Friday, March 20, 2026
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वाकई बेमिसाल है रणदेवा की मंदिर प्यारे जी महाराज गौशाला

सात सौ से ज्यादा गौवंश का यहां पर हो रहा पालन-पोषण

जनवाणी संवाददाता |

अंबेहटा: नकुड़ ब्लॉक के गांव रणदेवा स्थित महंत जगन्नाथ दास आश्रम कमेटी द्वारा संचालित मंदिर प्यारे जी महाराज गौशाला के क्या कहने। यह गौशाला जनपद की सबसे बड़ी गौशाला में शुमार है। खासियत यह है कि यहां पर कमेटी द्वारा गौवंश का जो रखरखाव किया जाता है, वह केवल औपचारिकता पूरी करने वाला नहीं है बल्कि पशु पालकों जैसा है। इस बड़ी गौशाला में 710 गोवंश हैं और इनकी देखभाल के लिए 14 नौकर हैं। 20 बीघा जमीन में यह गौशाला स्थित है। लगभग 30 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से इस गौशाला का खर्चा है और इस गौशाला में प्रतिदिन लगभग 95 कुंतल चारा लगता है।

सरकार की तरफ से मिलता है मामूली सहयोग

मंदिर प्यारे जी महाराज गौशाला के कैशियर सोमनाथ खजांची बताते हैं कि सरकार की तरफ से 20 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन के हिसाब से सहयोग मिलता है। जबकि इस गौशाला का लगभग 9 लाख रुपये प्रति महीने के हिसाब से खर्च है। गौशाला के खजांची सोमनाथ बताते हैं कि इस गोशाला की स्थापना 21 मार्च सन् 2010 में हुई थी। उस समय इस गौशाला में केवल 6 गायें थीं। खुले खेत में इस गौशाला की शुरुआत हुई थी। 2010 से 2019 तक किसी भी सरकार ने निराश्रित गौवंश का पालन पोषण कर रही इस गौशाला को कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी। 3 साल पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 20 रुपये प्रतिदिन प्रति गाय के हिसाब से अनुदान देना शुरू किया है जिससे गौशाला को थोड़ा सहारा मिल रहा है।

गौशाला के पास है 160 बीघा जमीन

गौशाला के प्रबंधक संजीव चौधरी बताते हैं कि जनपद सहारनपुर की इस सबसे बड़ी गौशाला के पास 160 बीघा जमीन है जिसमें से 20 बीघा में यह गौशाला स्थित है जबकि 140 बीघा जमीन में ठेके पर खेती की जाती है। 140 बीघा जमीन से ठेके का जो पैसा आता है वह भी गौवंश के बेहतर तरीके से रखरखाव में खर्च हो जाता है। गौशाला में क्षेत्र के लोग दान देते हैं। यह दान आर्थिक भी होता है, चारा, भूसा,पुराली,बरसीम,चेरी आदि के रूप में भी होता है। इसके साथ साथ जो लोग क्षेत्र से गौवंश को इस गौशाला में छोड़ने के लिए आते हैं।

हरि की कृपा से चल रही गौशाला

मंदिर प्यारे जी महाराज गौशाला के संचालन में महंत जगन्नाथ दास आश्रम कमेटी के अध्यक्ष हरि पाल,प्रबंधक संजीव चौधरी और कैशियर सोमनाथ ने एक तरह से अपना जीवन इस गौशाला को समर्पित कर दिया है। गौशाला का लगभग 1 करोड़ 8 लाख प्रतिवर्ष खर्च है और जिस समय गौशाला को आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होती है तो कमेटी के अध्यक्ष हरिपाल सिंह लाखों रुपए से प्रति वर्ष मदद करते हैं। कमेटी के अन्य लोग भी जरूरत पड़ने पर गौशाला का आर्थिक सहयोग करते हैं।

बाबा बंसी वाले ने रखी थी गौशाला की नींव

मंदिर प्यारे जी महाराज गौशाला रणदेवा की नींव 18 मई सन 2009 को बाबा बंसी वाले ने रखी थी. 21 मार्च 2010 को 6 गायों से इस गौशाला की शुरूआत हुई थी। गौशाला के प्रबंधक संजीव चौधरी बताते हैं कि गौशाला में गौवंश के लिये हर तरह से सुविधा उपलब्ध है। गौशाला में गोवंश के चारा खाने के लिए 10 बड़ी बड़ी नाद है,सात बड़े-बड़े पानी के हौज हैं,गर्मी से बचाव के लिए गौशाला में पंखे लगे हुए हैं। बिजली न होने की स्थिति में जनरेटर की सुविधा है।

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