- क्रिसमस और न्यू ईयर को लेकर लोग कर रहे खरीदारी
- पोस्टरों पर दिखे नियम कायदे नहीं हो रहा नियमों का पालन
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: क्रिसमस और न्यू ईयर नजदीक है। जिसके कारण बाजारों में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। शहर के बाजारों को देखकर नहीं कहा जा सकता है कि यहां मेरठवासियों में ओमिक्रॉन की दहशत है। बाजार में चारों ओर भीड़ ही भीड़ है और यहां न तो ग्राहक ही नियमों का पालन कर रहे हैं और न ही दुकानदार। दुकानों में सैनिटाइजेशन की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि ओमिक्रॉन के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मेरठ में जिला प्रशासन भी लापरवाही से काम ले रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में दिखाई पड़ सकता है।
बता दें कि देशभर में कोरोना नया वैरिएंट ओमिक्रॉन धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। यहां भारत में भी ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या दिन-पर-दिन बढ़ रही है। मेरठ के करीब ही स्थित दिल्ली में ही मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके बावजूद यहां मेरठ में कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। बाजारों में यहां दिन-पर-दिन भीड़ बढ़ती जा रही है और ग्राहक नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं। जिसका खामियाजा पूरे शहर को उठाना पड़ सकता है।
नियमों के साथ बाजारों में हो रहा खिलवाड़
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिला प्रशासन की ओर से बाजारों के लिये कुछ नियम लागू किये गये थे। जिसमें बाजारों में सभी दुकानों पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था, बिना मास्क के ग्राहकों को अंदर दुकान में न आने देना, दो गज की दूरी बनाकर रखना। यह नियम अब बस दीवारों पर लगे पोस्टरों पर ही दिखाई दे रहे हैं और लोग इनका पालन करना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। उधर, जिला प्रशासन इस सब से आंखें मूंदे हैं। जिसके चलते आने वाले दिनों में इसका खामियाजा सभी को उठाना पड़ सकता है।
न प्रशासन और न ही व्यापारी उठा रहे जिम्मेदारी
ओमिक्रॉन को लेकर यहां किसी में कोई डर नजर नहीं आ रहा है। बाजारों में व्यापारी संगठन भी नियम कायदों का पालन कराते नजर नहीं आ रहे हैं। इस समय जिला प्रशासन केवल सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त है और व्यापारी अपनी जेबे भरने में आम आदमी की किसी को नहीं पड़ी है। लोग भी अपनी जान के साथ खुद ही खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन अगर सख्ती करे तो इस आनी वाली मुसीबत को पहले ही रोका जा सकता है।
बच्चों को लेकर बरतनी होगी ज्यादा सावधानी
शहर के अधिकांश स्कूलों में नियम कायदों को ताक पर रखा जा रहा है। सभी स्कूलों में इस समय बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है और उनकी कक्षाएं चल रही हैं। इस समय सभी स्कूलों में कक्षाएं चल रही है। आॅनलाइन कक्षाएं कुछ ही स्कूलों में संचालित की जा रही है। ऐसे में जिला प्रशासन को अभी से सतर्कता बरतनी होगी जिससे स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सके और छोटे बच्चों की कक्षाओं को फिर से आॅनलाइन चलाया जा सके। अभिभावकों को भी इसके प्रति जागरूक होना होगा।
कोरोना के पांच मरीज होम आइसोलेटेड
मेरठ: बुधवार को जिले में कोरॉना पॉजिटिव मिले डॉक्टर दंपति और उनकी 10 साल की बेटी को होम आइसोलेट किया गया है। अब जिले में कुल पांच लोग होम आइसोलेटेड हैं। वहीं, शुक्रवार को कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि जिले में पांच मरीज होम आइसोलेटेड हैं। इनमें एक-दूसरे राज्य की महिला है।
बता दे कि केरल की सैन्य अधिकारी मेरठ में पोस्टिंग पर ज्वाइनिंग करने आयी थी और कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उन्हें होम आइसोलेट किया गया है। उधर, बागपत रोड के रहने वाले डा. दंपति और उनकी 10 साल की बेटी को भी होम आइसोलेटेड किया गया है। इनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इसके साथ ही इन लोगों के संपर्क मे आने वाले लोगों और आसपास के लोगों के सैंपल भी लिए गए हैं। शुक्रवार को कोरोना का एक भी मरीज पॉजिटिव
नहीं मिला।

