जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सिंघु और टीकरी बॉर्डर से किसानों की घर वापसी के बाद रविवार दोपहर से दोनों बॉर्डर वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिए जाएंगे।
वहीं, पुलिस किसानों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि गाजीपुर बॉर्डर को 14 दिसंबर की शाम या 15 की सुबह वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। वैसे दिल्ली की सीमाओं से अधिकांश किसान अपने घर का रुख कर चुके हैं।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पुलिस बॉर्डर के आसपास के रास्तों पर लगाए गए सभी बेरिकेड को हटा रही है।
इसमें कंक्रीट और लोहे के कटीले तार के बैरिकेड शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की सड़क से सभी तरह के बैरिकेड हटाने के बाद रविवार दोपहर तक बॉर्डर को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि किसान घरों की ओर रवाना हो गए हैं। पुलिस सड़कों पर लगाए गए बैरिकेड को हटवा रही है। सड़कों की मरम्मत का काम भी चल रहा है और उम्मीद है कि सुबह दस बजे के बाद बॉर्डर को खोल दिया जाएगा।
दिनभर चलता रहा कील और कटीले तार हटाने का काम
धरना खत्म करने की घोषणा के बाद दोनों बॉर्डरों से शनिवार को पूरे दिन किसान यहां से जाते दिखाई दिए। किसानों की संख्या कम होते ही पुलिस ने भी बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
शनिवार को सड़क के एक तरफ बनाए गए सीमेंट बैरियर, सड़क पर लगाई गई कील व कटीले तार को हटाने का काम दिनभर चलता रहा। इसके लिए मजदूरों और जेसीबी मशीन से मदद ली जा रही है।
पुलिस ने अपने रहने के लिए बनाए गए अस्थायी ढांचा को भी हटा रही है। अक्तूबर माह में टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर एक कैरिजवे पर पैदल व बाइक सवारों की आवाजाही के लिए पांच फुट का रास्ता खोला गया था।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों ने 13 दिसंबर तक खाली करने का समय मांगा है। उम्मीद है कि सारे बैरिकेड हटाने के बाद 14 दिसंबर की शाम या फिर 15 दिसंबर की सुबह से बॉर्डर को खोल दिया जाएगा।

