- आरटीओ विभाग में वाहनों की फिटनेस के नाम पर स्वामियों की जेब पर डाला जा रहा डाका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आरटीओ विभाग में वाहन स्वामियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। यह बात हम खुद नहीं कह रहे, बल्कि वहां अपना काम कराने के लिए पहुंचने वाले वाहन स्वामी कबूल कर रहे हैं। फिटनेस के नाम पर उनसे भारी भरकम रकम वसूली जाती है। फिटनेस के साथ अन्य कार्यों के लिए उन्हें रसीद सिर्फ एक हजार रुपये की मिलती है, लेकिन उनसे 2500 रुपये लिए जाते हैं। वाहन स्वामियों से यह रकम वसूलने वाले सब विभाग के ही कर्मचारी और पदाधिकारी बताए जा रहे हैं।
अगर आप आरटीओ विभाग में किसी काम से जा रहे हैं तो जेब को थोड़ा भारी करके जाना होगा, क्योंकि वहां, एक रुपये काम भी 10 रुपये में होगा। बिना पैसे के केवल आपको चक्कर काटने होंगे, या फिर परेशान घूमना होगा। इसकी पुष्टि भी विभाग में अपना काम कराने के लिए जाने वाले वाहन स्वामी ही करते हैं। ऐसा ही एक व्यक्ति जनवाणी के खुफिया कैमरे में कैद हुआ। उसका कहना है कि वह फिटनेस कराने आया है। फिटनेस के नाम पर उससे 2500 रुपये लिए गए, लेकिन रसीद सिर्फ एक हजार रुपये की ही मिली। वाहन स्वामी का यह भी कहना था कि रुपये लेने वाले विभाग के ही कर्मचारी और पदाधिकारी हैं।
अपनी आप बीती सुनाते हुए कैमरे में कैद हुए वाहन स्वामी का कहना था कि वह अपने चार पहिया वाहन की फिटनेस कराने के लिए आया है। यहां के कर्मचारी और पदाधिकारी नई-नई बातें बता देते हैं। केवल फिटनेस के लिए उससे 2500 रुपये की डिमांड की गई है। जबकि उसे रसीद एक हजार रुपये की ही मिलेगी। हालांकि व्यक्ति पैसे लेने वाले का नाम तो नहीं बता सका, लेकिन यह बताया कि ये सब विभाग के ही कर्मचारी और पदाधिकारी हैं। इसके अलावा रिफ्लेक्टिव टेप के पैसे भी अलग है। 30 रुपये फीट के हिसाब से रिफ्लेक्टिव टेप लगाई जाती है।
ये है वाहनों का फिटनेस शुल्क
- बाइक 200/-
- एलएमवी व्हीलर 400/-
- मध्यम वर्ग भारी मोटरयान 600/-
- जारी एवं नवीनीकरण 200/-
- आॅटोमेटिड 400/-
- आॅटोमेटिड 600/-
- आॅटोमेटिड 1000/-

