
नीतू गुप्ता |
40 वर्ष की उम्र के बाद आजकल अधिकतर लोगों को कोई न कोई दवा लेनी ही पड़ती है। बहुत से लोग दवा कब लेनी चाहिए, इस बारे में नहीं जानते बस जब याद आया, दवा ले ली। अध्ययनकताओं के अनुसार गलत समयपर दवा लेने से उसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो जाता है। सही समय पर दवा लेने से प्रभाव ठीक पड़ता है, क्योंकि हमारे विभिन्न अंग अलग अलग समय पर सक्रिय होते हैं। अगर आप भी कोई नियमित दवा ले रहे हैं तो अपने डाक्टर से उस दवा लेने का समय जानें। कुछ दवाओं को लेने के सही समय बताए जा रहे हैं।
कोलेस्ट्राल की दवा : लिवर में कोलेस्ट्रॉल की बढ़ोत्तरी दोपहर की तुलना में रात में ज्यादा होती है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल की दवा का सेवन रात्रि में लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इस दवा का सेवन रात्रि में सोने से पहले करें।
एलर्जी और डिप्रेशन की दवा : एलर्जी और डिप्रेशन की दवा लेने से नींद अधिक आती है। अगर इसे दिन में लिया जाए तो काम करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए डिप्रेशन और एलर्जी की दवा का सेवन रात्रि में करना बेहतर होता है।
हाई ब्लड प्रेशर की दवा : हाल ही में हुई रिसर्च के अनुसार स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा सोते समय अधिक होता है। 50-55 साल से बड़े लोगों के रात्रि में सोने के बाद भी ब्लड प्रेशर में गिरावट नहीं आती। युवावस्था में रात्रि में सोने के बाद 10 से 20 प्रतिशत तक ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर की दवा रात्रि में सोने से पहले खाने से स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा 33 प्रतिशत कम होता है। हाई बीपी की दवा लेने के बाद आर्टरीज को आराम मिलता है इसलिए रात्रि में दवा लेना बेहतर है।
अल्सर की दवा : अल्सर के लक्षण अक्सर प्रात:काल में ज्यादा देखने को मिलते हैं। अगर हम रात्रि में अल्सर की दवा लें तो यह ज्यादा प्रभावकारी होती है। दिन में पेट में एसिड का लेवल ऊपर नीचे होता रहता है। रात्रि में 10 बजे के आसपास एंटी- अल्सर दवा का सेवन लाभप्रद होता है।
आस्टियोआर्थराइटिस की दवा : शोधकर्ताओं के अनुसार आस्टियोआर्थराइटिस का दर्द शुरू होने से 6 घंटे पूर्व दवा का सेवन लाभ पहुंचाता है। इस रोग में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग समय पर दर्द होता है। अगर आपको रात्रि में दर्द होता है तो दोपहर को दवा लें, अगर दोपहर में दर्द होता है तो प्रात: नाश्ते के तुरंत बाद दवा लें।
रूमेटाइड आर्थराइटिस की दवा : अध्ययन कर्ताओं के अनुसार अधिकतर लोगों को रूमेटाइड आर्थराइटिस प्रात: के समय अधिक तकलीफ होती है। इसलिए दवा का सेवन शाम के समय करें तो दर्द बढ़ने की प्रक्रि या पर काबू पाया जा सकता है।
हाट बर्न की दवा : एसिड कम करने वाली दवा रात्रि के खाने से 30 मिनट पहले खानी चाहिए, ताकि रात्रि में एसिड न बने। अधिकतर हार्ट बर्न की समस्या रात्रि में सोते समय होती है क्योंकि उस समय हमारे पेट में एसिड ज्यादा बनता है।


