- परिवहन विभाग के अफसरों से सेटिंग कर चल रहा गुड्स टैक्स चोरी का खेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह लगातार राजस्व बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी स्लीपर बसों में ट्रकों की तरह माल की ढुलाई कराकर विभाग को करोड़ों का चूना लगवा रहे हैं। परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों से सेटिंग करके गुड्स टैक्स की चोरी का खेल चल रहा है। मेरठ से कई दर्जन स्लीपर बसें रोजाना कई-कई टन माल खुलेआम ढो रही हैं, लेकिन अधिकारी इन बसों का चालान करने को तैयार नहीं।
खास बात ये है कि इन बसों में माल की ढुलाई से जीएसटी विभाग को भी करोड़ों का चूना लग रहा है। यानी सरकार को डबल मार पड़ रही है, यदि इन बसों की ईमानदारी से चेकिंग कर धरपकड़ की जाए तो रोजाना लाखों का जुर्माना परिवहन विभाग को होगा। उल्लेखनीय है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, तामिलनाडू, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा आदि राज्यों की बड़ी संख्या में स्लीपर बसें रोजाना हरिद्वार जाती और वापस लौटती हैं। इन बसों में सीटों के नीचे बहुत बड़े केबिन बने हैं। इनमें माल भरने के साथ-साथ इनकी छतों पर बड़े-बड़े बोरे ढोए जा रहे हैं, जिससे बिजली के तारों में उलझकर तारों के टूटने और दुर्घटना होने का खतरा बना है।
इन बसों में चार-पांच टन माल ढोया जा रहा है। इन बसों से रोड टैक्स और पैसेंजर टैक्स वसूला जाता है। जबकि माल वाहक वाहनों से रोड टैक्स व गुड्स टैक्स वसूला जाता है। बसों में यात्री अपनी जरूरत का सामान ले जा सकते हैं। ट्रकों की तरह माल की ढुलाई नहीं कर सकते। मेरठ में रोजाना 50 स्लीपर बसें आती हैं, ये बसें जीआईसी के पास, सोतीगंज, हापुड़ रोड, गढ़ रोड, दिल्ली रोड पर अनेक स्थानों से कई कई टन माल ले जाती हैं। इन बसों के संचालकों का परिवहन विभाग अधिकारियों से इतना अच्छी सेटिंग है कि वे इन बसों का कभी चालान नहीं करते हैं।

