- लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही अलर्ट मोड पर पुलिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। चुनाव सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए देहात पुलिस ने शस्त्र लाइसेंसधारियों पर शिकंजा कसते हुए अब तक एक हजार 84 लोगों से उनके शस्त्रों को जमा कराया है। वहीं, पुलिस ने शेष शस्त्र लाइसेंसधारियों को भी शीघ्र ही अपने शस्त्र जमा करने के निर्देश दिये हैं।
जिले में कुल 24 हजार से ज्यादा लाइसेंसधारी हैं। लोकसभा चुनाव की तिथि घोषणा होने से पहले ही पुलिस ने लाइसेंसधारियों को सख्त निर्देश दिये थे कि वे चुनावी तिथि घोषणा होने से पहले ही अपने शस्त्रों को जमा करा दे। जिसके चलते देहात क्षेत्र में पुलिस की सख्ताई के बाद अब तक एक हजार 84 को शस्त्रों को जमा कराया गया है। देहात क्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 9 हजार 626 लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं। जिनमें पुलिस ने चुनावी बिगुल बजने और आचार संहिता के चलते शस्त्र लाइसेंसधारियों पर अपनी निगाह टिका दी हैं।
पुलिस ने अधिकांश लाइसेंसधारकों को यह निर्देश दिया है कि वे जल्दी से जल्दी अपने शस्त्रों को जमा करायें। ताकि चुनाव में किसी प्रकार की हिंसा और गड़बड़ी न होने पाये। वहीं, एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह ने देहात के थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों के हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखने और उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के आदेश दिये हैं। जिसके चलते थाना पुलिस अपने क्षेत्रों के असामाजिक तत्वों से लेकर अन्य लोगों पर भी निरोधात्मक कार्रवाई करने में लग गई है।
50 हजार से ज्यादा कैश मिला तो होगा जब्त
आचार संहिता प्रभावी होने के साथ ही अब जनपद में लोकार्पण और शिलान्यास के कार्यक्रम पर पूरी तरह बंद हो गए हैं। शासकीय योजनाओं व किसी भी निर्माण कार्य की नई स्वीकृति नहीं दी जा सकेगी। वही 50 हजार से ज्यादा का कैश लेकर नहीं चल सकेंगे। इससे ऊपर कैश लेकर चलने में पूरे कागज दिखाने होंगे। लोकसभा निर्वाचन के लिए आचार संहिता लागू होने के साथ ही कई कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लग गयी है।
आफिशियल कार्यों को चुनाव के कार्यों में शामिल नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार का प्रलोभन चाहे आर्थिक अथवा कोई और तरह से मतदाताओं को देने पर रोक है। निर्वाचक के द्वारा किसी भी प्रकार की जातीय और साम्प्रदायिक अपील नहीं की जाएगी। दूसरी पार्टियों व उनके कार्यकतार्ओं द्वारा असत्यापित आरोपों और विकृतियों के आधार पर किसी की आलोचना नहीं की जाएगी। किसी भी धार्मिक स्थल का प्रयोग चुनाव प्रचार (जैसे भाषणों, पोस्टरों, बैनरों) के लिए नहीं किया जाएगा।
ऐसे किसी भी जगह पर रैली की अनुमति नहीं दी जाएगी। जहां पर पहले से किसी पार्टी की बैठक चल रही हो। बूथों और पोलिंग स्टेशनों के आसपास किसी भी प्रकार के झंडे़, पोस्टर या प्रचार सामग्री का प्रयोग करना निषेध है। सरकारी परिसर में किसी भी प्रकार का डिफेंसमेंट जैसे वॉल पेंटिंग, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स व झंडे की अनुमति नहीं होगी। गेस्ट हाउसों में किसी भी प्रकार की पॉलिटिकल गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। लाउसस्पीकर के प्रयोग के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का प्रयोग निषेध है।

निर्वाचन के समय में कोई भी सरकारी कर्मचारी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसे भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। मंत्रियों द्वारा आफिशियल वाहनों का प्रयोग राजनीतिक कार्यों के लिए रोक लगा दी गयी है। पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर दायरे के अंदर किसी भी प्रकार की चुनावी मीटिंग, कन्वेंसिंग कोई भी आपत्तिजनक कार्य या कोई भी कैम्पेनिंग करने की अनुमति नहीं होगी।
निर्वाचन के दौरान शराब का वितरण नहीं किया जा सकेगा। नामिनेशन के दौरान केवल तीन वाहनों को ही आरओ/एआरओ के कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में आने की अनुमति होगी। वाहनों और बैठकों में लाउडस्पीकर का प्रयोग करने की अनुमति सुबह छह से रात 10 बजे तक ही दी जाएगी। किसी भी वाहन पर किसी भी पार्टी का झंडा नहीं लगाया जा सकेगा। केवल राजनीतिक दलों के पदाधिकारी आरओ से अनुमति लेकर गाड़ी में झंडे का प्रयोग कर सकेंगे।
लोन कराने के नाम पर लोगों से 90 करोड़ की ठगी का आरोप
दिल्ली की एक महिला ने फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम लाखों रुपये ठगने का आरोप कई लोगों पर लगाया है। महिला का कहना है कि उसकी तरह ही फाइनेंस कंपनी के लोगों ने कई राज्यों के लोगों से 90 करोड़ रुपये ठग लिया। पीड़िता ने एसएसपी से कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली निवासी ममता ढबास पत्नी सुरेन्द्र ने सोमवार को पुलिस आॅफिस पर एक शिकायतपत्र एसएसपी के नाम एसपी क्राइम को सौंपा। महिला ने बताया कि उसकी दिल्ली में होलसेल की ग्रोसरी की कंपनी है। जो कि मलिक गु्रप आॅफ कंपनी के नाम से है।
वर्ष 2022 में उसके मोबाइल पर एक कॉल आई और उससे कहा गया कि वह मेरठ से एचडीएफसी बैंक का मैनेजर है। यदि आपकी कंपनी के लिए लोन की जरुरत है। तो हम टाटा फाइनेंस से भी लोन कराते हैं। महिला ने फोन करने वाले से उससे संपर्क करने के लिए पूछा। इस पर उसने बताया कि उसका नाम नवीन रमन है। उसने मुझे झंडे स्वीट्स ब्रहमपुरी पर बुलाया। वह वहां पर पहुंची तो वहां पहले ही बिहार के कुछ लोगों को भी बुला रखा था। उनसे फार्म भरवाकर वहां का स्टाफ उनसे हस्ताक्षर करा रहे थे।

तो उन्होंने उससे बात की तो और कहा कि वह उनका दो करोड़ का लोन करा देंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले लोन की फाईल फीस व लोन पास कराने के लिए कुछ पैसा देना होगा। इस पर उसने उन्हें नौ लाख का चेक दिया। इसकें बाद फर्जी फाइनेंस कंपनी के लोगों नें उससे धीरे-धीरे कई अलग-अलग खातों में करीब 40 लाख रुपये धोखे से जमा करवा लिये।
ऐसे ही बिहार और दिल्ली सहित झारखंड के अलावा कई राज्यों के लोगों को भी एचडीएफसी बैंक व टाटा फाइनेंस कंपनी के नाम पर कुल 90 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। महिला का आरोप है कि ठगी करने वाले नवीन रमन व उसकी पत्नी स्रेहा रमन व संजय योगी व संगीता, अमित व मोनू राणा आदि हैं । महिला ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। एसपी क्राइम ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिये हैं।

