जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की है। इस याचिका में अदालत की अवमानना को लेकर 31 अगस्त को सुनाए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उन्हें एक रुपये का जुर्माना लगाने के निर्णय पर समीक्षा करने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने अपने फैसले में प्रशांत भूषण को कोर्ट की अवमानना का दोषी करार दिया था।
प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायधीश एस ए बोबडे की आलोचना करते हुए दो ट्वीट किए। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए 31 अगस्त को सजा के रुप में एक रुपये का जुर्माने लगाया था।
बता दें कि, 22 जून को वरिष्ठ वकील ने अदालत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे और चार पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद 27 जून के ट्वीट में प्रशांत भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय के छह साल के कामकाज को लेकर टिप्पणी की थी।
इन ट्वीट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।
Lawyer Prashant Bhushan files petition before Supreme Court, seeking review of its August 31 judgement slapping a fine of Re 1 on him for contempt of the court. pic.twitter.com/YiLyxVS6ul
— ANI (@ANI) October 1, 2020
अदालत ने उन्हें नोटिस भेजा था। इसके जवाब में भूषण ने कहा था कि सीजेआई की आलोचना करना उच्चतम न्यायालय की गरिमा को कम नहीं करता है।
उन्होंने कहा था कि पूर्व सीजेआई को लेकर किए गए ट्वीट के पीछे मेरी एक सोच है, जो बेशक अप्रिय लगे लेकिन अवमानना नहीं है।

