Monday, June 17, 2024
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अयोध्या में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को मिली मंजूरी

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जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: अयोध्या में भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। अगले साल के प्रथम माह में इसका लोकार्पण प्रस्तावित है। निश्चित तौर पर मंदिर के आम लोगों के लिए खुल जाने पर यहां पर्यटकों का आगमन बढ़ना तय है। प्रदेश सरकार का अनुमान है कि मंदिर खुलने के साथ ही न सिर्फ प्रदेश से बल्कि पूरे देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा।

ऐसे में योगी सरकार की मंत्रिपरिषद ने अयोध्या में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए सरकार कुल मिलाकर 465 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी। इसके अंतर्गत एनएच 27 से नया घाट पुराने पुल तक धर्मपथ के 2 किमी. तक चौड़ीकरण विस्तारीकरण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसमें 65 करोड़ का खर्च आएगा। वहीं, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग 9.02 किलोमीटर के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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इसके अलावा अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग 23.943 किमी को फोर लेन में परिवर्तित करने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग में सुग्रीव का किला, अशर्फी भवन, देवकली छोटी, नागेश्वर धाम, स्वयं वेश्वर नाथ, दंतधावन कुंड, जानकी कुंड, मौनी बाबा आश्रम, सीता कुंड, दशरथ कुंड में फ्लोरिंग, टॉयलेट, विश्राम घर, चारदीवारी, गेट, साइनेज, स्तंभ, हॉर्टिकल्चर, विद्युतीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने इसके प्रस्ताव को स्वीकृत किया है।

अयोध्या के अलावा मंत्रिपरिषद ने रायबरेली में एम्स के निर्माण को देखते हुए यहां रायबरेली डलमऊ फतेहपुर मार्ग को 700 मीटर तक फोर लेन में परिवर्तित करने का भी निर्णय लिया है। ऐसा एम्स के लिए कनेक्टिविटी को दुरुस्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश विधान सभा एवं विधान परिषद के वर्तमान सत्र का सत्रावसान तात्कालिक प्रभाव से करा दिए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

चार विश्वविद्यालयों को आशय पत्र जारी

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए निजी विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित कर रही है। मंत्रिपरिषद की बैठक में चार नए विश्वविद्यालयों को आशय पत्र निर्गत करने का निर्णय लिया गया है। इन विश्वविद्यालयों में वरुण अर्जुन विश्वविद्यालय शाहजहांपुर, टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय लखनऊ, फारुख हुसैन विश्वविद्यालय आगरा और विवेक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय बिजनौर शामिल हैं।

नए निजी विश्वविद्यालयों को आशय पत्र जारी करने का उद्देश्य शिक्षा का स्तर सुधारने और उत्तम शिक्षा प्रदान करना है। निजी विश्वविद्यालय 2019 के अंतर्गत नियम 14 के तहत उच्च समिति इस पूरे मामले को देखती है। समिति सभी प्रावधानों को देखने के बाद इसे मंत्रिपरिषद के पास भेजती है। आशय पत्र जारी होने के बाद दो साल के अंदर इन विश्वविद्यालयों को सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

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मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व की हवाई पट्टियों एवं वहां पर अन्य परिसम्पत्तियों को निजी संस्थाओं द्वारा उड्डयन क्षेत्र में प्रशिक्षण व अन्य गतिविधियां संचालित करने के लिए अनुमति दिए जाने के सम्बन्ध में प्रख्यापित नीति दिनांक 18 अगस्त 2021 को अवक्रमित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की हवाई पट्टियों के उपयोग हेतु नीति, 2023 को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

नागरिक उड्डयन विभाग धनीपुर अलीगढ़, सैफई इटावा, रसूलाबाद कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, आजमगढ़, अकबरपुर अम्बेडकरनगर, अमहट सुल्तानपुर, अन्धऊ गाजीपुर, पलिया खीरी, चित्रकूट, म्योरपुर सोनभद्र, झाँसी, ललितपुर, मेरठ, मुरादाबाद तथा अयोध्या जनपदों में स्थित कुल 17 हवाई पट्टियों तथा उन पर निर्मित परिसम्पत्तियों हैंगर, भवन आदि को उड्डयन क्षेत्र में उड़ान प्रशिक्षण संस्थान, एमआरओ, एएमई प्रशिक्षण एवं टेस्ट बेड तथा एयरो स्पोर्ट्स मास्टर कन्सैशनेयर सहित अन्य विमानन सहायक गतिविधियां एवं सेवाएं संचालित करने के लिए चयनित निजी संस्थाओं फ्लाईंग क्लब या एकेडमी द्वारा उपयोग करने हेतु अनुमति प्रदान कर सकता है।

फ्लाईट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए निजी संस्था को हवाई पट्टी के उपयोग की अनुमति 20 वर्षों के लिए अस्थाई तौर पर दी जाएगी, जिसे 10 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

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ई-पाॅस मशीनों की स्थापना के लिए होगा टेंडर

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की उचित दर दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन सहित ई-पाॅस मशीनों की स्थापना एवं संचालन के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर संस्थाओं के चयन के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रदेश में समस्त उचित दर दुकानों में 5 वर्षों के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर पर आधारित बीओओ आधारित माॅडल पर ई-पाॅस मशीनों की स्थापना की गयी थी, जिसकी अनुबंध अवधि, 2023 में समाप्त हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन सहित ई-पाॅस मशीनों की स्थापना व संचालन के लिए ई-टेण्डर की कार्यवाही की जानी है। इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन सहित ई-पाॅस मशीनों की स्थापना एवं संचालन के लिए आरएफपी तैयार करने तथा टेण्डर फ्लोट किए जाने के लिए यूपी डेस्को को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कार्यदायी संस्था द्वारा तैयार आरएफपी पर मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रस्तावित है। तैयार आरएफपी के आधार पर प्री-बिड आमंत्रित की जाएगी। प्री-बिड में प्राप्त बिडर्स के सुझावों के आलोक में आरएफपी को अंतिम रूप देते हुए, ई-टेण्डर की कार्यवाही की जाएगी।

यथावत रहेगा अभियोजन निदेशालय

मंत्रिपरिषद ने कार्यालय ज्ञाप संख्या-7202/8-9-31(91)-79 दिनांक 27 नवम्बर, 1980 के अन्तर्गत गठित अभियोजन निदेशालय को राज्य में यथावत प्रवृत्त रखने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के लागू होने के बाद प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन की दृष्टि से प्रदेश में एक स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय की स्थापना गृह पुलिस अनुभाग-9 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-7202/8-9-31(91)-79 दिनांक 27 नवम्बर, 1980 के माध्यम से अभियोजन निदेशालय का गठन किया गया तथा अभियोजन निदेशक के रूप में पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी की नियुक्ति अभियोजन निदेशक के रूप में की गयी। वर्ष 2005 में संसद द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 में एक नई धारा-25 (ए) अंतः स्थापित करते हुए सम्पूर्ण राज्य के अभियोजकों के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण हेतु अभियोजन निदेशालय का गठन करने सम्बन्धी कतिपय प्राविधान किया गया।

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