जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान समारोह में संगीत निर्देशक और संगीतकार शांतनु मोइत्रा को राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
यह समारोह इंदौर में आयोजित किया गया, जो स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जन्मस्थली है। उनकी 97वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
मोहन यादव ने लता मंगेशकर को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लता मंगेशकर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के गीतों में जीवन के अलग-अलग भावों की झलक देखने को मिलती थी।
मुख्यमंत्री ने उनके गीतों में ईश्वर की भक्ति, देशभक्ति, दोस्ती, खुशी, प्रेम और विरह जैसे भावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय और हल्के संगीत से लेकर लोक संगीत तक लता मंगेशकर के गायन में विविधता दिखाई देती थी।
शांतनु मोइत्रा के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शांतनु मोइत्रा को सम्मान मिलने पर उन्हें बधाई दी और भारतीय संगीत में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने अपनी प्रतिभा के जरिए देश के संगीत जगत को समृद्ध किया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद शांतनु मोइत्रा ने मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के नाम पर, उनकी जन्मस्थली इंदौर में और उनकी जयंती के अवसर पर यह सम्मान मिलना उनके लिए भावुक और गर्व का पल है।
‘परिणीता’ से ’12वीं फेल’ तक दिया यादगार संगीत
शांतनु मोइत्रा भारतीय सिनेमा के प्रमुख संगीतकार और बैकग्राउंड स्कोर कंपोजर के तौर पर पहचाने जाते हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों के लिए संगीत और बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया है।
उनके प्रमुख कामों में ‘परिणीता’, ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘3 इडियट्स’, ‘मद्रास कैफे’, ‘पीकू’, ‘अक्टूबर’ और ’12वीं फेल’ जैसी फिल्में शामिल हैं। साल 2014 में तेलुगु फिल्म ‘ना बंगारू तल्लि’ के लिए शांतनु मोइत्रा को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
1984 में शुरू हुआ था राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार
राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार की शुरुआत मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग ने वर्ष 1984 में की थी। यह सम्मान हल्के संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है।
अब तक इस पुरस्कार से नौशाद, किशोर कुमार, सोनू निगम, एआर रहमान, अनु मलिक, उदित नारायण और आशा भोसले समेत संगीत जगत की कई प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है।

