- हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत, दो युवक गंभीर रूप से घायल
- पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, युवक की मौत से परिजनों में मचा कोहराम
जनवाणी संवाददाता |
इंचौली: मौत कब किसको अपने आगोश में ले ले, कुछ कहा नहीं जा सकता, एक छोटी-सी लापरवाही ने एक होनहार युवक को असमय काल का ग्रास बना दिया। सड़क हादसे में एक युवक की मौत सिर में चोट लगने से तत्काल ही हो गई थी। दोपहिया वाहनों के लिए लाइफ गार्ड का काम करने वाला हेलमेट उनके सिर पर नहीं था, अन्यथा उनकी जान बच सकती थी। मेरठ-पौढ़ी हाइवे पर एक अनियंत्रित रोडवेज बस ने बाइक सवार तीन युवकों को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। सड़क हादसे में एक युवक की सिर में चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को गंगानगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। वहीं, पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी। जिससे युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव राली चौहान निवासी टिंकू (26) पुत्र इन्द्रपाल व उसके दो दोस्त सौरभ (25) पुत्र राजवीर व सनी पुत्र अनिल (24) निवासीगण बहसूमा तीनों युवक रविवार शाम बाइक पर सवार होकर बहसूमा से राली चौहान आ रहे थे। इस दौरान जैसे ही तीनों बाइक सवार गांव मसूरी के पास पहुंचे तो मेरठ की ओर आ रही अनियंत्रित रोडवेज बस ने बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
जिसमें टिंकू की मौके पर मौत हो गई। जबकि सौरभ और सनी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मसूरी के ग्रामीणों ने थाना पुलिस को दी। सूचना के बाद इंचौली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को गंगानगर स्थित सूर्या अस्पताल में भर्ती कराकर टिंकू के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
वहीं, इस संबंध में इंचौली एसओ उपेंद्र मलिक ने बताया कि हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। वहीं, टिंकू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
हेलमेट पहना होता तो बच सकती थी टिंकू की जान
बाइक सवार अक्सर पुलिस के चालान काटने के डर से हेलमेट पहनते है, लेकिन जब पुलिस की सख्ताई नहीं होती है तो हेलमेट का इस्तेमाल करना लोग भूल जाते है। ये ही कारण है कि अधिकांश लोग इसे अपनी जान बचाने के लिए नहीं पहन रहे हैं, इसी वजह से बिना हेमलेट हर साल सैकड़ों बाइक चालक जान गंवा बैठते हैं।
जबकि हेलमेट पहने हुए बाइक स्लिप होने, किसी से टकराने, सड़क पर पशु से टकराकर गिरने सहित कई हादसों की स्थिति में बाइक चालक की जान बचने की संभावना रहती है, जबकि बिना हेलमेट व्यक्ति अपनी जान को गंवा बैठता है। इन तीनों युवकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
प्रथम दृष्टया में एक युवक की मौत की वजह सिर पर चोट लगना है। अगर टिंकू ने हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच सकती थी। हादसे से टिंकू के सिर पर गंभीर चोट थी। जबकि सनी और सौरभ के भी सिर पर मामूली चोट थी। अगर तीनों में से एक ने भी हेलमेट पहना होता तो उन्हें इतनी चोट नहीं लगनी थी।

