Friday, May 31, 2024
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अनाथ आश्रम और दो कमरों में विद्यालय

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  • स्कूल चलो अभियान में छात्रों के संख्या बढ़ाने पर जोर, विद्यालय की बिल्डिंग ही नहीं
  • अनाथ आश्रम के दो कमरों में चल रहे दो प्राथमिक विद्यालय, स्टाफ भी बताने को तैयार नहीं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक अप्रैल से प्रदेश के सभी विद्यालयों में नए सत्र की शुरुआत हुई है। जबकि सीएम योगी ने चार अप्रैल को श्रावस्ती में एक कार्यक्रम के दौरान पूरे प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल चलो अभिायान चलाकर छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है, लेकिन उन स्कूलों में छात्रों की संख्या कैसे बढ़ेगी।

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जिनमें बच्चो के बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे की दो विद्यालयों के छात्र एक अनाथ आश्रम की बिल्डिंग में शिक्षा ले रहे हैं। अनाथ आश्रम के दो कमरों में चल रहे दो विद्यालयों के लिए न तो कोई सफाई कर्मचारी है, न ही अन्य सुविधाएं है। शिक्षकों ने भी इस मामले में ज्यादा कुछ बताने से इंकार कर दिया, केवल इतना ही बताया कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। सवाल यह उठता है कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूल चलों अभियान को लेकर क्या सिर्फ दिखावा हो रहा हैै। आखिर प्राथमिक विद्यालयों के पास छात्रों को पढ़ाने के लिए जब व्यवस्था ही नहीं है तो फिर इस अभियान का क्या फायदा।

मोहनपुरी: प्राथमिक विद्यालय

इस विद्यालय की बिल्डिंग में कमरों के नाम पर एक ही भवन है। इसके भवन की भी छत पिछले कई महीनों से लगातार टूट रही है। छत टूटने की वजह से कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों व स्टाफ को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इस विद्यालय में पिछले 40 सालों से एक ही कमरे में पांच कक्षाएं चल रही थी, जो अब दूसरी जगह चलाई जा रही है। विद्यालय के हेड सहायक अध्यापक अनिल ने बताया कि कक्षा एक में इस समय कोई छात्र नहीं है, कक्षा दो में 5, कक्षा तीन में 4, कक्षा चार में 4 व कक्षा पांच में 5 छात्र है। इन छात्रों को शिक्षा देने के लिए दो शिक्षक है। यानी कुल 18 छात्रों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात है।

वैश्य आश्रम: प्राथमिक विद्यालय

इसी तरह प्राथमिक विद्यालय वैश्य आश्रम में अपनी बिल्डिंग नहीं है। अनाथ आश्रम के दो कमरों में यह विद्यालय संचालित हो रहा है। इस विद्यालय में मोहनपुरी के विद्यालयों के छात्रों को भी वहां की बिल्डिंग जर्जर होने के बाद शामिल कर दिया गया है। वैश्य आश्रम प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में कोई छात्र नहीं है, कक्षा दो में 8, कक्षा तीन में 7, कक्षा चार में 8 व कक्षा पांच में 6 छात्र है जिनकी कुल संख्या 29 है। रश्मि चौहान इकलौती शिक्षिका है, जो इन बच्चों को पढ़ाती है। अनाथ आश्रम द्वारा दो कमरे विद्यालय संचालन के लिए दिए गए हैं। जिनमें से एक कमरे में शिक्षकों के लिए स्टाफ रूम बना है। जबकि एक कमरे में दो विद्यालय मोहनपुरी व वैश्य आश्रम के छात्रों को पढ़ाया जा रहा है।

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