
संसद में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के लिए एक शब्द इस्तेमाल किया-मिसोजिनिस्टिक, यानी जिसमें मिसोजिनी यानी स्त्री द्वेष हो। उन्हें शायद इसका मतलब नहीं पता। संघ जो अपनी शाखाओं में और संगठन में महिलाओं का प्रवेश रोकता है, बजरंग दल जो महिलाओं को पार्क की बेंच पर किसी लड़के के साथ देख बेइज्जत करता है उससे ज्यादा मिसोजिनिस्टिक कोई नहीं। खैर, यह शब्द फेमिनिस्ट डिस्कोर्स और बात-चीत में इस्तेमाल होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि फेमिनिज्म को कोई स्मृति ईरानी की तरह अपनी आड़ बनाकर जबरन विक्टिम दिखा सकता है खुद को। एक पॉवरफुल पोजीशन पर होकर वह महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न पर एकदम चुप रहीं।