जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार को तियानजिन में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। लगभग एक घंटे तक चली इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने सीमा विवाद, व्यापार, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और आपसी रिश्तों को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
करीब 10 महीनों के अंतराल के बाद हुई इस पहली मुलाकात पर दुनिया की नजर टिकी रही, खासकर उस समय जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अमेरिकी टैरिफ के दबाव से जूझ रही है। पिछली बार दोनों नेता अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिले थे।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi holds a bilateral meeting with Chinese President Xi Jinping in Tianjin, China.
— ANI (@ANI) August 31, 2025
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/BNRfDkDtCW
सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी, जिससे हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है।”
कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू, सीधी उड़ानों की बहाली
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर समझौता हो गया है और कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही भारत-चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाओं को भी बहाल किया जा रहा है, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
आपसी विश्वास और सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं, जिससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।”
एससीओ की अध्यक्षता पर बधाई
मोदी ने शी जिनपिंग को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और चीन आने के निमंत्रण व बैठक के लिए धन्यवाद भी प्रकट किया।
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के मुद्दों की व्यापकता को देखते हुए यह संभावना है कि दोनों नेता दिन में एक और बार मुलाकात कर सकते हैं।

