्त हिदायत दी गई, लेकिन पांचों डिपो के एआरएम में से एक ने भी इस पर कोई गौर नहीं की और न ही इस बारे में किसी को कुछ बताया, न इस बात का प्रचार किया।
जिसके चलते परिचालक पद की रिक्तियों को भरने का कार्य लंबित पड़ा रहा। ऐसे में स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही, परिचालकों क ी कमी के कारण यात्रियों को रोडवेज बसों की बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। परिवहन निगम के आदेश की बेमानी करने वाले सभी पांचों डिपो के एआरएम को मेरठ के क्षेत्रिय प्रबंधक ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए एक बार फिर से दिशा-निर्देश दिए हैं। जिनमें इस बाबत यथाशीघ्र ठोस कदम उठाने के लिए कहा गया है। ताकि परिचालकों की भारी कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके और यात्रियों को बसों की बेहतर सुविधा प्रदान हो सके।
रोडवेज परिचालकों के लिए खुशखबरी बन सकते हैं सहायक कोषाध्यक्ष
क्षेत्र क ी सभी पांच रोडवेज बस डिपो में कार्यरत परिचालकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, परिवहन निगम रोडवेज के सहायक कोषाध्यक्ष के रिक्त पदों को परिचालकों की प्रोन्नति द्वारा भरेगा। इस बाबत मेरठ क्षेत्र के क्षेत्रिय प्रबंधक कार्यालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। क्षेत्रिय प्रबंधक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मेरठ क्षेत्र की मेरठ डिपो, भैंसाली डिपो, सोहराबगेट डिपो, गढ़मुक्तेश्वर व बड़ौत बस डिपो में सहायक कोषाध्यक्ष के कई पद रिक्त हैं।
इन पदों को परिवहन निगम ने परिचालकों की पदोन्नति के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है। जिसके चलते क्षेत्रिय प्रबंधक के के शर्मा ने सभी पांचों रोडवेज डिपो कार्यालय को पत्र भेजकर इस बाबत कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। परिचालकों की पदोन्नति के संदर्भ में कई अहम् बातें ध्यान में रखी जाएंगी, जिनमें विगत 10 वर्षों की सत्यनिष्ठा का प्रमाणीकरण, गत पांच वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट, गत पांच वर्षों में परिचालक को दिए गए दंडों का विवरण, वर्तमान में गतिशील अनुशासनिक कार्रवाई का विवरण के साथ साथ यदि किसी प्रकार का कोई आरोप, प्रकरण या रिर्पोट लंबित हो तो उसका विवरण देना शामिल होगा।
साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि वर्तमान में परिचालक दंडावधि में है या नहीं। वहीं गत तीन वित्तिय वर्षों की उपस्तिथि एवं वर्तमान कार्य एवं व्यवहार रिपोर्ट भी देखी जाएगी। इस बाबत पदोन्नति से सहायक कोषाध्यक्ष बनने के इच्छुक परिचालक अपना आवेदन पत्र समय रहते संबंधित कार्यालय में जमा करा सकते हैं। वहीं, इस बारे में मेरठ डिपो के क्षेत्रिय प्रबंधक केके शर्मा का कहना है कि निर्धारित तिथि के बाद किसी आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।

