जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश उनकी बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति समर्पण के लिए उन्हें सम्मानपूर्वक याद करता है। उन्होंने अपनी भावनाएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं।
प्रधानमंत्री ने अहिल्याबाई होलकर को सुशासन, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने हमेशा साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नेतृत्व किया और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पीएम मोदी ने कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनकी बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए पूरा देश उन्हें सम्मान और प्रशंसा के साथ याद करता है।”
उन्होंने अहिल्याबाई के योगदान को अतुलनीय बताया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने देशभर में पवित्र मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित किया। उनके प्रयासों ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत किया। उनका समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
अहिल्याबाई होलकर कौन थीं?
अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ और 13 अगस्त 1795 को उनका निधन हुआ। वह मालवा साम्राज्य की रानी थीं और 18वीं शताब्दी की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में गिनी जाती हैं। उन्होंने धर्म का संदेश फैलाने और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान 1780 में काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और मरम्मत कराना था। इसके अलावा, उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में कई धर्मशालाओं, घाटों और मंदिरों का निर्माण कराया। उनके शासनकाल को शांति, न्याय और सामाजिक कल्याण के लिए याद किया जाता है।

