- बिजौली में कोरोना संक्रमित मरीज के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री
- मरीजों का हालचाल जाना और कोरोना किट दिलवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डरो मत! किसी बात की दहशत मत रखो, तीसरी लहर को लेकर भी तैयार है यूपी। यह बाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बिजौली गांव में ग्रामीणों से कही। इस दौरान उन्होंने कोरोना पॉजिटिव मरीजों का हाल चाल जाना और उन्हें कोरोना किट दिलवाई। उन्होंने ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने के लिये भी जागरूक किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को 5:29 मिनट पर हापुड़ रोड स्थित बिजौली गांव पहुंचे। गांव में आते ही सबसे पहले वह गांव में अंदर कोरोना पॉजिटिव मरीज नितिन त्यागी के आवास पर पहुंचे। यहां उनके साथ सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और डीएम के. बालाजी मौजूद रहे। इस दौरान सीएम ने नितिन त्यागी के चाचा नीरज त्यागी से पूछताछ की और दवा व उपचार के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने नितिन त्यागी की मां कोरोना पॉजिटिव सुनीता त्यागी का भी हालचाल जाना और अधिकारियों ये उन्हें कोरोना किट उपलब्ध कराई। इस बीच उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी कहा कि डरो मत अपने अंदर से दहशत निकाल दो और एहतियात बरतो। डरो मत कोरोना की तीसरी लहर के लिये भी यूपी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को अन्य ग्रामीणों को भी कोरोना किट दिये जाने के निर्देश दिये।

अधिकारियों को कोरोना किट दिये जाने के निर्देश
गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीजों से बात करके निकलने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम को निर्देश दिये कि यहां लोगों को कोरोना किट उपलब्ध कराई जाये। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाये कि वह कोविड नियमों का पालन करें और एहतियात बरते। सभी की जांच अधिक से अधिक करायें और ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने के लिये प्रति भी जागरूक किया जाये। जिससे अधिक से अधिक लोगा वैक्सीन लगवा सकें।
लक्षण दिखते ही कराएं लोगों की जांच: सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजौली गांव में करीब 20 मिनट रहे। इस दौरान उन्होंने गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीजों से उनका हाल जाना और उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व आॅक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सीएम ने आशा कार्यकर्ताओं से संक्रमण की स्थिति का जायेजा लिया। साथ ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये कि लक्षण दिखते ही संदिग्ध की जांच करायें और उसके कोरोना किट उपलब्ध करवाये। इसके अलावा उन्होंने युद्ध स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिये।
मेडिकल में अव्यवस्थाओं से परेशान तीमारदार कर रहे थे सीएम का इंतजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ दौरे को लेकर काफी उम्मीद थी कि वह मेडिकल में भी आकर स्वास्थय सेवाओं की समीक्षा करते हुए मरीजों का हाल चाल पूछेंगे, लेकिन वह मेडिकल नहीं आएं, इससे थोड़ी निराशा है। यह बात रविवार को जनवाणी की टीम से खास बात चीत करते हुए तीमारदारों ने कही। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री मेरठ आ रहे हैं। मेरठ में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से बात करने के बाद वह मेडिकल का दौरा करेंगे। इसी आस में घंटों तक सीएम को इंतजार किया। ताकि मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा बयां कर सकें, लेकिन अब जब मुख्यमंत्री बाहर से ही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर गए हैं तो भगवान के भरोसे ही वह अपना समय व्यतीत करेंगे।
मरीज गिर जाए तो उठाने वाला भी कोई नहीं
तीमारदार राकेश ने बताया कि सिर्फ एक तीमारदार को अस्पताल में मरीज के साथ रुकने के अनुमति मिल रही है। ऐसे में अगर मरीज को खाना खिलाना हो या फिर अन्य प्रकार के कार्य करवाएं जाएं तो वह अकेले तीमारदार से नहीं हो पाता। वहीं, कर्मचारी मदद नहीं करते जिससे कई बार मरीज गिर भी जाते हैं।
उन्हें उठाने वाला भी कोई नहीं होता। बागपत से आएं तुकीराम ने कहा कि जनप्रतिनधियों को मेरठ की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तवित स्थिति खुद बतानी चाहिए। क्योंकि जनता ने उन्हें चुना है। मुख्यमंत्री के आने से पहले सब कुछ अच्छा करना ही जनता की मदद करना नहीं होता।
इसी प्रकार से अन्य तीमारदारों ने अपना दर्द बयां किया। मेडिकल में मरीज को भर्ती करने के लिए भी तीमारदारों को जूझना पड़ता है। जबकि प्राचार्य ज्ञानेन्द्र कुमार कहते है कि सबकुछ ठीक है। इतना हीं नहीं तीमारदारों को अपना समय काटने के लिए भी दिन रात इमरजेंसी के बाहर ही समय बिताना पड़ता हैं।
इन्हीं सभी बातों को देखते हुए मेडिकल में तीमारदारों को इंतजार था कि मुख्यमंत्री आएंगे और हम उनको अपनी पीड़ा बताएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री का दौरा मेडिकल में नहीं हुआ, जिससे उनमें निराशा देखने को मिली।

गांवों में संक्रमण रोकने को बनाई जा रही रणनीति
गांवों में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिये रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिये गांवों में निगरानी समितियों का भी गठन किया जा चुका है। निगरानी समिति अपना कार्य जिम्मेदारी से करें और और ग्रामीणें की हर समस्या का समाधान करें। घर-घर जाकर लोगों की जांच कराये और अगर उनके किसी प्रकार के भी लक्षण हैं तो उन्हें लापरवाही में न लें गंभीरता दिखाते हुए उनका इलाज करायें और उनकी सूची बनाकर कर रखें। डीएम और संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी समझें और निगरानी समितियों के साथ वार्ता कर पल-पल की जानकारी लें।
1400 आॅक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन हो रहे सप्लाई
सौरभ केन ने बताया कि यहां प्लांट में मेडिकल आॅक्सीजन, मेडिकल नाइट्रोजन, कार्बन डाई आॅक्साइड, नाइट्रस आॅक्साइड, आर्गन व इंडस्ट्रियल कार्बन डाई आॅक्साइड का उत्पादन हो रहा है। यहां से प्रतिदिन 1400 डी टाइप मेडिकल आॅक्सीजन सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं। क्षमता 2800 डी टाइप मेडिकल आॅक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन है। आॅक्सीजन निर्माण संयत्र क्षमता 20 टन प्रति दिन है। डायरेक्टर ने पत्र सीएम के साथ मौजूद अधिकारियों को भी सौंपा।

