Sunday, March 8, 2026
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पुलिस खुलेआम करवा रही मिट्टी खनन

  • खनन माफिया जानीकलां के जंगल में दिन में ही चीर रहे धरती का सीना

जनवाणी संवाददाता |

जानीखुर्द: एडीजी ने दो दिन पहले ही क्राइम मीटिंग में अवैध खनन होने पर कड़ी कार्रवाई के आदेशों को ताक पर रख स्थानीय पुलिस जानीकलां में जमकर अवैध खनन करा रही है। प्रदूषण के चलते दिए गए विभाग द्वारा दिशा निर्देश भी पुलिस व खनन विभाग द्वारा सिरे से नकार दिए गए। जानी थाना क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े सरेराह जानीकलां के जंगल में खनन माफिया धरती का सीना चीरकर धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। योगी सरकार के जनपद के आलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी सूरत में अवैध खनन न हो।

योगी सरकार के आदेशों के मद्देनजर दो दिन पहले ही एडीजी डीके ठाकुर ने जनपद के सभी अधिकारियों व थाना प्रभारियों की मीटिंग में अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं प्रत्येक थाने पर लिखित में आदेश अलग से भेजकर अवैध खनन का काम करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। पुलिस ने एडीजी, आईजी व एसएसपी डा. विपिन ताडा के आदेशों को रद्दी में डाल कर क्षेत्र के खनन माफियाओं से सांठगांठ कर जमकर अवैध खनन कराया जा रहा है।

जिले के जानी थाना क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि दिन में ही थाना प्रभारी द्वारा ली गई मीटिंग में भी जानी क्षेत्र के वासियों ने क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दिन में ही खनन का कार्य तेजी से क्षेत्र में चल रहा है। क्षेत्र में प्रदूषण की मार तो जनता झेल ही रही है, अवैध खनन से स्थानीय लोगों को मिट्टी की धूल से भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र वासियों ने जानी पुलिस को कई बार शिकायत भी की, लेकिन स्थानीय पुलिस खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं करती है और स्थानीय पुलिस व खनन विभाग माफियाओं से मिली हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जानी थाना पुलिस व खनन विभाग खनन माफीयाओ पर कोई कार्रवाई नहीं करते तो अवैध खनन की शिकायतमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।

निगम की कार्यकारिणी से छह सदस्य हुए बाहर

मेरठ: नगर निगम की कार्यकारिणी के दो साल पूरे होने पर सोमवार को 6 सदस्यों को कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया, जबकि 6 सदस्यों का कार्यकाल 1 वर्ष तक जारी रहेगा। जिन सदस्यों को आज कार्यकारिणी से आउट किया गया, उनका चयन पर्चियां निकालकर किया गया। इनमें भाजपा के चार पार्षद और समाजवादी के दो व एआईएमआईएम का एक पार्षद कार्यकारिणी से बाहर हुए हैं। नियमानुसार नगर निगम की कार्यकारिणी में 12 सदस्य होते हैं।

2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर 6 सदस्यों को पर्चियां के जरिए चयन करके कार्यकारिणी से बाहर कर दिया जाता है जबकि शेष 6 सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया जाता है। अगले वर्ष फिर 6 नए सदस्यों का चयन किया जाएगा। अभी तक नगर निगम की कार्यकारिणी में 8 सदस्य भाजपा के पार्षद, तीन समाजवादी पार्टी के और एक एआईएमआईएम के शामिल थे।

सोमवार को नगर निगम के सभागार में महापौर हरिकांत अहलूवालिया और अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार की देखरेख में आयोजित लॉटरी में 6 सदस्यों को बाहर करने के लिए एक बच्ची ने पर्ची निकाली। इनमें भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता काले, रेखा सिंह, विक्रांत ढाका और दीपक वर्मा, सपा पार्षदों में नाजरीन शाहिद अब्बासी और कुलदीप कीर्ति घोपला की पर्ची निकलने से कार्यकारिणी से बाहर हो गए।

पर्ची न निकलने पर फजल का किया अभिनंदन

नगर निगम की कार्यकारिणी से 6 सदस्यों को आउट करने के लिए निकल गई लॉटरी में एआईएमआईएम के पार्षद फसल करीम के नाम की पर्ची न निकलने पर पार्टी के महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी, फहीम अंसारी, शमशाद अंसारी, पार्षद महशर गुड्डू रेशमा, दिलशाद अंसारी आदि कार्यकर्ताओं ने फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने फजल से क्षेत्र का विकास करने और जन समस्याओं के निराकरण के लिए संघर्ष करने की अपील की।

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