जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भारत-पाकिस्तान सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रारंभ हुए हवाई हमलों के बाद देश की प्रमुख छावनी कैंट से मिलते सिविल क्षेत्रों पुलिस फोर्स की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस के द्वारा एरिया में नजर आने वाले संदिग्ध व्यक्ति की आईडी की जांच पड़ताल के साथ-साथ उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। कैंट देश की प्रमुख छावनी में शामिल है। इस छावनी का क्षेत्र विशाल है, जो शहर के चार थाना क्षेत्रों से मिलता है। इन थाना क्षेत्रों में सदर बाजार, लालकुर्ती, कंकरखेड़ा तथा पल्लवपुरम प्रमुख हैं। कैंट एरिया के कई मार्ग ऐसे हैं जिन का प्रयोग नागकिरक दिन-रात के समय करते हैं।
ये मार्ग सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण श्रेणी में आते हैं। इसलिए पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा इन मार्गों के साथ-साथ अन्य मार्गों से गुजरने वाले नागरिकों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सदर बाजार, कंकरखेड़ा, लालकुर्ती तथा पल्लवपुरम थाना पुलिस को कैंट एरिया से मिलते क्षेत्र में दिन-रात कड़ी निगरानी के लिए कहा गया है। साथ ही, संदिग्ध नजर आने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच पड़ताल और पूछताछ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह रात्रि में कैंट एरिया से मिलते क्षेत्र में निरंतर भ्रमणशील रहे। रात्रि गश्त में किसी तरह की लापरवाही या कोताही न बरती जाए। आला अफसरों के निर्देश पर चारों थाना प्रभारियों के द्वारा पुलिस बल के साथ कैंट एरिया से सटे क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने कैंट से सटे क्षेत्र में बनाए पिकेट
कैंट से सटे सिविल एरिया में पुलिस ने पिकेट बनाने प्रारंभ कर दिए हैं। शुक्रवार को सदर बाजार की रजबन पुलिस चौकी के अंतर्गत नैंसी चौराहे के समीप सीमेंट के खाली कट्टों में बालू भरकर चेकपोस्ट बनाय गया है। चेकपोस्ट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सदर बाजार पुलिस द्वारा नैंसी चौक के अलावा कैंट स्टेशन व 510 आर्मी बेस वर्कशॉप के रास्ते पर चेकपोस्ट तैयार किए जाएंगे।
संवेदनशील क्षेत्र व आपराधियों की गतिविधियां पर नजर
भारत-पाक के बीच हवाई हमले प्रारंभ होने के बाद पुलिस-प्रशासन के द्वारा स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जनपदभर की थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने थाने में संवेदनशील क्षेत्रों के अलावा गुंडा एक्ट में निरुद्ध अपराधी, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर तथा अन्य अराजक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। मुखबिर को सजग कर पता लगाएं कि ये अपराधी किसी तरह की भड़काऊ, विघनटनकारी या देश विरोधी बयानबाजी लोगों के बीच तो नहीं कर रहे हैं। अगर उनकी गतिविधि संदिग्ध नजर आए तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि थाना स्तर पर पुलिस को अराजक तत्वों, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एलआईयू और इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी पल-पल गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
जिले के 550 सोशल मीडिया अकाउंटस पर पुलिस की निगरानी
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: पहलगाम में आतंकी वारदात के बाद भारत-पाकिस्तान की सेनाओं के आमने-सामने के बाद से जहां प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं जनपद स्तर पर पुलिस फोर्स अलर्ट मोड पर है। ऐसे में पुलिस के सोशल मीडिया सेल तथा खुफिया विभाग की जनपद के 550 सोशल मीडिया अकाउंट पर पैनी नजर है। इन अकाउंट के संचालक पहले भी विवादित या भड़काऊ पोस्ट कर चुके हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ पूर्व में कार्रवाई भी हो चुकी है। इसलिए इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रदेश में शांति व्यवस्था के लिए डीजीपी प्रशांत कुमार ने रेड अलर्ट जारी कर रखा है। हाईकमान के निर्देश पर जनपद में पुलिस फोर्स अलर्ट मोड पर है। हर संदिग्ध पर कड़ी नजर रखी जा रही है। साथ ही, वर्तमान समय में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। इसके चलते फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, एक्स समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर पैनी नजर रखी जा रही है। जनपद में 550 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर थाना तथा जिला स्तर पर गठित पुलिस के सोशल मीडिया सेल द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां भी इन सोशल मीडिया अकाउंट की पोस्ट को चेक कर रहा है। इन अकाउंट्स की एक-एक पोस्ट के साथ-साथ एक-एक कमेंट को बारीकी से पढ़ा जा रहा है। पोस्ट के शब्दों के चयन को गौर से देखा जा रहा है। पोस्ट मेें किसी ऐसे शब्द का प्रयोग तो नहीं किया गया। जिससे तनाव या शांति व्यवस्था भंग हो। प्रमुख पहलगाम तथा भारतीय सेना के पाकिस्तान के ठिकानों को बनाए गए हमलों को लेकर की गई, पोस्ट प्रमुखता से देखा जा रहा है। बता दें कि जिन 550 सोशल मीडिया अकाउंट की पुलिस के सोशल मीडिया सेल द्वारा निगरानी की जा रही है, उनके संचालकों पर पहले मुकदमे या अन्य कार्रवाई हो चुकी है।
सोशल मीडिया अकाउंट पर कड़ी नजर: एसएसपी
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि जनपद में 550 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट हैं जिनके खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है। इसलिए थाना व जिला स्तर पर पुलिस के सोशल मीडिया सेल द्वारा इन अकाउंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। साथ ही, एलआईयू तथा अन्य खुफिया एजेंसियों के द्वारा भी इन अकाउंट्स की निगरानी की जा रही है।
जनपद में जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट रहा पुलिस-प्रशासन
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों की हत्या और उसके बाद सेना द्वारा पीओके तथा पाकिस्तान में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला भी किया है। तनाव को देखते जुमे की नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। एडीजी जोन के अलावा जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अफसर पल-पल की अपडेट लेते रहे।
पहलगाम में आतंकियों ने 22 अप्रैल को 26 पर्यटकों की गोलयां बरसाकर हत्या की। इसके बाद भारतीय सेना ने आॅपरेशन सिंदर के तहत छह मई की रात में पीओके तथा पाकिस्तान स्थित आतंकियों के नौ ठिकाने पर हमला किया। जिससे भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव पैदा हो गया। सात मई को पाक सेना ने पुंच और राजौरी सेक्टर में गोलीबारी की। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाक के लगभग दर्जन सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इससे तनाव और बढ़ गया।
इस तनाव के मद्देनजर शुक्रवार को जुमे की पहली नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन चौकन्ना रहा। नमाज के वक्त थाना प्रभारियों के साथ-साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। उनके द्वारा अपने मुखबिर से नमाज शांतिपूर्वक संपन्न होने को लेकर लगातार जानकारी ली जाती रही। दूसरी ओर, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र सिंह बेगमपुल स्थित आबूलेन पुलिस चौकी पर पहुंचे। यहां से अधिकारी शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्र में जुमे की नमाज को लेकर पल-पल की अपडेट लेते रहे। अपराह्न तीन बजे जनपद में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो जाने तक पुलिस-प्रशासनिक अफसर चौकी पर ही डटे रहे।
जीआरपी ने चलाया ट्रेनों, सिटी स्टेशन पर चेकिंग अभियान
मेरठ (जनवाणी): भारत पाक के बीच बने तनाव को लेकर जारी अलर्ट के चलते राज्यकीय रेलवे पुलिस ने शुक्रवार को ट्रेनों व सिटी स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान जीआरपी ने संदिग्ध यात्रियों की चेकिंग की तथा अन्य यात्रियों को हमले के दौरान बचाव के उपाय भी बताए। सीओ जीआरपी और एसओ जीआरपी के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में दिल्ली से देहरादून जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस, दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली डीएस ट्रेन में चेकिंग की गई। जीआरपी ने सिटी स्टेशन पर यात्रियों की तलाशी ली। उन्होंने लोगों ने यदि हवाई हमला होता है, उससे बचने के लिए जमीन में लेट जाने व शीशों के दरवाजे खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी।

