- बेगमपुल पर अवैध निर्माण का मामला
- रोहटा बाइपास स्थित शोभापुर पुलिस चौकी के पीछे निर्माणाधीन होटल पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बेगमपुल पर निर्माणाधीन अवैध निर्माण का संज्ञान कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. ने लिया तो अवकाश दे संडे में भी अवैध निर्माण पर सील लगाने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों की टीम पहुंच गई। इस बिल्डिंग पर सील लगा दी गई है। मनोज चौधरी समेत कई लोगों ने इस निर्माण की शिकायत की थी।
बेगमपुल स्थित एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान की तीसरी मंजिल पर लिंटर डालने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच कई दिनों से इसकी शिकायत प्राधिकरण के इंजीनियरों से की जा रही थी, लेकिन इसमें कोई कार्रवाई इंजीनियरों की तरफ से नहीं की गई। इसके बाद ही मनोज चौधरी ने ट्विटर पर कमिश्नर सेल्वा कुमारी को ट्वीट किया, जिसके बाद ही कमिश्नर ने संज्ञान लिया तो संडे के दिन ही मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम अवैध निर्माण पर को सील करने पहुंच गई।
फिलहाल इस व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर प्राधिकरण इंजीनियरों की तरफ से सील लगा दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां तो सील लगा दी, लेकिन रोहटा बाइपास स्थित शोभापुर पुलिस चौकी के ठीक पीछे दो बड़े होटलों का निर्माण चल रहा है। उनके खिलाफ प्राधिकरण इंजीनियरों की तरफ से कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
लापरवाही देखिए की इंजीनियर के दौरा करने के बाद भी रोहटा बाइपास पर इन दोनों होटल में और तेजी के साथ निर्माण शुरू कर दिया गया है, ताकि पुताई करा कर बिल्डिंग को पुरानी दर्शाया जा सके, लेकिन जो बिल्डिंग बनी है, वह ग्रीन बेल्ट में बना दी गई है। ग्रीन बेल्ट में कैसे बिल्डिंग का निर्माण हो गया? इसमें जवाब देह इंजीनियरों के खिलाफ क्या कमिश्नर स्तर से कोई कार्रवाई की जाएगी? यह बड़ा सवाल है।