- सेंट जोजफ इंटर कॉलेज के बाहर कई फीट गहरा गड्डा हुआ
- कॉलेज की दीवार भी गिरी, एनसीआरटीसी फौरन हरकत में आई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिड रेल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। काम भी काफी तेज गति से चल रहा है। इसके प्रायोरिटी सेक्शन में ट्रेन दौड़ाने की तैयारी भी अपने अन्तिम चरण में है। प्रायोरिटी सेक्शन के 17 किमी लम्बे मार्ग पर लगभग 12 किलोमीटर ट्रैक भी बिछ चुका है।
इन सब के बीच बेफिक्र एनसीआरटीसी अधिकारी उस समय अचानक हरकत में आ गए जब उन्हें पता चला कि बेगमपुल के पास सेंट जोजफ इंटर कॉलेज के बाहर रैपिड के निर्माण कार्यों के चलते जमीन का कुछ हिस्सा ध्ांस गया और कॉलेज की दीवार भी गिर गई।

ऐसे में नौनिहालों की जान को जोखिम हो सकता है। हालांकि कई दिनों से स्कूल बंद है, लेकिन भविष्य में स्कूल की बिल्डिंग को भी खतरा पैदा हो गया है। इस स्कूल में करीब तीन हजार बच्चे पढ़ते हैं। उसको देखते हुए एनसीआरटीसी को विशेष तौर पर सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे।
दरअसल, इस समय मेरठ में पिछले काफी समय से बारिश का दौर चल रहा है। इसके चलते जमीन भी काफी पानी सोख चुकी है और मिट्टी में काफी हद तक नमी है। उधर, रैपिड की सुरंग बनाने का काम भी तेजी के साथ चल रहा है। रविवार को सेंट जोजफ इंटर कॉलेज के सामने जमीन धंसना तो जांच का विषय है,
लेकिन लोगों में इस बात को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई कि कहीं सुरंग की खुदाई से इलाके को कोई खतरा तो नहीं है। हालांकि एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने साफ किया है कि यहां स्थिति पूरी तरह अंडर कंट्रोल है और क्षेत्रीय लोगों को किसी भी तरह की कोई आशंका नहीं पालनी चाहिए।

क्योंकि एनसीआरटीसी की पूरी टीम हमेशा हर बिन्दू की बारीकी से मॉनिटिरिंग करती है। अधिकारियों के अनुसार पूरी टीम तकनीक में बहुत आगे है। इसलिए एक एक बिन्दू पर बारीकी से फोकस होता है। उधर, जमीन धंसने व दीवार गिरने से क्षेत्र के लोगों में तरह तरह की चर्चाओं के बीच एनसीआरटीसी ने फिर साफ किया है कि दिल्ली काफी पुराना शहर है,
लेकिन वहां भी अंडर ग्राउंड टेÑनें चल रही हैं और कहीं कोई दिक्कत नहीं आई लिहाजा मेरठ के लोगों को किसी भी तरह की कोई आशंका अपने दिल में पैदा नहीं करनी चाहिए। कुछ दिन पूर्व जब फैज-ए-आम इंटर कॉलेज के इर्द-गिर्द सुरंग की खुदाई का काम किया जा रहा था। तब भी नादिर अली बिल्डिंग व फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में बड़ी बड़ी दरारों की शिकायतें मिली थीं।

