जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर व्रत रखती हैं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक हरियाली तीज का व्रत करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और सौहार्द बना रहता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में हरियाली तीज कब मनाई जाएगी, शुभ मुहूर्त क्या हैं और इस दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए।
हरियाली तीज 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में तृतीया तिथि का आरंभ 14 अगस्त, शुक्रवार को शाम 6:46 बजे होगा और इसका समापन 15 अगस्त, शनिवार को शाम 5:28 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा।
हरियाली तीज 2026 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 बजे से 05:35 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से 01:08 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:51 बजे से 03:42 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:06 बजे से 07:29 बजे तक
अमृत काल: रात 08:18 बजे से 09:53 बजे तक
हरियाली तीज 2026 चौघड़िया मुहूर्त
शुभ: सुबह 07:55 बजे से 09:31 बजे तक
चर: दोपहर 12:43 बजे से 02:19 बजे तक
लाभ: दोपहर 02:19 बजे से 03:55 बजे तक
अमृत: दोपहर 03:55 बजे से 05:30 बजे तक
हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं, झूला झूलती हैं और सावन के गीत गाकर उत्सव का आनंद लेती हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से हरियाली तीज का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है।
हरियाली तीज व्रत के नियम
- व्रत के दिन हरे और लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
- काले, सफेद और भूरे रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
- कई स्थानों पर निर्जला व्रत रखने की परंपरा है।
- पूजा में मायके से प्राप्त श्रृंगार और पूजन सामग्री का उपयोग करना शुभ माना जाता है।
- व्रत का पारण निर्धारित शुभ समय के बाद ही करें।
- व्रत के दिन क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- रात्रि में शिव-पार्वती के भजन-कीर्तन और जागरण का भी विशेष महत्व माना गया है।
क्या है इस पर्व की खास परंपरा?
हरियाली तीज से एक दिन पहले मायके की ओर से विवाहित बेटियों को श्रृंगार का सामान, नए वस्त्र, फल, घेवर और मिठाइयां भेजने की परंपरा है। इसे प्रेम, स्नेह और परिवार के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि हरियाली तीज केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने वाला उत्सव भी है।

