Friday, March 20, 2026
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शिक्षिका ने मानव संपदा पोर्टल से की छेड़छाड़

  • जांच में पाई गई दोषी, उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका ने उपस्थिति के लिए बने पोर्टल से की छेड़छाड़

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सरकारी विद्यालयों में स्टाफ की हाजिरी लगानें के लिए बने पोर्टल के साथ स्कूल की सहायक अध्यापिका ने छेड़छाड़ करते हुए खुद ही पूरे स्टाफ की हाजिरी लगा दी। विद्यालय की हेड द्वारा शिकायत की गई। जिसके बाद हुई जांच में शिक्षिका को दोषी पाया गया। इस मामलें में शिकायत करने वाली हेड समेत दोषी शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है।

मामला रुड़की रोड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय छठी वाहिनी पीएसी का है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में स्कूल की सहायक अध्यापिका शैलजा चौहान व प्रधान अध्यापिका सुनीता देवी को निलंबित किया गया है। पत्र में बताया गया है कि सहायक अध्यापिका शैलजा चौहान 17 जनवरी 2022 से 22 जनवरी 2022 तक व 27 जनवरी से लगातार अनुपस्थित रही।

इसके बाद 21 जनवरी 2022 से 20 फरवरी 2022 तक विद्यालय के पूरे स्टाफ की मानव सम्पदा पोर्टल पर बिना विद्यालय की प्रधान अध्यापिका सुनीता देवी की जानकारी के खुद ही उपस्थिति दर्ज कर दी। इसका पता चलने पर प्रधान अध्यापिका ने विभाग में इसकी शिकायत की। जिसमे कहा गया कि सहायक अध्यापिका शैलजा चौहान ने 17 जनवरी से 22 फरवरी 2022 तक अनुपस्थित रहते हुए भी अपनी उपस्थिति दर्ज की।

साथ ही कहा गया कि सहायक अध्यापिका हर माह इसी तरह स्कूल में अनुपस्थित रहते हुए अपनी मर्जी से उपस्थिति दर्ज कराती है। विभाग द्वारा 23 फरवरी 2022 जिला स्तरीय अधिकारी से जांच कराई गई जिसमें सहायक अध्यापिका शैलजा चौहान अनुपस्थित पाई गई। इसके साथ ही विद्यालय की प्रधान अध्यापिका सुनीता देवी को भी अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं करने पर निलंबित कर दिया गया।

दोनों निलंबित शिक्षिकाओं को दूसरी जगह किया सम्बद्ध

निलंबन के आदेश के बाद प्रधान अध्यापिका सुनीता देवी को प्राथमिक विद्यालय डोरली व सहायक अध्यापिका शैलजा चौहान को प्राथमिक विद्यालय रिठानी प्रथम नगर क्षेत्र में सम्बद्ध किया गया, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों शिक्षिकाएं फिलहाल नई जगह सम्बद्ध होने के बाद वहां नहीं जा रही है। जबकि दोनों ने वेतन पा लिया है।

क्या होता है मानव सम्पदा पोर्टल?

यह शासन द्वारा तैयार किया गया एक पोर्टल है। जिसके द्वारा पूरे प्रदेश में किसी भी जिले के विद्यालय में उपस्थित स्टाफ की हाजिरी लगती है। विभाग के हर अध्यापक की मानव सम्पदा आईडी बनी है। किसी अध्यापक को छुट्टी लेने के लिए भी इसी पोर्टल पर अपनी आईडी से आवेदन करना होता है।

इसके बाद पोर्टल में अध्यापक के दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इसी तरह उपस्थिति दर्ज करानें के लिए भी विद्यालय की हेड या प्रिंसिपल पूरे स्टाफ की एटेडेंस लॉग करती है। यह अधिकार केवल प्रिंसिपल या हेड को ही होता है, जबकि सहायक अध्यापिका शैलजा ने विद्यालय की हेड सुनीता देवी को बिना जानकारी देते हुए खुद ही अनपी आईडी से पूरे विद्यालय के स्टाफ की उपस्थिति स्वयं समेत दर्ज करा दी। शिकायत होने के बाद जांच में सच सामने आया जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।

विद्यालय में कुल 77 छात्र, शिक्षक केवल दो

उच्च प्राथमिक विद्यालय पीएसी में इस समय कुल 77 छात्र है, जिसमें से पहली कक्षा में अभी नए एडमिशन चल रहे हैं, दूसरी कक्षा में आठ, तीसरी में एक, चौथी में नौ, पांचवीं में 12, छठी में सात व आठवीं में 23 छात्र है, लेकिन इनते छात्रों के लिए इस समय केवल दो शिक्षक सहायक अध्यापक गुरुदत्त व ओमलता ही है। आठ कक्षाओं के लिए केवल पांच कमरे है। जबकि पीने के पानी के लिए लगे हैंडपंप से पानी के साथ रेत निकल रहा है, बच्चों को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है। कुल मिलाकर इस विद्यालय में फिलहाल छात्रों को शिक्षा देने के लिए स्टाफ की कमी है साथ ही अन्य सुविधाएं भी नहीं है।

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