Sunday, March 8, 2026
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भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक मची है लूट: अखिलेश यादव

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़कें हैं। सड़कों की बदहाली में भी उत्तर प्रदेश अव्वल हो गया है। खुद सरकारी आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं होती है और सैकड़ों लोगों की जाने चली जाती हैं।

मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की सत्ता में पिछले साढ़े पांच साल से काबिज है। उत्तर प्रदेश में गड्ढे भरने की तारीख पर तारीख दे रहे है पर अब तक तो कुछ हुआ नहीं और न कोई उनकी सुनता है और न कोई उन पर अमल करता है। गड्ढे भरने के लिए कई बार हजारों करोड़ रूपये का बजट तो जारी हुआ पर बंदरबांट में इसकी धनराशि किस गड्ढे में चली गई, निष्पक्ष जांच से ही शायद कभी पता लग सकेगा।

सच तो यह है कि भाजपा सरकार की गड्ढा मुक्त करने की योजना भ्रष्टाचार की योजना मात्र है। भाजपा सरकार में गड्ढा मुक्त सड़कों का हो हल्ला कई बार मचा, नतीजा कुछ नहीं निकला, उल्टे विभागीय मंत्री जी ही बदल गए। फिर मुख्यमंत्री जी ने इसकी कमान सम्हाली और एक नए मंत्री जी ने भी कई बार घोषणाएं कर गड्ढा मुक्त सड़कें होने की 15 नवम्बर 2022 अंतिम तिथि बताई। लक्ष्य से कोसों दूर सिर्फ और सिर्फ झूठी बयानबाजी से ही भाजपा सरकार काम चलाने का जौहर दिखा रही है।

भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार और लूट मची है। पुल और सड़कों के निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर काम करने का नतीजा है कि सड़कें बनते ही टूटने लगती है। पिछले दिनों पीडब्लूडी मंत्री जी के खुरचते ही कानपुर में 34 करोड़ की लागत से बनी सड़क की लेबल उखड़ गई और मिट्टी निकल आई। ऐसी घटनाएं और भी सामने आई है। वर्ष 2017 में सोनभद्र में 22 सड़कें गड्ढा मुक्त करने के नाम पर 2.25 करोड़ रूपए हड़प लिए गए।

राजधानी क्षेत्र की सड़कों के गड्ढे भी भाजपा राज का नायाब तोहफा है। और तो और लखनऊ में राजभवन और मुख्यमंत्री आवास के पास ही विक्रमादित्य मार्ग की दशा इतनी खराब है कि वहां कभी न कभी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकते है। इस सड़क पर लोरेटों स्कूल भी है, और उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों के आवास भी हैं।

भाजपा राज में जहां हर स्तर पर निर्माणकार्यों में घोटाला हुआ है वहीं समाजवादी पार्टी की सरकार में बने पुल और एक्सप्रेस-वे अपनी गुणवत्ता की वजह से आज भी उदाहरण बने हुए हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण सिर्फ 21 महीने में मानकों के अनुसार हुआ जिस वजह से उस पर वायुसेना के युद्धक और माल वाहक विमान उतारे जा सके।
उत्तर प्रदेश में जो हालात है उनको देखते हुए ऐसा लगता है कि अगले पांच साल में भी सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं होंगी। लोगों को गुमराह करने के लिए ही भाजपा वादे करती है। बाद में उन वादों को भाजपा जुमला बताती है। जनता सब समझ गई है, भाजपा की झूठ की हांडी अब कभी नहीं चढ़ेगी।

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