जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देशभर में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। हाजिर बाजार में चांदी 1,560 रुपये की बढ़त के साथ 2.44 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है, जबकि सोना बढ़कर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालिया दिनों में दोनों की कीमतों में करीब 7% तक की बढ़त दर्ज की गई है।
सर्राफा बाजार और MCX में क्या है भाव?
राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, वहीं चांदी 2.6 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही है। दूसरी ओर, (MCX) पर सोना लगभग 1,54,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,41,400 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की तुलना में चांदी में अधिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। MCX पर चांदी एक समय ऐतिहासिक उछाल के साथ 4,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और अब यह 2.41 लाख रुपये के करीब ट्रेड कर रही है। इंडस्ट्री की मांग, ग्लोबल संकेत और निवेशक सेंटीमेंट को इस अस्थिरता का मुख्य कारण माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि दीर्घकालिक निवेशक इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती दर्ज की गई है। COMEX ट्रेड में सोना शुरुआती गिरावट के बाद 4,996 डॉलर प्रति औंस से संभलकर 5,018.20 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो 24 घंटे में करीब 0.43% की तेजी दर्शाता है। वहीं, स्पॉट सिल्वर 0.67% की बढ़त के साथ 78.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता में ठोस प्रगति न होने से सेफ-हेवन खरीदारी बढ़ी है, जिससे सोना-चांदी को समर्थन मिला है। 19 फरवरी को जारी ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट के मुताबिक, लूनर न्यू ईयर अवकाश के दौरान एशियाई बाजारों में कम लिक्विडिटी के कारण गोल्ड मार्केट कंसोलिडेशन फेज में रहा और कीमतों की चाल पर टेक्निकल फैक्टर्स का ज्यादा असर देखने को मिला।
निवेशकों और खरीदारों में असमंजस
वैश्विक संकेतों और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच जारी इस तेजी और उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के साथ-साथ शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने वाले ग्राहकों को भी दुविधा में डाल दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे।

