Wednesday, May 25, 2022
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जैन मंदिर से भगवान शांतिनाथ की मूर्ति चोरी

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  • चोर चांदी का सिंहासन भी ले गए, श्रद्धालुओं में आक्रोश

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: टीपी नगर थानांतर्गत साबुन गोदाम में स्थित जैन मंदिर से बदमाश अष्टधातु की बनी भगवान शांतिनाथ की मूर्ति और चांदी का सिंहासन चोरी करके ले गए। शाम के समय जब श्रद्धालु दर्शन के लिये आये तो मूर्ति गायब मिली। इसको लेकर जैन समाज में रोष फैल गया। बाद में मंदिर समिति की तरफ से टीपी नगर थाने में तहरीर दी गई है।

पुलिस ने बताया कि साबुन गोदाम में जैन मंदिर स्थित है। सुबह 11 बजे तक मंदिर में श्रद्धालु पूजापाठ करके जा चुके थे। शाम को चार बजे जब श्रद्धालु मंदिर में आये तो मूर्ति और सिंहासन गायब दिखा। यह देखकर भक्तों में रोष फैल गया। मूर्ति चोरी की खबर जैन समाज में आग की तरह फैली। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े राकेश जैन व तमाम लोग आए और मंदिर में रहने वाली महिला वर्षा से पूछताछ की।

उसने बताया कि उसने सुबह 11 बजे मंदिर बंद किया था। राकेश जैन ने बताया कि मंदिर बंद करने के दौरान ही मूर्ति चोरी हुई है। जैन समाज के लोगों ने मूर्ति की काफी खोजबीन की, लेकिन मूर्ति नहीं मिली। बताया कि चांदी के सिंहासन के साथ सात इंच की भगवान शांतिनाथ की मूर्ति चोरी हुई है। बाद में जैन समाज के लोग टीपी नगर थाने गए और चिन्मय जैन की तरफ से मूर्ति चोरी की तहरीर दी गई।

अधिकारी बनकर लूट के आरोपी की जमानत खारिज

न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 मेरठ विकास गोस्वामी ने धोखाधड़ी के आरोप में आरोपी अमित शर्मा पुत्र राधेश्याम निवासी बागपत का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। एडीसीसी क्रिमिनल अमित धामा ने बताया कि वादी मुकदमा उप निरीक्षक अरुण कुमार ने थाना भावनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली है कि एक व्यक्ति अपने आपको एसटीएफ का अधिकारी बता कर लोगों में रोब दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा है।

वह अपनी लाल रंग की बाइक से परीक्षितगढ़ की तरफ से जाने वाला है। मुखबिर की सूचना पर वादी ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और आरोपी को पकड़ने के लिए चले गए। आरोपी ने जब उन्हें अपनी तरफ आते हुए देखा तो वह बाइक से गंगानगर की तरफ भागने लगा। जिसे वादी ने अपनी टीम के साथ पकड़ लिया।

पकड़े जाने पर आरोपी ने अपना नाम पता बताया तथा उसके पास से फर्जी एसटीएफ अधिकारी होने के आई कार्ड मिले और पता लगा कि उसने फर्जी एसटीएफ अधिकारी बनकर कई लोगों से पैसे वसूल रखे थे। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

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