
देश ने वह इतिहास भी देखा है जब जून 1975 में आपातकाल की घोषणा करने व स्वतंत्र मीडिया को केंद्रीय सत्ता द्वारा नियंत्रित करने जैसे प्रयासों के बाद ‘तानाशाह’ के रूप में प्रचारित की इंदिरा गांधी को देश की जनता ने सत्ता से हटा दिया था। उस समय इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व विश्व के बड़े व लोकप्रिय नेताओं में हुआ करता था। 5 वर्ष पूर्व ही इंदिरा गांधी के फैसलों की बदौलत पाकिस्तान विभाजित हुआ था और बांग्लादेश नमक नया राष्ट अस्तित्व में आया था। इंदिरा गांधी के सबल व कुशल नेतृत्व में ही भारतीय सेना ने 13 दिवसीय युद्ध के बाद 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तानी सेना के 93,000 से अधिक सैनिकों का आत्मसमर्पण कराया था। इस निर्णायक जीत के बाद ही भारत एशिया में एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित हो गया था।