- अल्जाइमर से खत्म हो जाती है मनुष्य की याददाश्त, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज में शनिवार को न्यूरोलॉजी विभाग में विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में न्यूरो विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अल्जाइमर से लोगों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर से मनुष्य की याद्दाश्त खत्म हो जाती है, मनुष्य अपने आपको भी भूल जाता है। इससे बचने के लिए सोने से एक घंटा पहले मोबाइल को बंद कर देना चाहिए और कम से कम आठ नौ घंटा नींद लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा. आरसी गुप्ता ने कहा कि हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है. ये दिन लोगों को अल्जाइमर बीमारी के प्रति जागरूक करने का दिन है। अल्जाइमर की समस्या वैसे तो ज्यादातर बुजुर्गों को होती है, लेकिन अब ये कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है।
अल्जाइमर के लक्षण आमतौर पर सामान्य होते हैं, जिससे आमजन इस रोग को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज न कराया जाए तो धीरे-धीरे स्थिति गंभीर हो सकती है। यूरो फिजिशियन डॉ. दीपिका सागर ने कहा कि अल्जाइमर में दिमाग के अंदर सिकुड़न पैदा हो जाती है। यह प्रोटीन का बना होता है, धीरे-धीरे गलत प्रोटीन बनने लगता है, जिससे जीन में बदलाव शुरू हो जाता है और याददाश्त वाली कोशिकाएं निष्क्रिय होने लगती हैं।
सोचने एवं समझने की शक्ति कमजोर होने लगती है। इस प्रारंभिक अवस्था को मेडिकल साइंस में मिनिमल कॉग्निटिव इंपेयरमेंट कहते हैं। यदि इस प्रकार के मरीज को उपचार नहीं मिलता है तो यही अवस्था डिमेंशिया में बदल जाती है। डिमेंशिया अल्जाइमर बीमारी के प्रमुख लक्षणों में से एक है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से संबंधित जांच, इलाज आदि मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। विभाग के न्यूरो फिजिशियन डा. अंकित गुप्ता ने बताया कि इस बीमारी में मानसिक क्षमता की हानि होती है व याददाश्त खत्म हो जाती है।
यदि समय पर इलाज न किया जाए तो लोग भविष्य में खुद को भी भूल जाते हैं। इस बीमारी में हर वक्त, असमंजस, चिड़चिड़ापन, नींद में कमी, पुरानी चीजों को भूल जाना, नाम व पता भूल जाना आदि प्रमुख लक्षण हैं। इस बीमारी से बचने के लिए रात में सोने से एक घंटे पहले मोबाइल बंद कर देना चाहिए, सोते वक्त मोबाइल आसपास नहीं रखना चाहिए, तनाव मुक्त होकर काम से कम 8 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, प्रतिदिन सुबह खुले वातावरण में कम से कम आधा घंटा टहलना चाहिए, जंक फूड आदि का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। रोजाना व्यायाम करना चाहिए।

