Tuesday, April 23, 2024
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…तो ऐसे किया जा रहा क्राइम कंट्रोल

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  • पीड़ित कारोबारी थाना देहलीगेट के खिलाफ एसएसपी से फरियाद करने पहुंचा पुलिस कार्यालय
  • 17 दिन बाद भी 30 लाख के सोना लूट की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं
  • शहर सराफा में भरे बाजार में सोने की चूड़ियों का बैग छिन कर हो गए थे फरार
  • तीन माह में आधा दर्जन से ज्यादा सोना लेकर भागने की किसी भी एक घटना का खुलासा नहीं किया गया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंभीर अपराधों में मुकदमा ना लिखकर थाना देहलीगेट पुलिस ने क्राइम कंट्रोल का नायाब तरीका निकाल लिया है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला 30 लाख के सोना छीनने का सामने आया है। करीब एक पखवाड़े से पीड़ित थाने के चक्कर काटता-काटता जब थक गया तो उसने मंगलवार को पुलिस कार्यालय पहुंचकर एसएसपी से मदद की गुहार लगायी।

हैरानी की बात यह है कि तीस लाख के सोना छीने जाने के इस मामले में पीड़ित ने आरोपियों के नाम व पते सब कुछ बता दिया है उसके बाद भी थाना देहलीगेट पुलिस हाथ हिलाने को तैयार नहीं। यह इकलौता मामला नहीं है। इसके इतर भी देहलीगेट क्षेत्र में पिछले तीन माह के दौरान सोना लेकर भागने के जितने भी मामले हुए हैं उनमे से किसी का भी खुलासा थाना देहलीगेट पुलिस ने नहीं किया है।

सरे बाजार में धमकी देकर छीना बैग

पुलिस कार्यालय पहुंचे पीड़ित कारोबारी कमल चड्ढा पुत्र संदीप चड्ढा निवासी वैशाली कालोनी ने बताया कि उनके साथ अंजाम दी गयी सोना छिनकर भागने की यह वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है। बाजार मे तमाम लोगों इस घटना के चश्मदीदी गवाह हैं। तत्काल डायल 112 तथा थाना देहलीगेट पुलिस को सूचना भी दी गयी थी। सोना छीनकर भागने वालों के नाम भली बताए गए थे, लेकिन पुलिस फिर भी कोई कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ नहीं कर रही है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि 30 लाख रुपये कीमत का उनका सोने कैसे वापस मिले।

ये है पूरा घटनाक्रम

नौचंदी थाना के वैशाली कालोनी निवासी कमल चड्ढा ने बताया कि वह मजदूरी पर ज्वेलरी व उस पर पॉलिश का काम करते हैं। उन्होंने 16 दिसंबर को सोने की 30 चूड़ियां जिनकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बैठती हैं, अप्पू पालिश वाले को पॉलिश करने के लिए दी थीं। अलग दिन यानि 17 दिसबंर को पॉलिश करने वाले की काल उनके मोबाइल पर आयी और उसने कहाकि भांग के ठेके के पास वह पॉलिश की गयी सोने की चूड़ियां लेकर पहुंंच रहा है।

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कमल ने बताया कि शाम आठ बजे वह भांग के ठेके के पास पहुंच गए। वहीं पर अप्पू पॉलिश वाला सद्दाम उनकी चूड़ियां लेकर आ गया। उसने बैंग उन्हें थमाया और चला गया। कमल का आरोप है कि जब वह अपनी चूड़ियां लेकर वहां से चलने लगे तो उसी दौरान वहां मौजूद अशोक कपूर, नवीन कपूर पुत्र महेन्द्र कपूर वहां आए। उन्होंने पीछे से स्कूटी रोक ली। वहां नीरज कपूर, महेन्द्र कपूर, संदीप चौपड़ा व भरत सहगल भी आ गए।

उन्होंने तमंचा दिखाकर कहा कि या तो यह सोना दे दे वर्ना आज जान से जाएगा। पीड़ित कमल का आरोप है कि उससे 30 लाख कीमत की चूड़ियां छीनकर वो लोग नील की गली की ओर भाग गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी में दर्ज हुई है। घटना के तुंरत बाद वह थाना देहलीगेट पहुंचे। पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी, लेकिन बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के थाना देहलीगेट इतने दिन से उन्हें चक्कर ही कटा रही है। थक हारकर वह एसएसपी के पास मदद की गुहार लेकर पहुंचे हैं।

तीन माह की घटनाओं का खुलासा नहीं

देहलीगेट थाना क्षेत्र में बीते तीन माह के दौरान ज्वेलर्स का सोना लेकर भागने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ये सोना बंगाली कारीगर लेकर भागे हैं। इनमें से सोना लेकर भागने की ज्यादातर घटनाओं को पूरा ब्योरा व आरोपी का नाम पता सब कुछ दिए जाने के बाद भी देहलीगेट थाना पुलिस ने किसी भी घटना का आज तक खुलासा नहीं किया। तीन महीनों के दौरान जो सोना लेकर भागने की घटनाएं अंजाम दी गयी हैं। उनमें लाखों नहीं बल्कि सोने की कीमत करोड़ों में आंकी गयी है।

पुलिस से उठ चुका विश्वास

  • सोना लेकर भागने की घटनाओं में थाना देहलीगेट व कोतवाली पुलिस का रवैया बेहद शर्मसार करने वाला तथा निराश करने वाला है। अब तो हालत यह हो गयी है कि सोना लेकर भागने की घटनाओं की सूचना तक लोगों ने पुलिस को देनी बंद कर दी है। ऐसा पुलिस के प्रति विश्वास का काम होना दर्शाता है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस सोना लेकर भागने तथा ज्वेलर्स के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओ को गंभीरता से नहीं ले रही है। इसी प्रकार की एक घटना सदर के कलाल खाना निवासी एक बंगाली कारीगर के सोना लेकर भाग जाने को लेकर भी सुनने को आयी थी। यह भी पता चला कि उक्त मामले में भी पीड़ित दो ज्वेलर्स ने पुलिस के पास जाने न जाना ही बेहतर समझा। -विजय आनंद अग्रवाल, महामंत्री बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन मेरठ

कॉल की तो ऊपर पहुंचा दिया जाएगा

घर में टाइल्स लगाने आए कारीगर को एसओजी के सिपाही पर अपने सहयोगी सिपाही से झूठे मामले में फंसवा कर जेल भिजवा देने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए जेल भेजे गए युवक के पिता ने एसएसपी से पूरे मामले की जांच कराए जाने की गुहार लगायी है।

उन्होंने एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में एसओजी सिपाही पर पूरे परिवार को ऊपर पहुंचा देने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इरशाद पुत्र इंतजार निवासी जाकिर कालोनी थाना लोहियानगर मंगलवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे और एसएसपी से मिले। उन्होंने एसएसपी से थाना लोहिया नगर पुलिस तथा थाना गंगानगर पुलिस की भी इस मामले में जांच की मांग की है।

ये है पूरा मामला

पुलिस कार्यालय में इंतजार ने बताया कि उनका पुत्र रिजवान टाइल्स पत्थर लगाने का काम करता है। बीते साल अगस्त माह में वह गंगानगर निवासी एसओजी के एक सिपाही के यहां टाइल लगाने का काम करने गया था। काम करने जाने की वजह से रिजवान का का नंबर उसके एसओजी के सिपाही के परिजनों के पास मौजूद था। काम निपट जाने के बाद एसओजी के सिपाही के परिवार की एक महिला सदस्य जो तलाकशुदा है,

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उसकी फोन काल्स रिजवान के मोबाइल नंबर पर आते रहे। उन्होंने बताया कि रिजवान ने अनेक बार उनको काल न करने को कहा भी। इसकी जानकारी उक्त सिपाही को भी दी गयी। उसके बाद भी उक्त महिला के फोन्स कॉल लगातार रिजवान के मोबाइल नंबर पर आते रहे।

परिचित के माध्यम से फंसाने का आरोप

एसएसपी को दिए गए पत्र में जेल भेजे गए युवक के पिता ने आरोप लगाया कि उक्त सिपाही ने अपने किसी परिचित पुलिस कर्मी से एक फोन काल्स उनके पुत्र के मोबाइल नंबर पर कराई। वो नंबर किसी रोहन राजपूत की आईडी ट्रू कालर पर दर्शा रहा था। उसन नंबर से काल आने के बाद साजिश कर रिजवान को रंगदारी के मुकदमे में फंसा दिया। यह मुकदमा थाना गंगानगर में 31 दिसंबर को दर्ज कराया गया दर्शाया गया।

युवक के पिता ने जानकारी दी कि सोमवार को हापुड़ रोड मदीना मस्जिद के पास से सादावर्दी में आए पुलिस वालों ने उसके पुत्र को एक प्राइवेट गाड़ी में डाल लिया। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी। तमाम लोग जो आसपास से गुजर रहे थे, उन्होंने भी घटना को देखा। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि रिजवान को जेल भेज दिया गया गया है।

परिवार को जान से मारने की धमकी

पीड़ित इंतजार का आरोप है कि उनके बेटे रिजवान को रंगदारी के झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजने के बाद गंगानगर निवासी सिपाही ने उनके दूसरे बेटे फुरकान को काल कर कहा कि यदि उनके परिवार की महिला को उसके भाई ने दोबारा फोन काल्स किया तो पूरे परिवार को ऊपर भेज देगा। इस धमकी के बाद पूरा परिवार बुरी तरह से डरा हुआ है। पीड़ित ने एसएसपी को दिए गए

शिकायती पत्र में जांच की मांग करते हुए दावा किया कि जो बात वह कह रहा है उसके सबूत उस मोबाइन में हैं जो रिजवान के पास है, वो मोबाइल नंबर व अन्य चीजें थाना गंगानगर पुलिस ने उसको जेल भेजने से पहले जब्त कर ली हैं। किसी अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर काल डिटल निकलवा कर एसओजी के सिपाही पर लगाए गए आरोपों की पुष्टी की जा सकती है।

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