जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में पिछले तीन दिनों से चल रहा गतिरोध धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे सात निहंगों में से तीन नीचे उतर चुके हैं, जबकि चार निहंग अब भी छत पर मौजूद हैं। प्रशासन लगातार वार्ता के जरिए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने में जुटा है।
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात प्रशासन की समझाइश के बाद एक निहंग नीचे उतर आया था। सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल पहुंचे। इनमें से एक निहंग भोजन लेकर वापस लौट गया, जबकि दूसरे को पुलिस ने मौके पर ही रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान छत पर मौजूद निहंगों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पत्थरबाजी भी की। वहीं एक निहंग तलवार लहराते हुए आगे बढ़ा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने आरोप लगाया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार तोड़फोड़ कर रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल की दीवारों समेत अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तोड़ी गई सामग्री का इस्तेमाल निहंग अपने बचाव के साधन के रूप में कर रहे हैं।
सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर और कोतवाली प्रभारी सुरेश बलूनी ने निहंगों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास जारी हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
क्यों बढ़ा विवाद
नगरासू गुरुद्वारे में विवाद की शुरुआत गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच हुए मतभेद से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने पर मामला बढ़ गया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर निहंग तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए और अंदर से खुद को बंद कर लिया।
वहीं सेवादार और निहंग इस विवाद को कर्णप्रयाग में हुई एक घटना से जोड़ रहे हैं तथा अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि नगरासू गुरुद्वारा विवाद का कर्णप्रयाग की घटना से कोई संबंध नहीं है। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के अनुसार गुरुद्वारा प्रबंधन की सूचना मिलने तक निहंग ऊपरी मंजिलों पर जा चुके थे। शनिवार से पुलिस लगातार उनसे बातचीत कर नीचे आने के लिए समझा रही है।
स्थानीय लोगों से नहीं, प्रबंधन से है विवाद
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार यह विवाद स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच नहीं, बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात कुछ बाहरी लोग गुरुद्वारे के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। उन्होंने ऐसे लोगों की गतिविधियों की जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे के आसपास यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, लेकिन सुरक्षा कारणों से गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं पिछले तीन दिनों से सीमित स्तर पर लंगर सेवा संचालित की जा रही है।

