- बिल्डिंग में रहते हैं 65 परिवार, सुधांशु महाराज ने डीएम से की शिकायत, गिर सकती है बिल्डिंग, जवाबदेही किसकी?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लखनऊ में बिल्डिंग गिरने की घटना की पुनावृत्ति मेरठ में भी हो सकती हैं। क्योंकि प्रशासनिक अफसर गहरी नींद में हैं। नींद तब टूटेगी, जब छह मंजिली इमारत ध्वस्त हो सकती हैं। हम बात कर रहे ईव्ज चौराहे पर स्थित हरि लक्ष्मी लोक छह मंजिल बिल्डिंग की। इसमें रह रहे 65 परिवार दशहत में जी रहे हैं। दहशत की वजह है इस बिल्डिंग से सटकर एक जर्जर बिल्डिंग को कुछ बिल्डरों ने खरीद लिया हैं, जिसको ध्वस्त कर नया कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी चल रही हैं।
इस बिल्डिंग को जेसीबी मशीन लगाकर तोड़ा जा रहा हैं, जिससे हरि लक्ष्मी लोक छह मंजिला बिल्डिंग को खतरा पैदा हो गया हैं। उसकी छठीं मंजिल पर पिलर्स को क्षति पहुंची हैं, ऐसा इस बिल्डिंग में रहने वालों का दावा हैं। इसकी शिकायत तस्वीर और वीडियो फुटेज के साथ डीएम, मेडा और नगर निगम के अफसरोंं से की हैं, ताकि समय रहते हादसा होने से बचाया जा सके।
लखनऊ में बेसमेंट खुदाई के दौरान बिल्डिंग गिर गयी थी, जिससे बवाल खड़ा हो गया था। यही नहीं, मेरठ में ही घंटाघर के पास कभी अप्सरा सिनेमा हुआ करता था। सिनेमा तोड़कर बिल्डर ने कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू कर दिया। इसके लिए बेसमेंट की खुदाई की गई। बराबर में डाकघर हैं। डाकघर की दीवारों में दरार आ गई, जिसके बाद पूरी बिल्डिंग ही गिर सकती हैं। इस स्थिति में डाकघर पहुंचा, इसके लिए पूरी तरह से बिल्डर जिम्मेदार हैं।

डाकघर की बिल्डिंग को फिलहाल खतरा देखते हुए खाली कर दी गई हैं। इसमें डाकघर की तरफ से नगर निगम और बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। ठीक इसी तरह का मामला ईव्ज चौराहे पर बनी छह मंजिली इमारत हरि लक्ष्मी लोक का हैं। इसके बराबर में एक पुराना दो मंजिला मकान था। दोनों की आपस में दीवार सटी हुई हैं। बिल्डर ने जेसीबी लगाकर पास के मकान को तोड़ा जा रहा हैं, जिससे छह मंजिली इमारत पर सीधे प्रभाव पड़ रहा हैं।
इसकी शिकायत सुधांशु महाराज ने डीएम व निगम के अधिकारियों से की हैं। मेडा इंजीनियरों को भी शिकायत की हैं, लेकिन इस तोड़फोड़ को रुकवाया नहीं गया हैं। शिकायत कर्ता का कहना है कि तोड़फोड़ के बाद हरि लक्ष्मी लोक टावर में रह रहे 65 परिवार दहशत में हैं। क्योंकि बिल्डिंग में इसका असर दिखने लगा हैं। इसी वजह से वीडियो फुटेज और तस्वीर देखकर डीएम से हस्तक्षेप की मांग की गई हैं, ताकि हादसा होने से बचाया जा सके।
बिल्डिंग की नींव में सीवर का पानी भरने की बात भी शिकायत कर्ता ने कही हैं। इससे भी बिल्डिंग की नींव कमजोर हो रही हैं। इसकी पहले भी नगर निगम अफसरों को शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई अधिकारियों ने नहीं की। चर्चा है कि रहमान एंडग्रुप ही इस बिल्डिंग को तोड़ रहा है। इस ग्रुप ने पहले घंटाघर पर सिनेमा खरीदा था, वहां भी कॉम्प्लेक्स बनाया गया। उसमें निर्माण कर रहे हैं।

घंटाघर के बराबर में अप्सरामें डाकघर की दीवारों में दरारे आ गई। डाकघर तो दो मंजिल का था, लेकिन ये हरि लक्ष्मी लोक बिल्डिंग तो छह मंजिल हैं। इसी वजह से बड़ा खतरा पैदा हो गया हैं। सुधाशु महाराज ने इसकी जांच कराने की मांग की। बताया गया कि जिस बिल्डिंग में तोड़फोड़ की जा रही हैं, वो बिल्डिंग गौरव प्रसाद की थी, जिसे खरीदा गया हैं। उस पर निर्माण किया जाएगा। रहमान एंड ग्रुप को आगे कर रखा हैं, बाकी पर्दे के पीछे बहुत लोग शामिल हैं।
छठी मंजिल के पिलर क्षतिग्रस्त होना बताया जा रहा हैं। शहर की सबसे पुरानी बिल्डिंग हरि लक्ष्मी लोक बिल्डिंग है, इसमें 50 से 65 परिवार रहते हैं। 50 दुकाने हैं। ऐसा ना हो इस कॉम्प्लेक्स के चक्कर में एक बहुत बड़ी तबाही मेरठ में हो जाए। 25 वर्षों से सीवर का पानी इस बिल्डिंग के नीव में जा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों को पता है, सीवर के पानी की निकासी नहीं है, जिससे बिल्डिंग की नींव खोखली हो चुकी है। आखिर कब टूटेगी प्रशासन की नींद, जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा।

