Friday, March 20, 2026
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पुरानी यादें हो जाती हैं फिर आबाद होली में

  • बिजनौरी काव्य मंच की हुई ऑनलाइन काव्य गोष्ठी 

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: बिजनौरी काव्य मंच द्वारा आयोजित “एक शाम बिजनौरी कवियों के नाम ” कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन किया गया ! मुख्य अतिथि अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के दिल्ली प्रादेशिक माहेश्वरी संगठन के अध्यक्ष नीरज पलतानी ने कहा कि सामाजिक सेवाओं के अनेक रूपों में से एक रूप अपनी अपनी काव्य साधना से सभी को आनंदित करने का यह एक अच्छा अवसर है।

गोष्ठी में उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रहित में कवियों की लेखनी एवं वाणी को यथाशक्ति विभिन्न मंचों के माध्यम से सम्मानित करने का प्रयास करेंगे। गोष्ठी में कवियों ने होली पर रचना पढ़ कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। प्रदीप डेजी ने कहा कि होगी रंग बिरंगी शाम होली आने वाली है, होगी चेहरों पर मुस्कान होली आने वाली है।

मनोज कुमार मनोज ने कहा बिना दुलहन कहारो से कभी डोली नहीं होती, जो पत्धर को न पिघला दे तो वो बोली नहीं होती। दिल्ली से कुमार शिवेंद्र ने कहा कि प्यार का रंग चढ़ेगा आज होली में।

हुलियारो का हुड़दंग मचेगा आज होली में। मुरादाबाद से डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा कि खिले रँग देख मन होता बड़ा आह्लाद होली में ,पुरानी यादें हो जाती हैं फिर आबाद होली में। नजीबाबाद के जितेंद्र जैन ने कहा बसंती रंग भी होता है बसंती मन भी होता है, बसंती रंग में भीगा बसंती तन भी होता है, संरक्षक राकेश जाखेटिया ने कहा द क्या कहूं क्या ना कहूं – बस ढूंढ लिया बहाना अपनों से मिलने मिलवाने का।

कार्यक्रम में सत्यपाल राणा, कृषि वैज्ञानिक मदन मोहन महेश्वरी, अवधेश अग्रवाल, प्रोफेसर डा. मंजू तँवर , मधुसूदन आनंद, अजय शर्मा पंडित हरिदत आदि शामिल रहे।

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