Wednesday, January 26, 2022
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कंप्यूटर साइंस: तेजी से उभरते ग्लोबल करियर का एवरग्रीन डोमेन 

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ग्लोबलाइजेशन के साथ ही पिछले दो-तीन दशकों में कंप्यूटर साइंस के कारण बिजनस के नेचर और करियर के कैनवस में काफी तब्दीलियां आई हैं। बीसीए, एमसीए और पीजीडीसीए की डिग्रियों के साथ रोजगार के अवसरों की अनगिनत राहें खुली हैं। अमेरिका, कनाडा और अन्य यूरोपीय देशों में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में डील करने वाली कंपनियों के द्वारा कंप्यूटर साइंस इंजीनियर और प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। इसके कारण कंप्यूटर साइंस में ऊंचे वेतन और हाई पर्क्स वाले करियर में भी काफी वृद्धि हुई है।

कंप्यूटर साइंस का क्या फंक्शन होता है?

कंप्यूटर साइंस का डायरेक्ट रिलेशन कंप्यूटर के एप्लीकेशंस के यूज से विभिन्न समस्याओं को सॉल्व करना होता है। कंप्यूटर प्रोग्राम्स या सॉफ्टवेयर के डिजाइन निर्माण के अतिरिक्त कंप्यूटर साइंस विभिन्न प्रकार के कैलकुलेशंस भी करता है।

हार्डवेयर के साथ-साथ यह कॉरपोरेट और पब्लिक सेक्टर कंपनियों के आर्किटेक्चर डिजाइन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज को भी डेवलप करता है। इसके अंतर्गत आॅपरेटिंग सिस्टम और इंटरैक्टिव गेम्स और एप्लीकेशन की भी स्टडी की जाती है।

कंप्यूटर साइंस में करियर्स का डोमेन 

कंप्यूटर साइंस में डिग्री प्राप्त अधिकांश प्रोफेशनल्स सॉफ्टवेयर डेवलपर या वेब प्रोग्रामर्स के रूप में काम कर सकते हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च का भी कार्य कर सकते हैं। चार वर्ष के कंप्यूटर साइंस में डिग्री वाले स्टूडेंट्स प्रोग्रामर्स के रूप में भी रोजगार पा सकते हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर या आईटी प्रोफेशनल्स के रूप में भी करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

आईटी और कंप्यूटर साइंस का क्षेत्र आपस में काफी करीबी से एक-दूसरे से रिलेटेड है और यही कारण है कि दोनों प्रकार के प्रोफेशनल्स एक जैसे ही रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

मूलरूप से आईटी प्रोफेशनल कंप्यूटर सिस्टम को इंस्टाल करने, सोफ्टवेयर का प्रयोग करने और नेटवर्क और डेटाबेस मैनेजमेंट के विशेष क्षेत्र से जुड़े होते हैं। कंप्यूटर साइंस के प्रोफेशनल का डोमेन मैथमेटिक्स और सोफ्टवेयर डिजाईन का होता है।

अनिवार्य एजुकेशनल क्वालिफिकेशंस 

कंप्यूटर या आईटी में करियर के लिए अनिवार्य योग्यता के रूप में बीटेक, बीसीए या एमसीए की डिग्री की जरुरत होती है। इन योग्यताओं के उम्मीदवार आईटी के इंजीनियर बन सकते हैं और कंप्यूटर सेक्टर में भी जॉब पा सकते हैं। वैसे बीटेक या बीसीए के लिए प्लस टू में मैथमेटिक्स का होना जरूरी है। यदि प्लस टू में मैथ्स न रहा हो तो सर्टिफिकेशन और डिप्लोमा कोर्स भी किए जा सकते हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स कंप्यूटर साइंस में स्पेशलाइजेशन के लिए एमटेक  की भी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।

आवश्यक स्किल्स क्या होने चाहिए?

आईटी और कंप्यूटर साइंस में रोजगार पाने के इच्छुक एक उम्मीदवार को निम्न प्रकार के क्षेत्रों में स्किल्ड होना जरुरी है-

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, हार्डवेयर आर्किटेक्चर और कंस्ट्रक्शन, नेटवर्क डिजाइन और इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, मल्टीमीडिया डिजाइन, सॉफ्टवेयर टूल्स और पैकेजेज, टीम वर्क और लीडरशिप, कमर्शियल एंड मार्किट अवेयरनेस, नुमेरेसी, कम्युनिकेशन, इंटरपर्सनल मैनेजमेंट, रिपोर्ट राइटिंग।

कंप्यूटर साइंस में करियर आॅप्शन्स

कंप्यूटर साइंस में आवश्यक योग्यता के साथ स्टूडेंट्स कई प्रकार के करियर विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं-प्रोग्रामर, साइंटिफिक प्रोग्रामर, सिस्टम प्रोग्रामर, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर या डिजाइनर, कंप्यूटर कंट्रोल प्रोग्रामर, इंटरफेस प्रोग्रामर या डिजाइनर, मॉडलिंग या सिम्युलेशन, क्लाइंट/सर्वर सोफ्टवेयर डेवलपर, सोफ्टवेयर पब्लिशिंग, कंप्यूटर ग्राफिक डिजाइनर सॉफ्टवेयर इंजीनियर, क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर, टेलीकम्यूनिकेशन प्लानर, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस इत्यादि। आईटी में करियर आॅप्शन्स

आईटी में करियर आॅप्शन्स के रूप में एक कैंडिडेट के पास चुनाव करने के लिए निम्न महत्वपूर्ण अवसर हैं-चीफ इनफार्मेशन आॅफिसर, डेटाबेस मेनेजर या एडमिनिस्ट्रेटर, मैनेजमेंट कंसलटेंट, मैनेजमेंट एनालिस्ट, सिस्टम एनालिस्ट, एक्चुरी, बिजनस एप्लीकेशन डेवलपर, एप्लीकेशन सोफ्टवेयर सपोर्ट, आॅफिस आॅटोमेशन।

रोजगार के मुख्य विकल्प क्या हैं?

आईटी और कंप्यूटर साइंस में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है –

सॉफ्टवेयर डेवलपर 

सॉफ्टवेयर डेवलपर वैसे आईटी और कंप्यूटर साइंस विशेषज्ञ होते हैं जिनका मुख्य काम सोफ्टवेयर का डेवलपमेंट करना होता है। ये विशेषज्ञ डिजाइन और कोडिंग, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का भी काम करते हैं।

हार्डवेयर इंजीनियर 

हार्डवेयर इंजीनियर कंप्यूटर के हार्डवेयर से रिलेटेड रिसर्च और डिजाइन का काम करते हैं। ये विशेषज्ञ कंप्यूटर हार्डवेयर के इंस्टालेशन की भी देख-रेख करते हैं, जो मुख्य रूप से कंप्यूटर चिप्स, सर्किट बोर्ड्स, सिस्टम्स, मॉडेम, कीबोर्ड, प्रिंटर्स इत्यादि से जुड़ा होता है।

सिस्टम डिजाइनर 

सिस्टम डिजाइनर का काम उस एक्सपर्ट के रूप में होता है, जो सिस्टम डिजाइन का काम करता है। यह दो प्रकार का होता है- लॉजिकल डिजाइनिंग और फिजिकल डिजाइनिंग। एक सिस्टम डिजाइनर पूरे सिस्टम की डिजाइनिंग और प्लानिंग करता है। इसके अतिरिक्त वह सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के उचित टेक्नोलॉजी का भी चयन करता है।

सिस्टम एनालिस्ट 

सिस्टम एनालिस्ट का मुख्य काम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का डेवलपमेंट करना होता है। वे किसी आर्गेनाइजेशन के कुशल संचालन के लिए भी रिस्पोंसिबल होता है। समस्याओं का अध्ययन करके उनके समाधान खोज निकालना सिस्टम एनालिस्ट के मुख्य कार्यों में आता है। इनका काम बिजनेस डेवलपमेंट टीम के साथ कोआर्डिनेशन भी करना होता है।

नेटवर्किंग इंजीनियर 

नेटवर्किंग इंजीनियर वैसे कंप्यूटर प्रोफेशनल्स होते हैं जो कंप्यूटर के नेटवर्क समस्याओं की पहचान करते हैं और उनका सल्यूशन निकालते हैं। वे कंप्यूटर नेटवर्क की डिजाइन भी करते हैं।

डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर 

डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर संस्था के डेटाबेस का डिजाइन करते हैं और उन्हें लागू भी करते हैं। वे डेटाबेस का मेंटेनेंस भी करते हैं। आईटी सेक्टर में ऐसे प्रोफेशनल्स को डेटाबेस कोआॅर्डिनेटर और डेटाबेस प्रोग्रामर भी कहा जाता है। कंप्यूटर साइंस टीचर्स

बीएड की डिग्री और लेक्चररशिप के लिए एंट्रेंस टेस्ट पास करने के साथ कंप्यूटर साइंस के एक्सपर्ट विभिन्न गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर के स्कूल और कॉलेज में टीचिंग फैकल्टी के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। वर्तमान में इन क्षेत्रों में सैलरी पैकेज काफी हाई होता है।

जॉब्स कहाँ-कहाँ अवेलेबल हैं? 

पब्लिक सेक्टर के साथ-साथ कंप्यूटर प्रोफेशनल्स को निम्न कॉरपोरेट कंपनियां रोजगार प्रदान करती हैं-

गूगल, याहू, हेवलेट-पैकार्ड, इंटरनेशनल बिजनस मशीन्स कारपोरेशन, तोशिबा कारपोरेशन, डेल इंक, इनफोसिस, एचसीएल, विप्रो, टेक महिंद्रा आदि।

 

प्रसिद्ध संस्थान 
  • -इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, कानपुर
  •  -इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
  • -इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मुंबई
  •  -इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली।
  • -इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मद्रास
  • -बीआईटी मेसरा, नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी त्रिची
  •  -दिल्ली कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग, दिल्ली, बिट्स पिलानी
  •  -आईआईटी रुड़की
  •  -आईटी बीएचयू
  • -कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग अन्ना यूनिवर्सिटी, जादवपुर यूनिवर्सिटी
  •  -फैकल्टी आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोलकाता
  •  -इंडियन स्कूल आॅफ माइंस, धनबाद

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