Tuesday, March 17, 2026
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योगी सरकार के बजट को विपक्षी दलों ने सिरे से नकारा

  • उप्र सरकार के आम बजट पर राजनैतिक दलों की प्रतिक्रिया
  • कहा, बजट में व्यापारी, किसान, मजदूरों के लिए कुछ नहीं

जनवाणी संवाददाता |

शामली: उप्र की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट को लेकर विपक्षी राजनैतिक दलों ने किसान, व्यापारी, मजदूरों और महिलाओं के लिए निराशाजनक करार दिया है।

योगी सरकार का दिशाहीन बजट

उप्र के वित्त मंत्री बजट को ऐतिहासिक एवं सर्वसमावेशी बनाने के प्रयासों में इसे दिशाहीन बना बैठे। बजट में न केवल पश्चिमी उप्र की उपेक्षा की गई है बल्कि योगी सरकार ने भी मोदी सरकार की तरह किसानों की आमदनी को 2022 तक दो गुणा करने के जुमले को दोहराया है।

Sudhir

गन्ना किसानों को बजट से बकाया भुगतान के लिए धनराशि की उम्मीद थी लेकिन पूर्व की भाँति उसे भुगतान के आंकड़ों से प्रभावित करने की कोशिश की गई है। कोविड वैक्सीन में 50 करोड़ के आवंटन से स्पष्ट है कि अधिकांश जनता को वैक्सीन का खर्च स्वयं उठाना होगा। सर्वसमावेशी बनाने के प्रयासों में बजट सर्व स्पर्शी बन गया है।                                   -प्रोफेसर सुधीर पंवार, राष्ट्रीय प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी।


हर वर्ग के लिए निराशाजनक बजट

Warish

उत्तर प्रदेश सरकार का ये बजट अत्यन्त निराशाजनक है। शब्दों एवं आंकड़ों की बाजीगरी और जुमलों से परिपूर्ण पेपरलेस ये बजट जॉबलेस, विकासलेस है। व्यापारियों, नौजवान, छात्र, महिला सभी वर्गों को निराश करने वाला है।’                                    -वारिस राव, पूर्व विधायक थानाभवन


बजट में सिर्फ आंकडों की बाजीगिरी

Rakesh

योगी सरकार को प्रदेश की जनता, व्यापारियों, नौजवानों और महिलाओं की कोई चिन्ता नहीं है, यह वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में आज पेश किए गए बजट से साफ हो गया है। भाजपा सरकार और उसके मंत्री सिर्फ आंकड़ों की बाजीगिरी जानते हैं। जिनके माध्यम से वे प्रदेश की भोली-भाली जनता को सिर्फ धोखा देने का काम कर रहे हैं। अब जनता उनको समझ चुकी है।                  -राकेश पाल, जिलाध्यक्ष, बसपा शामली।


किसान हितैषी नहीं बजट

Yogendra

प्रदेश सरकार के बजट में एक भी कृषि शोध केंद्र खुलने तक का जिक्र नहीं है। आवारा गोवंश से आए दिन किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। जिपकी रोकथाम एवं तारबंदी की योजना इस बजट में नहीं है। प्रदेश सरकार ने जहां 400 करोड रुपये किसानों को लोन की व्यवस्था की है, वहीं फसलों के रेट बढ़ाने पर कोई चर्चा नहीं है। प्रदेश सरकार के इस बजट में किसानों की अनदेखी गई की गई है। यह बजट किसान हितैषी नहीं है।
-योगेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष, रालोद शामली।


महंगाई रोकने का नहीं प्रावधान

Deepak

उप्र सरकार का वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट संतोषजनक है। बजट में व्यापारी और किसान के लिए कुछ भी नहीं है। गृहणी के रसोई बजट को बजट ने बिगाड़ दिया है। बजट में सरकार की व्यापारी, किसान, मजदूर, नौजवान और महिलाओं की कोई चिंता नजर नहीं आई है। महंगाई रोकने के लिए बजट में कदम नहीं उठाए गए हैं।                                             -दीपक सैनी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी, जनपद शामली।

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