जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने उनके राजनीतिक संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और जनता से जुड़ाव को रेखांकित करते हुए उन्हें बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।” राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पीएम की यह शुभकामना चर्चा का विषय बनी।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के पुत्र हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सेंट कोलंबस स्कूल और बाद में दून स्कूल से प्राप्त की। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से उनकी और प्रियंका गांधी की पढ़ाई कुछ समय तक घर पर भी हुई।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में पढ़ाई की, इसके बाद अमेरिका के रोलिंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। बाद में उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट स्टडीज़ में एम.फिल. किया।
पेशेवर करियर की शुरुआत
शिक्षा पूरी करने के बाद राहुल गांधी ने लंदन की मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मॉनिटर ग्रुप के साथ अपने करियर की शुरुआत की। भारत लौटने पर उन्होंने मुंबई में टेक्नोलॉजी कंपनी ‘बैकऑप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ में भी भूमिका निभाई।
2004 में राजनीति में प्रवेश
राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं
2007 में उन्हें AICC का महासचिव बनाया गया और उन्होंने NSUI तथा भारतीय युवा कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार में अहम भूमिका निभाई। 2013 में वे कांग्रेस उपाध्यक्ष बने और 2017 में पार्टी अध्यक्ष चुने गए।
कांग्रेस अध्यक्ष से नेता प्रतिपक्ष तक
2019 लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के जरिए देशभर में व्यापक जनसंपर्क किया। 9 जून 2024 को उन्हें लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।
केरल के नेताओं की प्रतिक्रिया
केरल की उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने कहा कि राहुल गांधी ने राजनीतिक दबावों और चुनौतियों के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती से आगे बढ़ाया है। उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश बताया।
केरल के अन्य नेताओं, जिनमें मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ और बिंदु कृष्णा शामिल हैं, ने भी उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके जनोन्मुखी राजनीतिक दृष्टिकोण की सराहना की।

