जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला विस्फोट को अंजाम देने वाले आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर नबी का जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव स्थित घर प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया। ग्रामवासियों के अनुसार उमर बेहद अंतर्मुखी स्वभाव का था और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलता था। उसके गांव के अधिकतर लोग उसका नाम तक नहीं जानते थे।
अमर उजाला की टीम ने कोइल गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोग प्रारंभ में मीडिया से बातचीत के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन फोटो–वीडियो न लेने के अनुरोध पर कुछ लोग सामने आए।
“बचपन से देखा, पर कभी बाजार में घूमते नहीं देखा”—ग्रामीण
गांव के एक किराना दुकानदार मोहम्मद शफी ने बताया कि उमर बचपन से चुपचाप रहता था। उन्होंने कहा “उसे कभी भी इलाके के लड़कों की तरह बाजारों में घूमते नहीं देखा।” “वह पांचों वक्त की नमाज पढ़ता था, वह भी घर पर ही।” “लोगों से बहुत कम बातचीत करता था।” उमर के दिल्ली विस्फोट में शामिल होने की खबर से ग्रामीण दंग रह गए।
एक अन्य स्थानीय निवासी बशीर अहमद ने बताया कि गांव के लगभग एक लाख की आबादी में मुश्किल से 1500 लोग ही उसे पहचानते थे, और उमर इन 1500 लोगों को भी नहीं जानता था।
संकरी गलियों में उमर का घर, परिवार की मांग—‘पूरी जांच हो’
संकरी गलियों से गुजरकर पत्रकार जब उमर के टूटे घर पहुंचे, तो वहां लोगों का आना-जाना लगा हुआ था। एक स्थानीय युवक आबिद (बदला हुआ नाम) ने कहा “परिवार में कोई भी ऐसा नहीं था। अगर उमर ने किया है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।” विस्फोट में शामिल कार की खरीद–फरोख्त से जुड़े तीन लोग हिरासत में। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विस्फोट में इस्तेमाल कार से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर संबूरा पुलवामा के आमिर रशीद मीर का एक फोटो कार के साथ वायरल हुआ, लेकिन परिवार ने दावा किया कि कार उसकी नहीं है। वह पेशे से प्लम्बर है।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर, उमर था घर का इकलौता कमाने वाला
उमर के पिता गुलाम नबी भट (पूर्व शिक्षक) ने बताया कि नौकरी छूटने के बाद परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गया था और घर में उमर ही एकमात्र कमाने वाला था। दूसरा बेटा एमए पास है, लेकिन प्लम्बिंग का छोटा-मोटा काम करता है।
भट ने बताया कि उमर ज्यादा लोगों से मेलजोल नहीं रखता था और घर पर ही रहना पसंद करता था।
कई एजेंसियों की आवाजाही, पूछताछ केवल J&K पुलिस ने की
गुलाम नबी के अनुसार, पिछले दो दिनों में घर पर कई एजेंसियों ने छापेमारी की। हालांकि पूछताछ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ही की। डॉ. उमर ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एमडी किया था और जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट रह चुका था। बाद में वह अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर था।
दो महीने पहले हुई थी मंगनी, पिता बोले—“यकीन नहीं हो रहा”
उमर के पिता ने बताया कि उसकी दो महीने पहले ही श्रीनगर में मंगनी हुई थी। दिल्ली विस्फोट के बाद पहले छापा उमर की ससुराल में पड़ा, फिर उनके घर पर।
उन्होंने कहा “हमने सोचा कोई छोटी बात होगी, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बल जब घर आए तो समझ आया मामला गंभीर है।”
धमाके के बाद मिला सिर्फ पैर का पंजा और मांस के टुकड़े
जांच में खुलासा हुआ कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उमर का शरीर लगभग पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मौके से केवल एक पैर का पंजा,इंजन के पुर्जों से चिपके मांस के कुछ टुकड़े ही बरामद हुए। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि मरने वाला व्यक्ति वही डॉ. उमर नबी था। पुलिस का अनुमान है कि अन्य अंग दूर जा गिरे होंगे जिन्हें पक्षियों या जानवरों ने खा लिया।
विस्फोटक कार की पीछे की सीट पर रखा गया था
जांच एजेंसियों ने प्राथमिक जांच में पाया है कि विस्फोटक कार के पीछे की सीट पर रखा गया था, जिससे धमाका अत्यधिक शक्तिशाली हुआ।
कोइल गांव सन्नाटे में डूबा, जांच जारी
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और सदमे का माहौल है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।

