Wednesday, May 27, 2026
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मोबाइल चोरों का सरगना शरद गोस्वामी गिरफ्तार

  • दो करोड़ के मोबाइल, 3.5 लाख रुपये और महंगी शराब समेत 10 गिरफ्तार
  • चीन, बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम देशों में भेजता था मोबाइल
  • भोलाझाल का होटल कुर्क, 2019 में भी गया था जेल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: देश भर के मोबाइल चोरों का सरगना और इंटरनेशनल मोबाइल चोर शरद गोस्वामी को देहलीगेट पुलिस और एसओजी ने पकड़ लिया। इससे पहले शरद गोस्वामी 2019 में भी जेल जा चुका है। शरद गोस्वामी को उसके 10 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। इसके पास से दो करोड़ की कीमत के 207 महंगे मोबाइल, 3.5 लाख रुपये, डेढ़ लाख रुपये की कीमत की विदेशी शराब, पिस्टल और बाइक आदि मिली है।

शरद गोस्वामी चोरी हुए मोबाइल को बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम, चीन और श्रीलंका आदि भेजता था। पुलिस ने उसके भोलाझाल वाले होटल को कुर्क कर लिया है। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मोबाइल लूट करने वाले अंतराष्ट्रीय गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी की तलाश में मेरठ पुलिस काफी दिनों से लगी हुई थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। एसएसपी ने बताया कि शरद गोस्वामी के पास अपराधियों का संगठित गिरोह है।

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गिरोह के सदस्यों की सभी टीमें प्रतिदिन दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, वृंदावन (मथुरा), गुरुग्राम व मेरठ आदि जगहों से मोबाइलों की लूट/चोरी करते हैं एंव लूटे/चोरी किये गये मोबाइल को एकत्र कर इनको अपने वाहनों द्वारा मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर आकर गिरोह के गैंग लीडर शरद गोस्वामी, नदीम, महफूज व अन्य सदस्यों को आॅनलाइन ऐप के माध्यम से कॉल करके बुला लिया करते थे।

ये लोग गाड़ी स्लेरियों नंबर यूके-08एजेड 5144 अथवा बदल-बदल कर बाइक व अन्य साधनों से जनपद मेरठ से लेकर रुड़की चले जाते थे।गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग टीम द्वारा कम-से कम 40-60 मोबाइल फोन (प्रतिदिन) लूट व चोरी कर लिये जाते हैं। जिनको शरद गोस्वामी अपने रुड़की आवास पर ले जाकर वहां से 100-100 मोबाइल के बंडल/पैकेट बनाकर तैयार करता था।

शरद गोस्वामी द्वारा मोबाइलों के पासवर्ड व आईएमईआई को बदलकर गिरोह के सदस्य नदीम व अन्य के द्वारा अन्य देशों (श्रीलंका, चीन, नेपाल, दुबई, बांग्लादेश, खाड़ी के अन्य देशों में (डोमोस्टिक फ्लाइट व पानी के जहाजों व प्राइवेट वाहनों के जरियें) भेजकर बेचे जाते थे।

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गिरोह के सदस्यों द्वारा मोबाइलों को सभी मोबाइलों की फोटो खींचकर आॅनलाइन ऐप द्वारा गैंगलीडर को भेज देते थे। जिनको देखकर शरद गोस्वामी मोबाइलों की फोटो पर कीमत लिखकर अन्य सदस्यों को वापस भेज देता था। इस प्रकार प्रत्येक माह में 2500-3000 मोबाइलों का बंडल बनाकर अन्य देशों व भारत के अन्य राज्यों में भेज दिया जाता था।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों द्वारा मोबाइल खरीद व बेचकर करोड़ों रुपयों की सम्पत्ति अर्जित की गयी है। एएसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि शरद गोस्वामी के खिलाफ मोबाइल लूट व चोरी के 37 मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं।

बरामदगी

62 एप्पेल आई फोन, 3 शोयोमी, 22 रेडमी, 1 सोनी, 1 नोकिया, 34 ओप्पो, 7 टैक्नो, 21 रियलमी, 1 ओनर,1 मोटोरोला, 2 एमआई, 13 सैमसंग, 5 वन प्लस, 21 वीवो, 9 इन्फीनिटी, 3 नारजो, 1 आईटेन, 2 लैपटॉप (एक डैल कम्पनी व दूसरा एएसयूएस कम्पनी) आदि। 1 कार स्लेरियो, 4 बाइकें, 3.5 लाख रुपये की नकदी, 35 बोतल विदेशी शराब (कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये) आदि।

गिरफ्तार बदमाश

शरद गोस्वामी पुत्र महेन्द्र गिरी, राहुल उपाध्याय पुत्र नरेन्द्र उपाध्याय, अफजल राणा पुत्र आबाद राणा, रहीस पुत्र सफीम शेख, सारिक मलिक पुत्र साबीर मलिक, राशीद पुत्र हकीमुद्दीन मलिक, फुरकान शेख पुत्र सगीर अहमद, अफजल शेख पुत्र सगीर अहमद, शाहरूख पुत्र समीम पठान, चांद पुत्र जान मोहम्मद आदि।

फरार बदमाश

नदीम पुत्र सलमानी, महफुज पुत्र फज्जल, उमरदराज पुत्र सरवर, शहनावाज पुत्र सरवर, इरफान पुत्र निजाम, इनाम पुत्र बिंदू, मुन्ना पुत्र मोहम्मद खान, चांद पुत्र याकूब, खुर्रम पुत्र सरफराज, अलफातार पुत्र नवाब, साजिद बैटरी आदि।

मोबाइल देखकर कमीशन तय

मोबाइल चोर शरद गोस्वामी के साथ पकड़े गए लोगों ने बताया कि जैसा मोबाइल होता था, वैसा ही कमीशन मिलता था। 10 हजार के मोबाइल पर शरद एक हजार रुपये और 20 हजार रुपये पर दो हजार रुपये प्रति मोबाइल देता था। यदि मोबाइल महंगा और नया होता था तो ढाई से तीन हजार रुपये मिलते थे। पकड़े गए बदमाश मेरठ समेत कई जिलों में मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

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शाम के बाद बाइक पर मोबाइल लूटते थे। वहीं बस अड्डे और बसों में बैठकर मोबाइल चोरी कर लेते थे। मुरादनगर, मोदीनगर, परतापुर, दिल्ली रोड पर जो भी परिवार अपनी गाड़ी में भीड़भाड़ में होता था या गाड़ी खड़ी होती थी। वहां ठक-ठक गिरोह की तरह काम करते थे। इंजन आॅयल निकलना, टायर में पंचर होने की बात कहकर कार चालक का ध्यान भटका देते थे। उसके बाद कार से बैग या मोबाइल उड़ाते थे।

1400 मोबाइलों से भरा कैंटर लूटा था

शरद गोस्वामी के गैंग ने गौतमबुद्धनगर के थाना कासना (बीटा) में मई 2019 को ओप्पो कंपनी के 1400 मोबाइल से भरे कैंटर गाड़ी को लूट लिया था। इस इंटरनेशनल गैंग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अपने गिरोह के सदस्यों से चोरी और लूट की घटनाएं अंजाम दी थी। लूटे गए मोबाइल को ये गैंग गिरोह के सदस्य नदीम के पास भेज देता था।

नदीम मुंबई में रहकर काम करता था। नदीम ने मोबाइल का शोरूम मुंबई, बेंगलुरु और इंदौर में खोला था जिसमें इन मोबाइलों में से बिक्री के लिए रखा जाता है। नदीम इन मोबाइलों को नेपाल, थाईलैंड और चीन भी भेज दिया करता था। गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी से जुड़े चार बैंक खातों में करीब 15 महीने में तीन करोड़ 34 लाख 68 हजार 974 रुपये रुपयों का लेन-देन किया गया था।

शरद गोस्वामी की पिस्टल कहां गई, जांच के आदेश

2019 को जब पुलिस ने कुख्यात मोबाइल चोर शरद गोस्वामी से एक करोड़ के मोबाइल के साथ पिस्टल बरामद की थी। वो पिस्टल कहां है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। एसएसपी ने इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं। शरद गोस्वामी के पास से पुलिस ने पिस्टल बरामद की थी। इस पिस्टल को एसओजी के एक पुलिसकर्मी ने अपने पास रख ली थी।

इस पुलिसकर्मी को पिस्टल मालखाने में जमा करनी चाहिये थी, लेकिन पिस्टल वक्त के साथ गायब हो गई। मंगलवार को जब शरद गोस्वामी दोबारा पकड़ा गया और उसके पास से पिस्टल और मोबाइल आदि बरामद हुए तो सवाल उठा कि पुरानी पिस्टल कहां गई। जब इस बारे में एसएसपी प्रभाकर चौधरी से पूछा गया तो उनका कहना था कि उनके संज्ञान में यह मामला है और वो इसकी जांच कराएंगे।

मेट्रो प्लाजा में मोबाइल मैकेनिक बना शातिर लुटेरा

शातिर मोबाइल चोर शरद गोस्वामी ने जरायम की दुनिया में घुसने से पहले उसने मेट्रो प्लाजा में मोबाइल मैकेनिक का काम किया था। इससे पहले उसने कबाड़ी बाजार में देह व्यापार की संचालिका से दोस्ती करके नेपाल और वेस्ट बंगाल से लड़कियों को मेरठ, नोएडा और दिल्ली में लड़कियों को नौकरी दिलाने के लिए लाता। फिर इन लड़कियों को कोठों पर बेच देता था। देह व्यापार का नेटवर्क चलाकर उसने खूब कमाई की।

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शरद ने जब मेट्रो प्लाजा में मोबाइल ठीक करना शुरु किया तो लोग उससे मिलने लगे और उसने यहीं से अपना गैंग बनाना शुरु कर दिया। इसके बाद वह खुद लोगों से मोबाइल छीनने लगा। दो अक्टूबर, 2019 को पुलिस ने एक करोड़ रुपए के महंगे मोबाइल बरामद किए। उस वक्त शरद से पूछताछ में पुलिस ने बताया था कि कि वह 10 हजार से अधिक मोबाइल नेपाल के रास्ते चीन भेज चुका है। एक मोबाइल पर एक से दो हजार रुपये गैंग के आदमी को देता था।

खास बातें

  • शरद व उसके परिवार के 7 खातों में दो साल में 4.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। अधिकांश पैसा विदेश से आया।
  • 2019 में खातों में 84 लाख रुपया फ्रीज कराया गया।
  • शरद की दूसरी पत्नी गुरुग्राम से गैंग चलाती है।
  • शरद ने काली कमाई से कई करोड़ का सोना बैंक के लॉकरों में रखा।
  • शरद चोरी व लूट के मोबाइल खरीदकर उनके आईएमईआई नंबर बदलता। नेपाल के रास्ते यह मोबाइल विदेश भेजे गए।
  • 2019 में शरद के फ्लैट से एक करोड़ रुपये के मोबाइल बरामद किए।

हाईस्कूल फेल शरद ने कमाये करोड़ों

कुख्यात मोबाइल चोर व लुटेरा शरद गोस्वामी भले ही हाईस्कूल फेल हो, लेकिन अपने शातिराना अंदाज के कारण करोड़ों का मालिक बन गया था। पूरे देश के मोबाइल चोर उसके टिप्स पर रहते थे। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि शरद गोस्वामी के पिता पेशे के ड्राइवर का कार्य करते हैं।

शातिर दिमाग होने के कारण अपने गैंग के सदस्यों महफूज, नदीम, इरफान से मिलकर उसने कम समय में करोड़ों रुपयों की सम्पत्ति अर्जित की है। जिनमें भोला झाल, थाना जानी क्षेत्रान्तर्गत में तीन स्टार होटल (निर्माणाधीन) व रुड़की जनपद हरिद्वार में पत्नी प्रियंका गोस्वामी के नाम जनपद मेरठ में भगवती कुंज थाना परतापुर क्षेत्र मेरठ में आलीशान मकान व रुड़की जनपद हरिद्वार में भी लगभग 200 गज में शानदार कोठी बनायी गयी है।

मोबाइल लुटेरों के द्वारा शेयर मार्केट व गोल्ड में भी निवेश किया गया है। गिरोह के सदस्य महफूज द्वारा इसी गोरख धंधे से कमाई से लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्रांतर्गत दो आलीशान मकान भी बनाये गये हैं तथा फरार अभियुक्त नदीम द्वारा भी इसी गोरख धंधे की कमाई से शांतिनगर, थाना रेलवे रोड क्षेत्र में एक आलीशान मकान व केनरा बैंक के पास एक जमीन है। गिरफ्तार अभियुक्त शरद गोस्वामी की सम्पत्ति कुर्की की कार्रवाई भी गत छह सितंबर 2021 को की जा चुकी है। वर्तमान में शरद गोस्वामी द्वारा पूरे मोबाइल सिन्डिकेट को अपने रुड़की जनपद हरिद्वार निवास से संचालित करता है।

बदमाशों को देता है बोनस

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में शरद गोस्वामी ने जानकारी दी कि वो ज्यादा मोबाइल लूट व चोरी करने वाले साथियों को दीवाली और होली पर बोनस और इनक्रीमेंट देता था। ऐसा करने से उसके साथी मोबाइल लूट में तेजी लाते थे।

धार्मिक स्थलों पर फोकस

शरद गोस्वामी ने बताया कि उसके लुटेरे साथियों को वह बांके विहारी वृंदावन, मथुरा, दिल्ली और उन मंदिरों के पास खड़ा करता था। जहां पर दूरदराज से लोेग दर्शन करने आते थे। इनके मोबाइल चोरी होने के बाद ये लोग मजबूरीवश संबंधित थानों में मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज करवा कर चले जाते थे।

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