जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि देश में उपभोक्ताओं को निर्धारित सीमा से अधिक एथेनॉल मिला पेट्रोल दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने इस मामले को ‘E20 बना 420’ करार देते हुए कहा कि इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि सरकार पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने की बात करती है, लेकिन कुछ जगहों पर इसकी मात्रा इससे काफी अधिक पाई गई है। उन्होंने कर्नाटक सरकार की ओर से सात जिलों में पेट्रोल के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराई गई जांच का हवाला दिया। उनके मुताबिक, जांच में कुछ पेट्रोल पंपों के नमूनों में 26 से 31 फीसदी तक एथेनॉल मिलने का दावा किया गया है।
14 में से 11 पेट्रोल नमूनों में 20 फीसदी से ज्यादा एथेनॉल का दावा
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में बताया कि कर्नाटक में की गई जांच के दौरान 14 पेट्रोल नमूनों में से 11 में एथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से अधिक पाई गई। उन्होंने दावा किया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के एक नमूने में एथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) के एक नमूने में यह 30.5 फीसदी दर्ज की गई।
कांग्रेस नेता के अनुसार, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम (BPCL), नायरा और शेल जैसी सरकारी और निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल में निर्धारित सीमा से अधिक एथेनॉल मिलने की बात सामने आई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित कंपनियों की अपनी प्रयोगशालाओं की जांच रिपोर्ट में एथेनॉल की मात्रा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप राहुल गांधी की ओर से साझा किए गए दावों पर आधारित हैं।
पेट्रोल की कीमत देकर ज्यादा एथेनॉल खरीद रहे लोग: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आम उपभोक्ता पेट्रोल की पूरी कीमत चुका रहे हैं, लेकिन उनकी गाड़ियों में निर्धारित मात्रा से ज्यादा एथेनॉल मिला ईंधन डाला जा रहा है। उनके मुताबिक, इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी गाड़ियां अधिक मात्रा में एथेनॉल मिले पेट्रोल के इस्तेमाल के लिए डिजाइन नहीं की गई हैं। ऐसे में ज्यादा एथेनॉल वाले ईंधन से कुछ वाहनों का माइलेज प्रभावित हो सकता है और मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों ने अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से गाड़ियां खरीदी हैं, लेकिन ईंधन में एथेनॉल की मात्रा को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो सकती है।
पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की मात्रा बताने की मांग
राहुल गांधी ने पेट्रोल पंपों पर पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं दी जाती कि वे जो पेट्रोल खरीद रहे हैं, उसमें एथेनॉल की वास्तविक मात्रा कितनी है।
उनका कहना है कि जब ग्राहकों को ईंधन में मिलाए गए एथेनॉल का सही अनुपात ही नहीं बताया जाएगा, तो वे अपनी जरूरत के मुताबिक ईंधन चुनने का फैसला कैसे कर पाएंगे। उन्होंने इस व्यवस्था में उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी और विकल्प उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे ये सवाल
पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि देशभर में पेट्रोल के नाम पर लोगों की गाड़ियों में वास्तव में क्या भरा जा रहा है और उसमें एथेनॉल की वास्तविक मात्रा कितनी है? इसके अलावा उन्होंने पूछा कि निर्धारित 20 फीसदी से अधिक एथेनॉल मिलाने के आरोपों पर तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के आखिर में प्रधानमंत्री को दी गई बहस की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा का यह मुद्दा भी बहस में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सरकार की नीतियों से आम जनता को होने वाले फायदे और नुकसान पर सवाल उठाए।

