Tuesday, April 21, 2026
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लेखकों को होने वाली आम बीमारी राइटर्स क्रैम्प

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एक नवोदित लेखक कुमार रमेश के लेखन छोड़ देने की बात सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ। एक दिन अचानक मुलाकात होने पर उसने बताया कि वह हाथ के कम्पन की वजह से काफी परेशान है। जब भी वह कुछ लिखना चाहता है, उसके हाथ कांपने लगते हैं। उंगलियों में तनाव व दर्द होने लगता है। काफी इलाज करवाया पर कोई फायदा नहीं हुआ। अब दूसरे हाथ से लिखने की कोशिश कर रहा है।

राइटर्स क्रैम्प यानी हाथों का कम्पन लेखकों को होने वाली आम बीमारी है। लेखकों के अलावा जो अधिक देर तक उंगलियों से काम करते रहते हैं जैसे टाइपिस्ट, स्टेनो, एकाउन्टेंट आदि व्यक्तियों को भी यही बीमारी हो जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ लिखते वक्त ही हाथों में कम्पन व दर्द हुआ करता है।

दाढ़ी बनाने, कपड़ा पहनने, साइकिल या मोटर साइकिल चलाने, खाना बनाने आदि के समय हाथों में कम्पन या दर्द नहीं होता। हाथों में कम्पन व दर्द की वजह से लेखक ठीक से लिख नहीं पाता। यदि वह लिखने की कोशिश करता है तो और अधिक दर्द व परेशानी शुरू होने लगती है।

इस बीमारी के कारण के बारे में कहा जाता है कि लगातार एक ही तरह से उंगलियों से अधिक देर तक कार्य करने से उंगलियों पर अधिक जोर तथा दिमाग पर लगातार तनाव की वजह से उंगलियों में कम्पन व दर्द शुरू हो जाता है। उंगलियों की पैन पर पकड़ कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में लेखक ठीक तरह से लिख नहीं पाता। अक्षर टेढे़-मेढ़े हो जाते हैं। नई खोज में यह पता चला है कि पार्किन्सन और गर्दन व रीढ़ की हड्डी की बीमारी की वजह से भी लिखते समय हाथ में कम्पन होता है।

यदि इस रोग की शुरुआत में ध्यान दिया जाये तो रोग पर काबू पाया जा सकता है अन्यथा डॉक्टर दूसरे हाथ से लिखने की सलाह देते हैं। किसी को हाथ के कम्पन के लक्षण दिखायी देते ही इसका इलाज शुरू कर देना चाहिये। अपने कार्य जैसे (लेखन, टाइपराइटर चलाना आदि को कुछ दिनों के लिए विश्राम देना चाहिए। लेखक को चाहिए कि लगातार लेखन न करके कुछ-कुछ समय के लिए उंगलियों को विश्राम देना चाहिए। विश्राम के समय हाथों व उंगलियों का व्यायाम करें।

व्यायाम के लिये मुट्ठी को बंद करें, फिर खोलें। यह विधि जल्दी-जल्दी 20-25 बार करें। इसके बाद मुट्ठी बंद कर कलाई को चारों ओर दायें-बायें, बायें-दायें घुमायें। यह विधि 10-15 बार करें। हाथ को पंखे की तरह ऊपर से नीचे, नीचे से ऊपर की ओर घुमायें। यह विधि 10-15 बार करें। अन्त में दूसरे हाथ से लिखने वाले हाथ के पंजे को हल्का-हल्का दबायें। ऐसा करने पर हाथ की उंगलियों को राहत मिलेगी।

होम्पोपैथी के प्रसिद्ध डॉक्टर बीसी राय ने इस बीमारी की चिकित्सा के बारे में कुछ दवाइयों का उल्लेख किया है। लक्षण के अनुसार उन्होंने कुछ दवा इस्तेमाल के लिये लिखी हैं। यदि लिखने में उंगलियां सरक जाती है तो स्टैनम मेटालिकम, लेखकों की उंगलियों के कांपने में अर्जेन्ट मेटालिकम, लिखने व गिलास अथवा कोई वस्तु पकड़ने में असमर्थता तथा हाथ के कांपने में लोलियम टेमुलेण्टम तथा दाहिना अंगूठा व तर्जनी में आपेक्षिक संकुचन होने पर साइक्लैमेन यूरोपियन दवा लेने को लिखा है। अंत में उन्होंने लिखा है कि प्राय: यह रोग ठीक नहीं होता अथवा विलम्ब से होता है, इस कारण दूसरे हाथ से लिखने का अभ्यास करना चाहिए।

    एमके मजूमदार


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