नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। 1 अप्रैल वह दिन है, जब किसी को मूर्ख बनाने पर बुरा नहीं माना जाता। अगर कोई बुरा मान भी जाए, तो उसे यह कहते हुए मनाया जाता है कि ‘अप्रैल फूल बनाया तो उनको गुस्सा आया’। यह लाइन साल 1964 में रिलीज़ हुई फिल्म अप्रैल फूल के गीत से जुड़ी हुई है। इस फिल्म में बिस्वजीत चटर्जी और सायरा बानो ने मुख्य भूमिका निभाई थी। आइए इस दिन के मौके पर हम ‘अप्रैल फूल’ फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।
फिल्म की स्टार कास्ट और निर्माता
फिल्म के निर्माण और स्टार कास्ट की बात करें तो ‘शार्गिद’, ‘जंगली’ और ‘तीसरी आंख’ जैसी फिल्मों के निर्देशक सुबोध मुखर्जी ने ‘अप्रैल फूल’ की कहानी लिखी। बंगाली सुपरस्टार बिस्वजीत चटर्जी ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई और अभिनेत्री सायरा बानो उनके साथ नजर आईं। इसके अलावा आई. एस. जोहर, सज्जन, राजन हसकर और जयंत जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
‘अप्रैल फूल’ की कहानी
फिल्म की कहानी एक साधारण लड़के और अमीर लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है। लड़के को लड़की से प्यार हो जाता है, लेकिन उसे लगता है कि उसकी गरीबी के कारण लड़की उससे कभी प्यार नहीं करेगी। इसलिए वह खुद को अमीर दिखाने का नाटक करता है। हालांकि, उसकी असली पहचान लड़की के सामने आ जाती है, जिससे वह नाराज हो जाती है। इसी समय लड़का उसे यह गीत गाकर समझाता है कि यह सब ‘अप्रैल फूल’ था, और यही गीत मोहम्मद रफी की आवाज़ में फिल्माया गया।
बॉक्स ऑफिस सफलता
वित्तीय रूप से भी यह फिल्म अपने समय की हिट फिल्मों में शामिल हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म लगभग 40 लाख रुपये के बजट में बनी थी और बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई करीब 95 लाख रुपये के आसपास रही। इस सफलता के साथ, ‘अप्रैल फूल’ 1964 की चुनिंदा हिट फिल्मों में गिनी गई। इतना ही नहीं, मलयालम सिनेमा ने भी इसी नाम से साल 2010 में एक फिल्म बनाई।

