Tuesday, March 24, 2026
- Advertisement -

दिनभर साबुन फैक्ट्री साबित करने में जुटे रहे अफसर

  • गोदाम सहित आसपास के कई घर आये चपेट में

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लोहिया नगर के एम पाकेट में मंगलवार की सुबह हुए धमाके कोे मौके पर पहुंचे कुछ अफसर पटाखों के जखीरे के गोदाम को क्यों साबुन का गोदाम या फैक्ट्री साबित करने पर तुले हुए थे। हादसे की सूचना पर मौके पर तमाम आला अफसर पहुंचे थे। मौके पर पहुंचे अफसर ही हादसे के कारण को लेकर लगातार अपडेट भी दे रहे थे। शुरूआत में जो अपडेट दी गयी उसमें यही बताया गया कि साबुन बनाने की फैक्ट्री में ही विस्फोट हुआ है।

इस फैक्ट्री में साबुन बनाने में प्रयुक्त होने वाले किसी रसायन की वजह से ही संभवत विस्फोट हुआ होगा। अफसरों ने शुरू में यहां पटाखे बनाए जाने या पटाखों में प्रयुक्त होने वाले गंधक पोटाश सरीखे किसी घातक सामान के मिलने की बात को एक सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि इसको लेकर तमाम सवाल शुरू से ही उठ रहे थे। जो भी अफसर मौके पर मौजूद रहे वो पूरी तरह से साबुन बनाने के सामान में विस्फोट होने की बात पर अड़े रहे,

19 18

लेकिन दोपहर के बाद जब वहां मेरठ से बाहर की टीमों ने काम शुरू किया तब पटाखे बनाने के सामान के होने की बात सामने आयी। इसके अलावा एनडीआएफ की टीम ने जब वहां मलवा हटाने का काम शुरू किया तो बने व अध बने पटाखों का जखीरा मिलना शुरू हो गया। इनमें से कुछ पटाखे जो पूरी तरह से तैयार थे उनको एनडीआरएफ के अफसरों ने मेरठी अफसरों की हथेली पर लाकर रख दिया

और बताया कि यहां पटाखे बनाने का अवैध कारोबार किया जा रहा था। नीचे जितना भी मलवा मिला उसमें पटाखे दबे पाए गए। इसके बाद दमकल वाहनों ने इन पटाखों को निष्क्रिय करने के लिए ज्यादा पानी का प्रयोग किया। शाम करीब छह बजे तक दमकल के वाहन जिस फैक्ट्री में यह धमाका हुआ था, वहां मौके पर पानी की बरसात करते रहे। आसपास के लोगों ने तो पहले ही बता दिया था कि वहां पटाखे बनाए जा रहे थे।

फीड बैक था फिर भी रहे चुप

लोहिया नगर के इस इलाके में पटाखे बनाने का काला कारोबार किया जा रहा है इसका पहले से फीड बैक था। सूत्रों ने जानकारी दी है कि दूसरे जनपदों की पुलिस की ओर से मेरठ के कुछ खास पुलिस वालों को लोहिया नगर में पटाखों के कारोबार के तेजी से फैलने की जानकारी दी गयी थी। इसके बाद भी कोई कार्रबाई न किया जाना वाकई हैरानी भरा तो है।

कच्ची शराब की तर्ज पर काम

बताया जाता है कि इस पूरे इलाके में खादर के कच्ची शराब के कारोबार की तर्ज पर ही पटाखे बनाने का धंधा तेजी से पांव पसार रहा था। कच्ची शराब की तर्ज पर ही इस धंधे में मोटा मुनाफा होने की वजह से ही यह धंधा अब स्थानीय स्तर पर किया जाने लगा है। इससे पहले पटाखे वेस्ट बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों से मंगाए जाते थे, लेकिन वो काफी महंगे पड़ते थे।

रास्ते में धरपकड़ ज्यादा

दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर रोक के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के चलते दीपावली के मौके पर दूरदराज के राज्यों से पटाखे मंगाया जाना एक काफी जोखिम भर हो गया है। रास्ते में चेकिंग व माल के पकड़े जाने की घटनाएं अधिक होने की वजह तथा स्थानीय प्रशासन से पटाखे बेचने की अनुमति न मिलने के कारण इस धंधे में लगे लोगों ने अपने काम का तरीका अब बदल लिया है।

चंद सेकंड में विस्फोट ने मचाया खूनी कहर

लोहिया नगर एम पॉकेट में बम धमाके जैसी गूंज वाला विस्फोट इतना तेज और भंयकर था कि सुबह दिन निकलते चंद सेकंड के विस्फोट ने आसपास में इतना कहर बरपाया। शास्त्री नगर निवासी संजय गुप्ता व अशोक ने लोहिया नगर में एम- 307 व 308 के आवासीय दो प्लॉट को गोदाम बनाकर किराये पर दिया हुआ था। शास्त्रीनगर सेक्टर-7/ 428 निवासी गौरव गुप्ता पुत्र राजीव गुप्ता और आलोक रस्तौगी व उदयराज तीन पार्टनर ने मिलकर महीनों पहले संजय गुप्ता से दोनों गोदाम किराये पर लिये थे।

गौरव ने ग्राउंड फ्लोर के पीछे हिस्से में प्लॉस्टिक का काम किया हुआ था। वहीं आलोक रस्तोगी ने साबुन व फिनाइल की एजेंसी ले रखी थी। उदय राज का पुरानी मशीनों पर पेंटिंग व मरम्मत का कारोबार था, लेकिन आवासीय गोदाम में बड़े पैमाने पर गोपनीय रुप से बम और पटाखे बनाये जा रहे थे। गोदाम में बिहार राज्य के जिला भोजपुर निवासी छह-सात लोग रहते थे। गोदाम में पटाखों का तैयार करने वाली विस्फोट सामग्री व बच्चों की पिस्तौल में भरी जाने वाली विस्फोटक गोलियों के पैकेट से भरे प्लॉस्टिक के कट्टे रखे थे। मंगलवार सुबह अचानक आतिशबाजी के दोनों गोदाम में जबरदस्त विस्फोट होता है।

17 18

विस्फ ोट इतना भंयकर और जबरदस्त था कि पहली मंजिल पर बने गोदाम के पिलर व छत और चारों ओर की दीवारें उड़ गई। चंद सेकंड में पहली मंजिल का हिस्सा और ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। पहली मंजिल का लिंटर टूट कर ग्राउंड फ्लोर पर नीचे आ गिरा। 150 मीटर दूरी पर सत्यकाम इंटरनेशनल स्कू ल की बिल्डिंग के शीशे भी चटक गए। लोगों ने देखा कि एम पाकेट 307, 308 में बना गोदाम पूरी तरह धवस्त हो गया था।

गोदाम के मेनगेट पर लगे दस फीट ऊंचे लोहे के गेट भी परखच्चे की तरह उड़कर सड़क पर गिरे हुए थे। विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज थी कि सामने सड़क पर लगा बिजली का खंभा भी जमीन से निकलकर सड़क पर आ गिरा था। लोगों ने देखा कि चार मजदूर झुलसे हुए मृत अवस्था में सड़क पर पड़े हैं। एक व्यक्ति का हाथ भी सड़क पर मलबे के बीच पड़ा था। वहीं बिजली के खंभे के नीचे दो लोग दबे हुए थे। तीसरा व्यक्ति पूरी तरह नंगा झुलसी अवस्था में उल्टा था।

घटनास्थल पर दौड़े आलाधिकारी

डीएम दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण व एसपी सिटी पीयूष कुमार व सीओ कोतवाली अमित कुमार, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रशासनिक अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंच गया। डीएम ने अधिकारिक तौर पर गोदाम में साबुन फैक्ट्री में विस्फोट होना बताया।

एनडीआरएफ टीम के 35, फायर के 25 कर्मी बचाव कार्य में जुटे

लोहिया नगर कालोनी के एम पॉकेट में आतिशबाजी के गोदाम में विस्फोट की सूचना फायर विभाग को सात बजकर 33 मिनट पर मिली। सूचना मिलते ही फायर विभाग की पांच यूनिट के फायरकर्मी मौके पर पहुंच गये। फायर विभाग के कर्मी मुस्तैदी के साथ गोदाम में उठते हुए धुंऐ व आग पर काबू पाने के लिए मुस्तैदी के साथ मौके पर डट गए। करीब दो घंटे बाद नौ बजे के आसपास दो जेसीबी गोदाम के पिछले हिस्से में गिरे मलबे को हटाने पहुंची तो तभी जोरदार चौथा धमाका हुआ।

धमाके से मौके पर काम कर रहा जेसीबी चालक मामूली रूप से घायल हो गया। वहीं एक बार फिर धमाके से आसपास में अफरातफरी मच गई। फायरकर्मियों ने बड़ी हिम्मत के साथ मलबे में तब्दील गोदाम में लगी आग और धुंऐ पर काबू पाया। सीएफओ संतोष कुमार ने बताया कि हादसे में पांच यूनिट को लगाया गया था। करीब 20 लोगों ने तत्परता से विस्फोटक से लगी आग पर काबू पाया। बड़े धमाके की सूचना मिलते ही गाजियाबाद से एनडीआरएएफ टीम लोहिया नगर मौके पर पहुंच गई।

16 19

इंस्पेक्टर दीपू सिंह के नेतृत्व में 35 सदस्यीय टीम के कर्मी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर पहुंचते ही एनडीआरएफ टीम ने जमींदोज हुए पिलरों में लगे मोटे सरियों को कटर से काटा। हादसे में सभी लोगों का मानना था कि गोदाम के मलबे में कई लोगों अंदर दबे हैं। लिहाजा जब तक मलबे को नहीं हटाया जायेगा। तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता। इस बीच अधिकारियों ने जेसीबी मशीनों से मलबा हटवाने के लिए कहा गया।

जेसीबी ने मौके पर मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन कई मोटे पिलर और बड़ा वजनदार लिंटर होने की वजह से एनडीआरएफ की टीम ने मोटे लोहे को कटर से काटकर अलग कर मलबे के बीच रास्ता बनाया। शाम तक एनडीआरएफ टीम मौके पर मलबा हटवाने और बचाव कार्य में लगी रही, लेकिन शाम तक मलबे के नीचे किसी अन्य के दबे होने की आशंका कम थी।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में नरमी, सोना ₹2,360 और चांदी ₹9,050 तक टूटी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव...

Delhi Budget 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया ‘हरित बजट’, विकास और पर्यावरण में संतुलन पर जोर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार...

Share Market: शेयर बाजार में तेजी का रंग, सेंसेक्स 1,516 अंक उछला, निफ्टी 22,899 पार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को...

LPG Rate Today: एलपीजी सिलिंडर के आज के रेट, सप्लाई संकट के बीच क्या बढ़ेंगे दाम?

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: देशभर में घरेलू और कमर्शियल...

Delhi Bomb Threat: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को बम धमकी, CM और केंद्रीय नेताओं के नाम भी शामिल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता...
spot_imgspot_img