जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश के बुनकरों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जायेगा। वह बुनकर जो अन्य किसी योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे है, उन बुनकरों को राज्य सरकार अपने संसाधनों से बीमा की सुविधा उपलब्ध करायेगी। साथ ही बुनकरों को उनकी पुत्री के विवाह हेतु वित्तीय मदद मिलेगी और बुनकरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति भी दी जायेगी। श्री सचान ने यह घोषणा मंगलवार को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में की है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तर के 12 एवं परिक्षेत्रों से 39, कुल 51 बुनकरों को नकद धनराशि, शील्ड, अंगवस्त्र व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया।
राकेश सचान ने कहा कि बुनकरों द्वारा सदियों पुरानी कला को संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। हथकरघा उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। इस उद्योग में रोजगार की सबसे ज्यादा संभावनाएं है। यूपी को एक ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाने में बुनकरों का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि बुनकरों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य मिले इसके लिए ई-कामर्स प्लेटफार्म से उनको जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ बुनकरों को आसानी से मिले इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।
अपर मुख्य सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग डा. नवनीत सहगल ने कहा कि राज्य सरकार प्राचीन कला और पारंपरिक हुनर को तेजी से आगे बढ़ा रही है। पारंपरिक हुनर का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है। इसके फलस्वरूप वर्ष 2017 में जहां प्रदेश से निर्यात 88 हजार करोड़ था, वहीं 2022 में बढ़कर एक लाख 56 हजार करोड़ हो गया है। इसमें एक जिला-एक उत्पाद की लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
उन्होंने कहा कि बुनकरों के उत्पादों की बिक्री के लिए अमेजन एवं फ्लिपकार्ट के साथ एमओयू किया गया है। इस समझौते के तहत बुनकर घर बैठे अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगें। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित कर उनके उत्कृष्ट कार्यो को मान्यता देकर उनके उत्पादोें में पारस्परिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा जन-मानस में हथकरघा उत्पादों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना संचालित है।

