Wednesday, May 27, 2026
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चंडीगढ़ में धारा 144 लागू, ड्रोन और धरना-प्रदर्शनों पर रोक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: पंजाब में पिछले महीने आईईडी टिफिन बम से एक तेल टैंकर को उड़ाने की कोशिश में शामिल आईएसआई समर्थित आतंकवादी मॉड्यूल के चार और सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ ही बुधवार को हाई अलर्ट के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं चंडीगढ़ में भी धारा 144 लागू कर दी गई है।

डीसी मनदीप सिंह बराड़ के आदेशों के अनुसार, शहर के सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी संगठन या यूनियन धरने-प्रदर्शन नहीं कर सकेगी। प्रदर्शन, रैली व धरने के लिए प्रशासन ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड की जगह सुनिश्चित की है। यहां भी प्रदर्शन से पहले अनुमति लेनी जरूरी होगी।

प्रशासन ने पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किए थे, लेकिन शहर में धरने प्रदर्शन जारी रहे और अब फिर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। धारा-144 के तहत पांच या उससे अधिक लोग अगर शहर के सार्वजनिक स्थल पर कानून व्यवस्था को भंग करते हैं, तो उन पर धारा-144 के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आदेश के अनुसार प्रशासन को सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग शहर में धरने प्रदर्शन कर शांति भंग करने का प्रयास कर सकते हैं, जिसके चलते ही धारा-144 लागू की गई है। ये आदेश पुलिस, पैरा मिलिट्री और सरकारी कर्मचारियों पर कामकाज के दौरान लागू नहीं होंगे। ये आदेश 18 सितंबर से लागू हो जाएंगे और 16 नवंबर 2021 तक प्रभाव में रहेंगे।

इसके अलावा, शहर में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीसी ने आदेश दिए हैं कि जो भी कंपनियां रात के समय पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करती हैं, उन्हें अपने कैब ड्राइवर और अन्य कांट्रेक्ट स्टाफ का पूरा रिकार्ड मेंटेन रखना होगा, ताकि पुलिस किसी भी समय इस रिकॉर्ड की जांच कर सके। यह आदेश 19 सितंबर से लेकर 17 नवंबर 2021 तक लागू रहेंगे।

ड्रोन उड़ाने पर लगाई पाबंदी

चंडीगढ़ में ड्रोन उड़ाने को लेकर पाबंदी लगाई गई है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ की तरफ से ये आदेश जारी किए गए हैं। न सिर्फ ड्रोन बल्कि लो फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स पर भी पाबंदी लगाई गई है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की चीजें खतरनाक साबित हो सकती हैं। आदेश में लिखा गया है कि लोग ड्रोन का गलत तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

ये पाबंदी 19 सितंबर से लागू होकर 17 नवंबर 2021 तक प्रभावी रहेगी, जिसमें किसी भी तरह के इवेंट में ड्रोन को नहीं उड़ाया जा सकेगा। हालांकि, ये आदेश पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होंगे, अगर वह अपनी ड्यूटी के संबंध में ड्रोन उड़ा रहे होंगे।

इसके अलावा सोशल इवेंट्स में पहले से अनुमति लेकर फोटोग्राफी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें रिंग सेरेमनी, प्री वेडिंग फोटोशूट और वेडिंग सेरेमनी शामिल है।

40 दिन में पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल के चौथे मामले का भंडाफोड़

बीते 40 दिनों में पंजाब में पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े इस चौथे मामले का भंडाफोड़ किया गया है।डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बुधवार को खुलासा किया कि इस मामले में एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी सहित पाक में बसे दो आतंकवादियों की भी पहचान की गई है और उन्हें नामजद किया गया है। इनमें से एक आतंकी को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के फिर से खुलने व त्योहारों के मौसम और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने डीजीपी को खास तौर पर भीड़भाड़ वाले स्थानों के अलावा राज्य भर में संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

आतंकी मॉड्यूल के पीछे पाक में बैठे लखबीर और कासिम का हाथ

डीजीपी ने बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल के पीछे पाकिस्तान स्थित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) के प्रमुख लखबीर सिंह और कासिम का हाथ है। कासिम पाकिस्तान का निवासी है जबकि लखबीर सिंह रोडे उर्फ बाबा पंजाब के मोगा जिले के थाना समलसर के गांव रोडे का निवासी है और इस समय पाकिस्तान में छिपा है।

इनके अलावा मंगलवार को गिरफ्तार पाक समर्थित आतंकियों की पहचान रूबल सिंह निवासी ग्राम भाखा तारा सिंह, विक्की भुट्टी निवासी बल्हारवाल, मलकीत सिंह निवासी उगगर औलख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी उगगर औलख के रूप में हुई है।

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