Sunday, January 23, 2022
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शादी समारोह में अब नहीं होगी रौनक

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  • फिर पड़ा कोरोना का साया महज 100 लोगों की अनुमति
  • पहले के मुकाबले छोटा कर रहे समारोह का प्रारूप

जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: कोरोना ने एक बार फिर से पैर पासारने शुरू कर दिये हैं। इसका असर शुभ कार्यों पर भी पड़ा है। शादी विवाह समारोह में अब वो बात नहीं होगी जो कुछ माह पहले तक थी। अब फिर से पिछले सालों जैसा हाल होने जा रहा है क्योंकि जिला प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फिर से शादी विवाह समारोह में भीड़ लगाने पर रोक लगा दी है।

अब शादी समारोह में रौनक नहीं होगी। इससे सभी को असर पड़ेगा, लेकिन सबसे अधिक नुकसान पहले से ही नुकसान झेलते आ रहे मंडप व होटल संचालकों को पड़ेगा। इतने लोगों की संख्या में आयोजन का खर्च तक नहीं निकलेगा। जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पिछले कई सालों से कोरोना की मार झेल रहे होटल संचालकों पर एक बार फिर से आफत आन पड़ी है। जिला प्रशासन ने अब शादी समारोह या किसी अन्य शुभ कार्य में सिर्फ 200 लोगों के साथ कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दी है। जिसमें 100 लोग एक पक्ष व दूसरे पक्ष से 100 लोग होंगे।

ऐसे में मंडल संचालकों और होटल संचालकों को अपना खर्च तक निकालना मुश्किल हो जायेगा। पहले से वह कोरोना की मार झेलते आ रहे हैं। अब एक बार फिर उनके ऊपर यह आफत आन पड़ी है और उन्हें कोई रास्ता मिलता नजर नहीं आ रहा है।

अंतिम यात्रा में भी उमड़ रही भीड़

जिला प्रशासन की ओर से कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अंतिम यात्रा में 20 लोगों के जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन अभी यह देखनो को नहीं मिला है। लोग काफी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे है। ऐसे में लोगों को खुद भी जागरूक होने की आवश्यकता है और प्रशासन को भी सख्ती के साथ यह नियम लागू कराये जाने की आवश्यकता है।

खर्च निकालना तक होगा मुश्किल

मेरठ मंडप एवं होटेलियर्स एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि होटल संचालक और मंडल संचालकों के लिये जारी की गई गाइडलाइन में अब मंडपों में 200 लोगों की अनुमति के साथ शादी विवाह को मंजूरी मिली है। इसमें जो मंडप कवर्ड हैं। वहां 200 लोग शामिल हो सकते हैं और जहां ओपन मंडप है। वहां उनकी भीड़ के हिसाब से 50 प्रतिशत लोग ही शामिल हो सकेंगे। मतलब अगर ओपन मंडप में 500 लोगों की जगह है तो वहां सिर्फ 250 लोग ही कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

इस प्रकार के आयोजनों से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। इतनी कम संख्या में आयोजन से उनका खर्च तक निकाल पाना मुश्किल हो जायेगा। 1000 लोगों के लिये भी उतना ही स्टाफ कार्य में लगाया जाता है। 200 लोगों के लिये भी व्यवस्थाएं एक जैसी ही रहती है। ऐसे में उन्हें काफी नुकसान पहुुंचेगा।
लोग बुकिंग की तिथि को बढ़ा रहे आगे

कोरोना के चलते हालात पहले की तरह होते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूल कालेज भी बंद कर दिये गये हैं। उनमें आॅनलाइन पढ़ाई के लिये कहा गया है। कोरोना के बढ़ते मामलों का असर यहां शादी विवाह समारोह पर भी पड़ा है। इस माह 14 जनवरी से साया शुरू है।

मंडप संचालकों का कहना है कि लोग अपने शादी विवाह की तारीख को आगे बढ़ाने के लिये इंक्वायरी कर रहे हैं। लोग शादी को आगे बढ़ाने की बात भी कह रहे हैं तो कुछ लोग शादी कराने को तैयार हैं। लोगों का माना है कि कम आदियों की शादी से उन्हें काफी लाभ मिलेगा उनका खर्च कम होगा। जिसके चलते वह शादियां घरों या छोटे होटलों आदि में करने की सोच रहे हैं।

कोरोना गाइडलाइन: शादी की तारीखों में किए बदलाव

देश कोरोना वायरस के संकट से परेशान है। इस कोरोना वायरस के चलते देश में विवाह समारोह पर भी संकट छाया हुआ है। कोरोना महामारी के दौर में सरकार ने शादियों के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें शादी समारोह में वर-वधू पक्ष और पुजारी सहित कुल 100 लोग सम्मिलित हो सकेंगे। इसके साथ ही बरात निकालने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके अलावा यदि किसी प्रकार से गाइडलाइन का उल्लंघन किया जाता है तो शादी स्थल को सील तक किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शादी में कुल 100 मेहमानों की अनुमति है। इसको देखते हुए कई लोगों ने शादी को लेकर कई बदलाव किए हैं।

वहीं, कई परिवारों ने शादियों की तिथि को आगे बढ़ा दिया है तो किसी ने शादी ही कैंसिल कर दी है। वहीं, कुछ लोगों ने मंडप की बुकिंग में बदलाव किया है। साथ ही अब लोग मोबाइल पर ही शादी के कार्ड आनलाइन भेज रहे हैं। कोरोना को देखते हुए शादी वाले परिवारों ने बरात, फेरे और रिसेप्शन आदि में बदलाव कर दिए हैं।

कोरोना के चलते शादी समारोह में ज्यादा लोगों के एकत्रित होने पर सरकार ने रोक लगा दी है। ऐसे में जो शादियां हो भी रही है। उनमें 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इस कारण लोग शादी का कार्यक्रम आगे के लिए टाल रहे हैं।

पं. ऋषभदेव ने बताया कि उनके पास विवाह समारोह की तारीख आगे बढ़ाने के लिए काफी संख्या में लोग आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कोरोना की गति धीरे हो जाएगी, तभी विवाह करेंगे। ऐसे में लोग शादी के शुभ मुहूर्त की तिथि आगे के लिए टाल रहे हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो शादी ही कैंसिल करा रहे हैं।

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