- सिंचाई विभाग के इंंजीनियर का किया घेराव
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पनचक्की चलवाने व उसमें गरीबों को मुफ्त अनाज पिसाने समेत अन्य मांगों को लेकर पिछले तीन माह से धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता का घेराव करते हुए हंगामा हो गया। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कारियों को समझाकर शांत कराया।

गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन माह से धरना दे रहे राष्टÑीय ग्र्रामीण खेतीहर मजदूर यूनियन (हिंद मजदूर सभा) के कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं होने पर अधिशासी अभियंता मेरठ खंड नहर कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा का उनके कार्यालय में ही घेराव कर दिया। जिसके बाद चल रहे धरने को समाप्त करने की विभाग द्वारा कोशिश की गई तो मामला तूल पकड़ गया।
हंगामा बढ़ने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद मौके नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया गया। धरना-प्रदर्शन करने वालों में हिन्दी मजदूर सभा से प्रेमनाथ धींगड़ा, राजेश वैध, विनेश विद्यार्थी, शामवीर सिंह आदि लोगों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। वहीं, इस संबंध में अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा का कहना है कि जिन मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है। उन्हे शासन को भेज दिया गया है।
अब वहीं से जो आदेश आएंगे उन पर अमल किया जाएगा। पनचक्की को लेकर प्रदर्शन करने वालों में दो गुट बने हैं। जिसके कारण यह विवाद पैदा हुआ है।
ये हैं मांगे
- केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त आनाज दिया है। जिसे पिसवाने के लिए भोलाझाल व आसपास लगी पनचक्कियों में नि:शुल्क सेवा मिले।
- सिंचार्ई विभाग ने सभी चार पनचक्कियों को ठेके पर दे रखा है। जिससे वहां पर पिसाई के लिए मनमाने पैसे वसूले जाते हैं, उस पर रोक लगे।
- पिछले चार माह से सभी चक्कियांं बंद है, उन्हें शुरू किया जाए।
- सरकार को हर माह 16 हजार रुपये का घाटा हो रहा है, उसे रोका जाए।

